Khatu Shyam Mandir Closing News | खाटूश्याम जी मंदिर दर्शन अपडेट

Last Updated:April 20, 2026, 10:16 IST
Khatu Shyam Mandir Closing News: सीकर स्थित खाटूश्याम जी मंदिर के पट 22 अप्रैल रात 10 बजे से 23 अप्रैल शाम 5 बजे तक बंद रहेंगे. मंदिर कमेटी के अनुसार अमावस्या के बाद बाबा श्याम का विशेष तिलक श्रृंगार किया जाना है जिसमें करीब 19 घंटे का समय लगेगा. इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पूरी तरह वर्जित रहेंगे. प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि वे इस समय सारिणी को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा का प्रोग्राम बनाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो.
ख़बरें फटाफट
Khatu Shyam Mandir Closing News: विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी मंदिर से बाबा श्याम के लाखों भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है. मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार अमावस्या की तिथि समाप्त होने के बाद भगवान श्याम का विशेष तिलक और श्रृंगार किया जाता है. श्री श्याम मंदिर कमेटी ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि आगामी विशेष पूजा और तिलक प्रक्रिया के चलते मंदिर को अस्थायी रूप से करीब 19 घंटे के लिए आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है. इस दौरान मंदिर के भीतर विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे जिसके तहत बाबा श्याम के विग्रह का भव्य श्रृंगार किया जाएगा. मंदिर कमेटी ने उन भक्तों से विशेष अपील की है जो इन दिनों राजस्थान के सीकर जिले में स्थित इस धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं कि वे निर्धारित समय सारिणी देखकर ही दर्शन के लिए पहुँचें.
श्री श्याम मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान ने बताया कि बाबा श्याम का तिलक श्रृंगार एक अत्यंत जटिल और समय लेने वाली धार्मिक प्रक्रिया है. इस पूरी विधि को संपन्न करने में 8 से 10 घंटे या उससे अधिक का समय लग सकता है. श्रृंगार के दौरान बाबा श्याम के मस्तक पर पवित्र चंदन का लेप किया जाता है और मुख्य पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. समय सारिणी के अनुसार 22 अप्रैल (बुधवार) रात 10 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे. इसके बाद अगले दिन 23 अप्रैल (गुरुवार) को पूरे दिन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा. श्रृंगार और पूजा की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात 23 अप्रैल को ही शाम 5 बजे मंदिर के पट पुनः खोल दिए जाएंगे जिसके बाद भक्तगण फिर से अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे.
कौन हैं बाबा श्याम और उनकी महिमाधार्मिक मान्यताओं के अनुसार खाटू के श्याम को ‘हारे का सहारा’ कहा जाता है और उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का कलयुगी अवतार माना जाता है. इनके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी है जिसके अनुसार महाभारत युद्ध के दौरान भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक ने कौरवों की ओर से युद्ध में शामिल होने का निर्णय लिया था. तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी शक्ति और संकल्प को देखते हुए ब्राह्मण वेश में उनसे शीश का दान मांगा था. वीर बर्बरीक ने बिना किसी संकोच के अपना शीश भगवान कृष्ण के चरणों में अर्पित कर दिया. इस महान त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया कि कलयुग में उन्हें ‘श्याम’ के नाम से पूजा जाएगा और जो भी व्यक्ति जीवन में हारकर या हताश होकर उनके पास आएगा वे उसके सहायक बनेंगे.
भक्तों के लिए प्रशासनिक दिशा-निर्देशमंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यह सूचना पहले ही प्रसारित कर दी है ताकि दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. खाटूधाम में हर दिन हजारों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं और विशेष श्रृंगार के दिनों में यह भीड़ और भी बढ़ जाती है. प्रबंधन का कहना है कि पट बंद रहने के दौरान भक्तों को कतारों में न लगने दिया जाए और वे आसपास के धर्मशालाओं या विश्राम स्थलों पर ही रुकें. जैसे ही शाम 5 बजे दर्शन पुनः सुचारू होंगे भक्तों को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा. मंदिर कमेटी ने सभी श्याम भक्तों से इस कार्य में सहयोग करने और अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया है ताकि बाबा श्याम का भव्य श्रृंगार निर्बाध रूप से संपन्न हो सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
April 20, 2026, 10:16 IST



