Rajasthan
खेतों की बेकार घास बनी कमाई का जरिया, देसी फर्नीचर और झोपड़ियां बनाकर लोग कमा रहे मुनाफा

प्राकृतिक घास बनी ग्रामीणों की आमदनी का जरिया, देसी प्रोडक्ट की जबरदस्त डिमांड
भरतपुर के खाली मैदानों में उगने वाली खास खरपतवार अब ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय का नया साधन बन गई है. यह घास बिना देखभाल के एक से डेढ़ महीने में तैयार हो जाती है और हल्की, मजबूत व टिकाऊ होती है. ग्रामीण कारीगर इसे काटकर सुखाते हैं और मूंडे, चौकियां, टेबल, टोकरियां जैसी घरेलू और देसी फर्नीचर सामग्री बनाते हैं. बाजार में प्लास्टिक और केमिकल सामान की जगह अब प्राकृतिक आइटम की मांग बढ़ रही है. यह घास किसानों को दोहरा लाभ देती है.
homevideos
प्राकृतिक घास बनी ग्रामीणों की आमदनी का जरिया, देसी प्रोडक्ट की जबरदस्त डिमांड




