यूरिया खाद की कमी पर किसानों का प्रदर्शन

Last Updated:January 05, 2026, 22:02 IST
उदयपुर में मेवाड़ संघर्ष समिति ने यूरिया खाद की कमी और कालाबाजारी के विरोध में कृषि भवन के बाहर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में गधे को गुलाब जामुन खिलाकर किसानों की मुश्किलों और अव्यवस्था का संदेश दिया गया. समिति के अध्यक्ष विष्णु पटेल ने कहा कि छोटे और सीमांत किसान आज भी रासायनिक खाद पर निर्भर हैं और खाद की कमी उनके उत्पादन और आमदनी को प्रभावित कर रही है.
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उदयपुर. इन दिनों खेतों में फसलें तैयार होने की स्थिति में हैं, ऐसे समय में किसानों को फसलों को आवश्यक पोषण देने के लिए यूरिया खाद की सबसे अधिक आवश्यकता होती है. लेकिन मौजूदा हालात में यूरिया खाद की भारी कमी और बाजार में ऊंचे दामों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सरकार और खाद आपूर्ति से जुड़े जिम्मेदार तंत्र की कथित मिलीभगत के चलते किसान न तो समय पर खाद पा रहे हैं और न ही वाजिब दामों पर, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
इन्हीं समस्याओं के विरोध में सोमवार को उदयपुर शहर में कृषि भवन के बाहर मेवाड़ संघर्ष समिति की ओर से एक अनूठा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के दौरान गधे को गुलाब जामुन खिलाकर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि किस तरह मासूम और मेहनतकश किसान परेशान हो रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस अव्यवस्था का सीधा फायदा उठा रहे हैं. यह विरोध प्रदर्शन लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहा और मौके पर बड़ी संख्या में किसान व आमजन मौजूद रहे.
निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे
मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष, विष्णु पटेल, ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि किसानों को इन दिनों यूरिया खाद की कमी से गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. किसान घंटों कतारों में खड़े रहने और दर-दर भटकने के बावजूद यूरिया खाद प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं. कई जगहों पर खाद की कालाबाजारी हो रही है और जहां उपलब्धता है, वहां निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सभी किसान ऐसे नहीं हैं जो ऑर्गेनिक खाद स्वयं तैयार कर सकें या अपने खेतों में उसका प्रयोग कर सकें. खासकर छोटे और सीमांत किसान आज भी रासायनिक खाद पर निर्भर हैं. ऐसे में यूरिया की कमी सीधे तौर पर उनकी फसल, उत्पादन और आमदनी को प्रभावित कर रही है. सरकार की ओर से समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जाने से किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता का अभाव है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं. यदि समय पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो इसका असर फसल की गुणवत्ता और पैदावार पर पड़ेगा, जिसका खामियाजा अंततः किसानों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी भुगतना होगा. मेवाड़ किसान संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि किसानों को तुरंत पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई हो और खाद को निर्धारित दरों पर ही बेचा जाए. समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
About the AuthorMonali Paul
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Location :
Udaipur,Rajasthan
First Published :
January 05, 2026, 22:02 IST
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उदयपुर में यूरिया खाद की कमी पर किसानों का प्रदर्शन



