वो लाडला सुपरस्टार, जिसके हिट डेब्यू पर जश्न की जगह पसरा था मातम का सन्नाटा, पिता को ताउम्र रहा था ये पछतावा

Last Updated:May 10, 2026, 19:52 IST
वो जो पर्दे पर आते ही तहलका मचा देती थीं. वो जो जिसके राज कपूर संग खूब चर्चे हुए थे. अपने करियर में ज्यादातर हिट देकर जिसने अपनी अलग पहचान बनाई. आगे चलकर सुपरस्टार की पत्नी बनीं. लेकिन लाडले बेटे को स्टार बनते न देख पाईं.
नई दिल्ली. सादगी की मिसाल कही जाने वाली वो अप्सरा सी हसीना. अपनी एक्टिंग से जो लोगों को अपना मुरीद बना दिया करती थीं. जिस हसीना के पति भी इंडस्ट्री में धाक जमाए बैठे थे. वही बदनसीब अपने बेटे को हीरो बनते हुए न देख सकी और पहले ही दुनिया छोड़ गईं.
हम बात कर रहे हैं, इंडस्ट्री की जानी मानी एक्ट्रेस नरगिस की.वो अपने दौर की हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं. वह अपने किरदारों में जान फूंक दिया करती थीं. उनके हिस्से वही फिल्में आईं, जो सिनेमा की दुनिया में इतिहास बन गए.
नरगिस ने सुनील दत्त से शादी की थी. उनके बेटे संजय ने भी एक्टिंग की दुनिया में ही करियर बनाया है. संजय दत्त की फिल्म ‘रॉकी’ की रिलीज पहले ही उनकी मां नरगिस दत्त ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था.
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दरअसल, जिस वक्त नरगिस बहुत बीमार थीं और कैंसर से जूझ रही थी. उसी वक्त के दौरान संजय दत्त की फिल्म रिलीज होने वाली थीं. नरगिस भी इस फिल्म के प्रीमियर का हिस्सा बनना चाहती थीं.उन्होंने जिद पकड़ रखी थी कि वह प्रीमियर जरूर देखेंगी.
नर्गिस पहले से ही काफी बीमार थीं. वह कोमा में चली गई थीं. डॉक्टर ने तो उनके दोबारा ठीक ने होने तक की बात कह दी थी. लेकिन किस्मत ने जोर दिया और वह ठीक हुईं, लेकिन उन्होंने इच्छा जताई कि वह संजय की फिल्म का प्रीमियर देखना चाहती थीं.
सुनील दत्त ने सारी तैयारिया कर ली थीं. थिएटर के बाहर एंबुलेंस खड़ी की गई. थिएटर में व्हील चैयर भी रखी गईं. उन्होंने सुनील दत्त से कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया जाए. क्योंकि वह इस फिल्म को मिस नहीं करना चाहती थीं.
इसके बाद फिल्म के प्रीमियर के लिए थिएटर के अंदर भी उनकी सीट सुनील दत्त और संजय दत्त के बीच तय की गई थी. सबकुछ तैयार था, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था और उसी दौरान ठीक तीन दिन पहले ही नरगिस का निधन हो गया. 3 मई 1981 को नर्गिस ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
सुनील दत्त और संजय दत्त की तो दुनिया ही उजड़ गई थी. उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.बाद में जब ये फिल्म रिलीज हुई तो, फिल्म हिट साबित हुई लेकिन संजय दत्त के घर पर जश्न के बजाय मातम पसरा हुआ था. सुनील दत्त को ताउम्र ये पछतावा रहा था कि वह नरगिस की ये इच्छा पूरी नहीं कर सके थे.
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