नेटफ्लिक्स की इन 7 थ्रिलर फिल्मों का नहीं है कोई तोड़, सोचने पर मजबूर हर मूवी की कहानी, छठवें नंबर वाली बन गई कल्ट

Last Updated:April 21, 2026, 10:54 IST
साउथ सिनेमा के शौकीनों के लिए नेटफ्लिक्स की इन 7 फिल्मों का कोई मुकाबला नहीं है. ये फिल्में महज मनोरंजन नहीं, बल्कि दिमाग को झकझोर देने वाला अनुभव हैं. मर्डर मिस्ट्री से लेकर डार्क क्राइम ड्रामा तक, हर कहानी में ऐसे मोड़ हैं जो आपकी धड़कनें बढ़ा देंगे. लिस्ट में छठे स्थान पर मौजूद फिल्म ने तो सस्पेंस की परिभाषा ही बदल दी है और अब एक कल्ट क्लासिक बन चुकी है. इसका चौंकाने वाला क्लाइमैक्स देखने के बाद आप दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे.
नई दिल्ली. अगर आप सस्पेंस-थ्रिलर के शौकीन हैं, तो नेटफ्लिक्स पर मौजूद ये फिल्में आपके लिए ही बनी हैं. साउथ सिनेमा ने पिछले कुछ समय में थ्रिलर के जॉनर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां कहानी की गहराई हॉलीवुड को भी मात देती है. मर्डर मिस्ट्री से लेकर कोर्टरूम ड्रामा तक, इन 7 फिल्मों में वो सब कुछ है, जो आपको स्क्रीन से चिपके रहने पर मजबूर कर देगा.
अन्वेषिप्पिन कंडेथुम: टोविनो थॉमस स्टारर यह फिल्म एक पुलिस प्रोसीजरल थ्रिलर है, जो दो अलग-अलग अनसुलझे मामलों की जांच को दर्शाती है. फिल्म में 90 के दशक के परिवेश को दिखाया गया है, जहां एक युवा सब-इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ सुराग ढूंढने की कोशिश करता है. यह फिल्म किसी एक्शन के बजाय शुद्ध जांच-पड़ताल और बारीकियों पर ध्यान केंद्रित करती है. इसमें पुलिस के काम करने के तरीके और उन चुनौतियों को दिखाया गया है जो अक्सर बड़े मामलों को दबाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं.
जन गण मन: पृथ्वीराज सुकुमारन और सूरज वेंजारामूडु स्टारर यह फिल्म एक कॉलेज प्रोफेसर की हत्या और उसके बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई पर आधारित है. फिल्म में कोर्टरूम ड्रामा के जरिए सामाजिक न्याय, जातिवाद और पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए गए हैं. इसकी कहानी में कई ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों को अंत तक सोचने पर मजबूर कर देते हैं. यह सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि सिस्टम के काले सच को उजागर करने वाली फिल्म है.
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इराट्टा: जोजू जॉर्ज अभिनीत यह फिल्म एक क्राइम ड्रामा है, जो जुड़वां भाइयों के उलझे हुए रिश्तों और उनके अतीत के इर्द-गिर्द घूमती है. कहानी तब गति पकड़ती है जब एक पुलिस स्टेशन के भीतर जुड़वां भाइयों में से एक की संदिग्ध मौत हो जाती है. दूसरा भाई, जो खुद एक पुलिसकर्मी है, इस जांच की कमान संभालता है. फिल्म का क्लाइमैक्स बेहद चौंकाने वाला है, जो मानवीय स्वभाव और पुरानी रंजिशों की गहरी परतों को खोलता है.
इरुल: फहाद फासिल, सौबिन शाहिर और दर्शन राजेंद्रन अभिनीत यह एक थ्रिलर फिल्म है. फिल्म की पूरी कहानी लॉकडाउन के दौरान एक सुनसान बंगले में फंसे तीन किरदारों के बीच सिमटी हुई है. जब एक प्रेमी जोड़ा बारिश से बचने के लिए एक अजनबी के घर रुकता है, तो वहां उन्हें एक लाश मिलती है. इसके बाद शुरू होता है शक और डर का खेल, जहां हर कोई दूसरे को कातिल समझने लगता है.
ऑफिसर ऑन ड्यूटी: यह एक चर्चित मलयालम क्राइम थ्रिलर है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी के संघर्ष और पेचीदा केस को सुलझाने की कहानी दिखाई गई है. फिल्म में मुख्य रूप से सस्पेंस और कानून व्यवस्था के बीच की कड़ियों को जोड़ा गया है. स्टारकास्ट की सधी हुई एक्टिंग और निर्देशक की पकड़ कहानी को बोरियत से बचाती है. यह फिल्म विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो पुलिस इन्वेस्टिगेशन और सस्पेंस वाली कहानियों को पसंद करते हैं.
महाराजा: विजय सेतुपति की यह 50वीं फिल्म एक मास्टरपीस है. इसकी कहानी एक साधारण नाई (बारबर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका कूड़ेदान चोरी हो जाता है. सुनने में यह मामूली लगता है, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ती है, कहानी में भयानक ट्विस्ट आते हैं. अनुराग कश्यप ने इसमें विलेन के तौर पर जबरदस्त काम किया है. फिल्म का स्क्रीनप्ले और अंत इतना प्रभावशाली है कि यह दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता है. यह थ्रिलर फिल्मों की लिस्ट में कल्ट कहलाती है.
मिन्नल मुरली: टोविनो थॉमस और गुरु सोमासुंदरम स्टारर यह सुपरहीरो थ्रिलर फिल्म है. कहानी एक गांव के दर्जी की है, जिसे बिजली गिरने के बाद सुपरपावर मिल जाती है. हालांकि, यह पारंपरिक सुपरहीरो फिल्मों जैसी नहीं है. इसमें थ्रिलर और इमोशनल ड्रामा का गहरा पुट है. फिल्म का विलेन उतना ही मजबूत दिखाया गया है जितना कि हीरो. सस्पेंस और सधी हुई कहानी इसे एक ग्लोबल लेवल की शानदार फिल्म बनाती है.
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April 21, 2026, 10:52 IST



