राजस्थान में बदला मौसम, 3 घंटे में आंधी-बारिश का खतरा, IMD का 12 जिलों में येलो अलर्ट

Rajasthan ka Mausam Live: राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है. आईएमडी के ताजा अपडेट के मुताबिक राज्य में जहां एक ओर गर्मी अपने तेवर दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के असर से कई हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं. जयपुर मौसम केन्द्र के अनुसार, राज्य में शनिवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं दर्ज प्रेक्षण के अनुसार, प्रदेश में औसत आर्द्रता 15 से 40 प्रतिशत के बीच रही. तापमान में बढ़ोतरी के बावजूद नमी का स्तर कुछ राहत देने वाला बना हुआ है.
मौसम सिस्टम की बात करें तो जम्मू-कश्मीर और आस-पास के क्षेत्र में 5.8 किमी ऊंचाई पर बना पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है. इसके अलावा एक और पश्चिमी विक्षोभ मिड-ट्रोपोस्फेरिक वेस्टरलीज में ट्रफ के रूप में 55°E देशांतर और 30°N अक्षांश के उत्तर में बना हुआ है. उत्तर पंजाब के ऊपर 1.5 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. साथ ही केंद्रीय पाकिस्तान और उससे सटे राजस्थान के ऊपर 1.5 से 3.1 किमी के बीच एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. इन सभी सिस्टम्स का संयुक्त असर राज्य के मौसम पर साफ दिखाई देगा.
अगले तीन घंटे में इन जिलों में बारिश के आसार
तात्कालिक वेदर अपडेट के अनुसार, जयपुर मौसम केन्द्र ने अगले 3 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. जिसके तहत श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, कोटपुतली-बहरोड़, जयपुर, अजमेर, बूंदी, कोटा, बारां और भीलवाड़ा जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन और बिजली चमकने के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ हल्की से मध्यम बारिश और धूलभरी आंधी की भी संभावना जताई गई है. खराब मौसम के दौरान दृश्यता कम हो सकती है. तेज हवाएं और आंधी जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं. वहीं पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा, जबकि बाकी हिस्सों में स्थिति सामान्य बनी रह सकती है.
आईएमडी के अनुसार, अगले 3 घंटे में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, कोटपुतली-बहरोड़ में बारिश की संभावना
भरतपुर-अजमेर और कोटा संभाग में बारिश के आसार
इसके प्रभाव से जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभागों में बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश हो सकती है. खास तौर पर अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश, वज्रपात और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
जयपुर में मेघगर्जन और वज्रपात की है संभावना
राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. साथ ही हल्की बारिश भी हो सकती है. जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ और दो चक्रवाती परिसंचरण से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है
पश्चिमी विक्षोभ और दो चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव
• IMD जयपुर ने 3 घंटे का येलो अलर्ट जारी, कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी.
• श्रीगंगानगर से जयपुर तक कई जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है.
• मेघगर्जन और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं.
• बाड़मेर में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री दर्ज, गर्मी अभी भी असरदार बनी हुई है.
• पश्चिमी विक्षोभ और दो चक्रवाती परिसंचरण से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा.
• पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई.
• अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग में आंधी-बारिश का असर ज्यादा देखने को मिलेगा.
• जयपुर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, मेघगर्जन और हल्की बारिश के संकेत.
• अगले दिनों में तापमान 1-2 डिग्री बढ़ सकता, लेकिन हीटवेव से राहत की उम्मीद.
अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग में भी आंधी-बारिश का असर ज्यादा देखने को मिलेगा
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में मौसम ज्यादा सक्रिय
राजस्थान में मौसम बदलाव की मुख्य वजह क्या है?
राजस्थान में मौसम में बदलाव की मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण हैं. जम्मू-कश्मीर के ऊपर 5.8 किमी ऊंचाई पर बना पश्चिमी विक्षोभ और मिड-ट्रोपोस्फेरिक ट्रफ लगातार सक्रिय हैं. इसके साथ ही उत्तर पंजाब और पाकिस्तान-राजस्थान क्षेत्र में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं. इन सिस्टम्स के संयुक्त असर से राज्य में हवा की दिशा और नमी में बदलाव हो रहा है, जिससे आंधी, मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.
किन जिलों में अगले 3 घंटे में मौसम खराब हो सकता है?
आईएमडी के अनुसार अगले 3 घंटे में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, कोटपुतली-बहरोड़, जयपुर, अजमेर, बूंदी, कोटा, बारां और भीलवाड़ा जिलों में मौसम खराब हो सकता है. इन क्षेत्रों में मेघगर्जन, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. खासतौर पर 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे धूलभरी आंधी भी उठ सकती है. लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.
क्या इस बदलाव से हीटवेव से राहत मिलेगी?
मौसम में आए इस बदलाव से हीटवेव से आंशिक राहत मिलने की संभावना है. हालांकि बाड़मेर जैसे क्षेत्रों में तापमान अभी भी 44 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, लेकिन आंधी और बारिश की गतिविधियों के कारण गर्मी की तीव्रता कुछ कम हो सकती है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से हवा में नमी बढ़ेगी और तापमान में हल्की गिरावट या स्थिरता देखने को मिल सकती है. मई के पहले सप्ताह में दोपहर बाद होने वाली बारिश और तेज हवाएं लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर देंगी.
जयपुर में मौसम कैसा रहने वाला है?
जयपुर में मौसम आंशिक रूप से बदला हुआ रहेगा. यहां बादल छाए रहने के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इसके साथ हल्की बारिश भी हो सकती है. तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. दिन में गर्मी का असर रहेगा, लेकिन दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है.
लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?
खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. मेघगर्जन और वज्रपात के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें. तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. वाहन चलाते समय सतर्क रहें क्योंकि धूलभरी आंधी से दृश्यता कम हो सकती है. बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सीमित करें. सुरक्षित स्थान पर रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है.
तापमान में दो डिग्री तक आ सकती है गिरावट
आगामी दो दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से मई के पहले सप्ताह में दोपहर बाद मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. इससे हीटवेव की स्थिति से कुछ राहत मिल सकती है.



