ईरान-इजरायल टेंशन के बीच कहां लगाएं 50,000 रुपये? एक्सपर्ट्स से जानिए गिरावट में पैसा बनाने का सीक्रेट

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मचा दी है. कच्चे तेल (Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं और मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. ऐसे माहौल में हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या इस समय पैसा लगाना सही है या फिर हाथ रोक लेना चाहिए. आज हम एक्सपर्ट्स की राय के साथ समझेंगे कि इस उथल-पुथल के दौर में आप अपने ₹50,000 से लेकर ₹2 लाख तक की रकम को सुरक्षित तरीके से कैसे निवेश कर सकते हैं ताकि आपको लॉन्ग टर्म में बड़ा फायदा मिले.
मार्केट में जब भी ऐसी खबरें आती हैं, तो सबसे पहले डर का माहौल बनता है. बहुत से लोग पैनिक होकर अपने निवेश रोक देते हैं, जैसा कि मार्च के आंकड़ों में दिखा जब बहुत से लोगों ने अपनी SIP बंद कर दी. लेकिन असली समझदारी न्यूज़ हेडलाइंस पर रिएक्ट करने में नहीं, बल्कि अनुशासन के साथ निवेश करने में है. फाइनेंशियल एडवाइजर्स का मानना है कि इस तरह के संकट के समय पोर्टफोलियो में घबराहट में बदलाव नहीं करना चाहिए. बाजार में गिरावट तो आती रहती है, लेकिन जो इन्वेस्टर टिका रहता है, वही अंत में पैसा बनाता है.
कौन-सा टाइम निवेश के लिए अच्छा?
एक्सपर्ट मनीष श्रीवास्तव का कहना है कि निवेश करने के लिए हर समय अच्छा होता है. उनके मुताबिक निवेशकों को एक लंबी अवधि की रणनीति बनानी चाहिए और शॉर्ट-टर्म की हलचल से परेशान नहीं होना चाहिए. उन्होंने एक बहुत ही दिलचस्प बात बताई कि निफ्टी 50 में हर साल औसतन 18% तक की गिरावट देखी जाती है, लेकिन यह करीब एक साल में रिकवर भी हो जाता है. गिरावट के बाद के अगले एक साल में औसतन 32% और तीन साल में करीब 20% तक के रिटर्न देखने को मिले हैं. इसलिए अगर आपके पास पैसा है, तो उसे धीरे-धीरे मार्केट में डालना शुरू करें.
एक साथ सारा पैसा (Lump sum) लगाना इस समय जोखिम भरा हो सकता है. संतोष मीणा की सलाह है कि बाजार से पूरी तरह बाहर रहना ज्यादा महंगा पड़ सकता है, इसलिए सारा पैसा एक बार में न लगाकर उसे 4 से 6 महीने के टुकड़ों में बांटकर निवेश करें. इसे स्टैगर्ड अप्रोच (Staggered approach) कहते हैं. अगर आप 2,00,000 रुपये निवेश करना चाहते हैं, तो उसे 6 हिस्सों में बांटकर हर महीने लगाएं. इससे अगर मार्केट और गिरता है, तो आपको कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलेंगी और आपका रिस्क कम हो जाएगा.
कहां करें निवेश?
अहम सवाल आया है कि निवेश कहां करें- डायरेक्ट स्टॉक, म्यूचुअल फंड या ETF? आदिल शेट्टी कहते हैं कि इस समय कोई भी एक विकल्प पूरी तरह सेफ नहीं है. यह आपकी रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है. अगर आप मार्केट को बारीकी से ट्रैक नहीं कर सकते, तो म्यूचुअल फंड और ETF सबसे बेहतर हैं, क्योंकि ये आपके पैसे को अलग-अलग कंपनियों में फैला देते हैं, जिससे रिस्क कम हो जाता है. संतोष मीणा कम लागत के कारण इंडेक्स ETF को पसंद करते हैं, जो बाजार के उतार-चढ़ाव में एक ढाल की तरह काम करते हैं.
मनीष श्रीवास्तव का मानना है कि सैलरी पाने वाले लोगों के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड सबसे सही हैं. ये एक्सपर्ट्स द्वारा मैनेज किए जाते हैं, इसलिए आपको हर छोटी खबर पर नजर रखने की जरूरत नहीं पड़ती. उन्होंने एक उदाहरण भी दिया कि अगर कोई व्यक्ति 20,000 रुपये प्रति माह की SIP 15 साल तक 13% के अनुमानित रिटर्न पर चलाता है, तो वह 1 करोड़ से ज्यादा का फंड बना सकता है. यह अनुशासन ही आपको भविष्य में अमीर बना सकता है.
न रहें केवल शेयर मार्केट के भरोसे
अंकुर पुंज की सलाह है कि सिर्फ शेयर मार्केट के भरोसे न रहें. उन्होंने गौर किया कि आजकल सिर्फ शेयर्स में ही नहीं बल्कि सोने (Gold) की कीमतों में भी काफी उतार-चढ़ाव है. इसलिए अपने पोर्टफोलियो में विविधता यानी डायवर्सिफिकेशन रखें. अपने पैसे को इक्विटी, गोल्ड, मल्टी-एसेट फंड और कैश में बांटकर रखें. फिलहाल मार्केट की वैल्यूएशन काफी आकर्षक लग रही है, जिसका मतलब है कि अगले कुछ सालों में अच्छे रिटर्न की पूरी संभावना है, बस आपको सही एसेट मिक्स चुनना होगा.
सार यही है कि डरकर अपनी SIP न रोकें. गिरावट को एक मौके की तरह देखें और अनुशासित रहें. चाहे ईरान-इजरायल टेंशन हो या तेल की कीमतें. मार्केट का इतिहास गवाह है कि वह हर संकट से उबरकर ऊपर ही जाता है. पैनिक में आकर बेचना या निवेश बंद करना आपकी वेल्थ क्रिएशन की जर्नी को रोक सकता है. इसलिए शांत रहें, अपने एसेट्स को डायवर्सिफाई करें और लंबे समय के लक्ष्य पर ध्यान दें.
(Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशिक की गई है. यदि आप शेयर बाजार में पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.)



