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टूटे बल्ले से लेकर भुवी के छक्के और रसिक की जादुई डाइव तक… आखिरी ओवर की वो 6 गेंदें जिन्होंने मुंबई को किया बाहर

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टूटे बल्ले से लेकर भुवी के छक्के और रसिक की जादुई डाइव तक, आखिरी ओवर का रोमांच

Last Updated:May 11, 2026, 05:01 IST

RCB vs MI Last over Drama: रायपुर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच अंतिम ओवर का ऐसा रोमांच दिखा जिसने प्रशंसकों की सांसें थाम दीं. अंतिम 6 गेंदों पर जीत के लिए 15 रनों की दरकार थी.तेज गेंदबाज राज बावा के इस ओवर में नो-बॉल, वाइड और टूटे बल्ले का ड्रामा देखने को मिला. भुवनेश्वर कुमार के निर्णायक छक्के और आखिरी गेंद पर रसिक सलाम की नाटकीय डाइव ने आरसीबी को करिश्माई जीत दिलाई. इस हार के साथ ही मुंबई इंडियंस टूर्नामेंट से बाहर हो गई.टूटे बल्ले से लेकर भुवी के छक्के और रसिक की जादुई डाइव तक, आखिरी ओवर का रोमांचZoomआरसीबी और मुंबई के बीच मुकाबले की आखिरी ओवर का रोमांच.

नई दिल्ली. रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम एक ऐसे ऐतिहासिक मुकाबले का गवाह बना, जिसे क्रिकेट प्रेमी वर्षों तक याद रखेंगे. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच हुए इस ‘करो या मरो’ के मुकाबले में रोमांच अपनी सभी सीमाओं को लांघ गया. अंतिम 6 गेंदों पर 15 रनों की दरकार, एक युवा गेंदबाज के हाथ में गेंद, और सामने संघर्ष करती बल्लेबाजी. मैच का नतीजा कुछ ऐसा रहा जिसने न सिर्फ मुंबई इंडियंस को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, बल्कि बेंगलुरु के प्रशंसकों को जश्न का एक अविस्मरणीय मौका दे दिया.

मैच जब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा, तो समीकरण साफ था. मुंबई को जीत और टूर्नामेंट में बने रहने के लिए आखिरी ओवर में 15 रन बचाने थे. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने युवा तेज गेंदबाज राज बावा पर भरोसा जताया. ओवर की पहली ही गेंद ‘वाइड’ रही, जिससे दबाव बावा पर साफ दिखने लगा. अगली गेंद पर बावा ने ओवरस्टेप कर दिया ‘नो बॉल’. इसी बीच रोमारियो शेफर्ड का बल्ला भी टूट गया. फ्री-हिट पर सिर्फ एक रन आया, लेकिन नाटक अभी बाकी था.

आरसीबी और मुंबई के बीच मुकाबले की आखिरी ओवर का रोमांच.

भुवनेश्वर ने राज बावा की गेंद पर छक्का जड़कर रोमांच पैदा कर दियाअगली ही गेंद पर राज बावा (Raj Bawa) ने फिर दो वाइड दे दीं और दौड़कर बल्लेबाजों ने एक अतिरिक्त रन भी चुरा लिया. अगली गेंद खाली गई, लेकिन उसके बाद बावा ने रोमारियो शेफर्ड को तिलक वर्मा के हाथों कैच आउट कराकर मुंबई की वापसी कराई. जब लगा कि मुंबई मैच जीत लेगी, तब क्रीज पर आए अनुभवी भुवनेश्वर कुमार. 19.4 ओवर पर बावा ने एक और वाइड फेंकी. फिर जो हुआ उसने सबको सन्न कर दिया. भुवनेश्वर ने राज बावा की अगली गेंद पर कवर के ऊपर से एक गगनचुंबी छक्का जड़ दिया.

आखिरी दो गेंदों पर 3 रन चाहिए थेअंतिम दो गेंदों पर 3 रन चाहिए थे. पांचवीं गेंद पर भुवी ने एक रन लिया. अब आखिरी गेंद पर 2 रनों की जरूरत थी. स्ट्राइक पर थे रसिक सलाम डार. बावा की गेंद को रसिक ने सीधे गेंदबाज की तरफ हिट किया, गेंद बावा के हाथों से छिटककर लॉन्ग-ऑन की ओर गई और रसिक ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए दो रन पूरे कर लिए. विकेटकीपर रिकलटन ने बेल्स तो गिराईं, लेकिन डार का डाइव उन्हें सुरक्षित बचा ले गया. आरसीबी ने यह मैच 167 रन बनाकर जीत लिया और मुंबई 166 रनों पर सिमटकर टूर्नामेंट से विदा हो गई.

मुंबई की पारी और संघर्षइससे पहले, मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 166 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था. मुंबई के लिए मध्यक्रम में तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव ने जुझारू पारियां खेलीं, लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर उन्हें बड़ा स्कोर बनाने से रोका. भुवनेश्वर कुमार ने गेंदबाजी में अपना अनुभव दिखाते हुए किफायती स्पेल डाला था, जिसका फायदा उन्हें बाद में बल्लेबाजी में मिले आत्मविश्वास के रूप में मिला.

आरसीबी ने मुंबई को आखिरी गेंद पर हराया.

आरसीबी की सधी हुई शुरुआत और लड़खड़ाहट167 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन मध्यक्रम में विकेटों के पतन ने मैच को फंसा दिया. एक समय ऐसा लग रहा था कि आरसीबी यह मैच आसानी से हार जाएगी. रोमारियो शेफर्ड ने 11 गेंदों में केवल 4 रन बनाए, जिससे दबाव बढ़ता गया. लेकिन रसिक सलाम डार के 2 गेंदों पर नाबाद 3 रन और भुवनेश्वर कुमार के 2 गेंदों पर बेशकीमती 7 रनों ने पासा पलट दिया.

राज बावा विलेन से हीरो बनते-बनते चूकेयुवा राज बावा के लिए यह ओवर किसी डरावने सपने जैसा रहा. उन्होंने अपने स्पेल के 3 ओवरों में 39 रन देकर 1 विकेट लिया. आखिरी ओवर में उन्होंने लगातार एक्स्ट्रा रन दिए, जिससे आरसीबी को मैच में बने रहने का मौका मिला. हालांकि उन्होंने शेफर्ड का विकेट लिया, लेकिन भुवनेश्वर के छक्के ने उनकी सारी लय बिगाड़ दी. कोच जयवर्धने बाउंड्री लाइन से उन्हें लगातार वाइड यॉर्कर से बचने की सलाह दे रहे थे, लेकिन दबाव में बावा अपनी लाइन-लेंथ बरकरार नहीं रख सके.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें

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