दादी-नानी के नुस्खे से जोड़ों का दर्द होगा छूमंतर, बघेलखंड के बुजुर्गों का आजमाया हुआ ये देसी तेल – Madhya Pradesh News

Last Updated:January 04, 2026, 00:07 IST
Satna News: इस घरेलू बघेलखंडी औषधीय तेल को बनाना भी बहुत आसान है. सबसे पहले लहसुन की कुछ कलियां लें और उन्हें अच्छी तरह से कूट लें. इसके बाद मेथी और कलौंजी के दानों को तैयार रखें. अब इन तीनों चीजों को सरसों के तेल में डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें.
सतना. ठंड का मौसम आते ही जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों की अकड़न और कमर–घुटनों की समस्या कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है. खासतौर पर बुजुर्गों को इस मौसम में उठना-बैठना तक मुश्किल हो जाता है. ऐसे में दवाइयों पर निर्भरता बढ़ जाती है लेकिन बघेलखंड क्षेत्र में आज भी एक ऐसा देसी घरेलू औषधीय तेल इस्तेमाल किया जाता है, जो पीढ़ियों से लोगों को दर्द से राहत दिलाता आ रहा है. स्थानीय लोग मानते हैं कि सही तरीके से इस दादी-नानी के नुस्खे वाले तेल से मालिश करने पर दर्द में तेजी से आराम मिलता है और शरीर में गर्माहट भी बनी रहती है.
लोकल 18 से बातचीत में बघेलखंड निवासी उर्मिला मिश्रा बताती हैं कि पुराने समय में जब आधुनिक दवाइयां आसानी से उपलब्ध नहीं थीं, तब लोग इसी देसी तेल के सहारे अपने जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द का इलाज करते थे. उनका कहना है कि हाथ-पैर, कमर, घुटनों और कंधों में होने वाली जकड़न के लिए यह तेल बेहद असरदार माना जाता है. खास बात यह है कि यह नुस्खा पूरी तरह प्राकृतिक है और इसके लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री लगभग हर घर में मिल जाती है.
ऐसे तैयार करें औषधीय तेलइस घरेलू बघेलखंडी ऑयल को बनाना भी बेहद आसान है. इसके लिए सबसे पहले लहसुन की कुछ कलियां लें और उन्हें अच्छे से कूट लें. इसके बाद कलौंजी और मेथी के दानों को तैयार रखें. अब इन तीनों चीजों को सरसों के तेल में डालकर अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण को एक फ्राई पैन में डालकर धीमी आंच पर गरम करें. लगभग पांच मिनट तक हल्की आंच पर तेल को गर्म किया करें ताकि लहसुन, कलौंजी और मेथी का रस पूरी तरह से तेल में मिल जाए. जब तेल का रंग और खुशबू बदलने लगे, तो समझिए कि आपका देसी औषधीय तेल तैयार है.
इस्तेमाल का तरीका और फायदेइस तेल को दिन में दो बार दर्द वाली जगह पर हल्के हाथों से मालिश करने की सलाह दी जाती है. स्थानीय लोगों का दावा है कि इसकी पहली मालिश से ही आराम महसूस होने लगता है और 4 से 5 दिनों के नियमित उपयोग से दर्द काफी हद तक खत्म हो जाता है. सरसों का तेल शरीर में गर्माहट बनाए रखता है, वहीं लहसुन सूजन कम करने में मदद करता है. कलौंजी और मेथी मांसपेशियों को मजबूत करने और अकड़न दूर करने के लिए जानी जाती हैं.
आज भी इस नुस्खे की अहमियतआज के समय में जब लोग छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी महंगी दवाइयों का सहारा लेते हैं, ऐसे में बघेलखंड का यह पारंपरिक नुस्खा लोगों को प्राकृतिक और सस्ता विकल्प देता है. हालांकि किसी गंभीर समस्या या लंबे समय से चले आ रहे दर्द में डॉक्टर की सलाह जरूरी है लेकिन सामान्य सर्दियों के दर्द और अकड़न के लिए यह देसी तेल आज भी लोगों के बीच भरोसेमंद माना जाता है. ठंड के मौसम में अगर आप भी जोड़ों के दर्द से परेशान हैं, तो यह पारंपरिक घरेलू उपाय राहत का एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है.
About the AuthorRahul Singh
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Location :
Satna,Madhya Pradesh
First Published :
January 04, 2026, 00:07 IST
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जोड़ों के दर्द की छुट्टी! दादी-नानी का गारंटीड नुस्खा, आजमा लें ये देसी तेल
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



