क्या गिरेंगे सोने के भाव? PM मोदी की अपील के बाद जयपुर सर्राफा बाजार में शुरू हुई नई बहस

Last Updated:May 11, 2026, 15:49 IST
PM Modi Appeal Impact On Jaipur Gold-Silver Market: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीदारी को लेकर की गई अपील ने देशभर के सर्राफा बाजारों में हलचल बढ़ा दी है. जयपुर के जौहरी बाजार में व्यापारी इसे देशहित में जरूरी कदम मान रहे हैं, लेकिन साथ ही कारोबार और रोजगार पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता भी जताई जा रही है.
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पूरी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील ने देशभर में चर्चा तेज कर दी है. मामला सीधे विदेशी मुद्रा और सोने के आयात से जुड़ा हुआ है. प्रधानमंत्री ने लोगों से एक साल तक सोने की खरीदारी से बचने की अपील की है, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके. क्योंकि भारत में सोने की बड़ी मात्रा विदेशों से आयात की जाती है और इसके लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय हालात खराब होने और डॉलर महंगा होने का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है.
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद अब सर्राफा बाजारों में हलचल बढ़ गई है. लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इसका असर उनके निवेश, व्यापार और बाजार पर किस तरह पड़ेगा. खासतौर पर राजस्थान की राजधानी जयपुर के जौहरी बाजार में इसको लेकर अलग तरह की चिंता दिखाई दे रही है. जयपुर का जौहरी बाजार देश के सबसे बड़े और पुराने ज्वैलरी बाजारों में गिना जाता है, जहां हजारों परिवारों की रोजी-रोटी सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ी हुई है.
ज्वैलर्स का कहना है कि देशहित में की गई इस अपील का सम्मान किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा और डॉलर पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि इसके साथ ही बाजार में कारोबार घटने का डर भी बना हुआ है. व्यापारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है. ट्रंप टैरिफ, अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक दबाव का असर सीधे सोने-चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है.
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जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन और बाजार समिति से जुड़े व्यापारियों का मानना है कि अगर सोने की मांग कम होती है तो आने वाले समय में कीमतों में गिरावट भी देखने को मिल सकती है. जयपुर सर्राफा बाजार से जुड़े रामस्वरूप सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद सोने के भाव लंबे समय तक स्थिर रह सकते हैं. उनका कहना है कि लोग फिलहाल खरीदारी को टाल सकते हैं, जिससे बाजार में मांग घटेगी और कीमतों पर असर पड़ेगा.
व्यापारियों का यह भी कहना है कि बीते एक सप्ताह से बाजार में पहले ही सुस्ती का माहौल है. अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर स्थानीय ज्वैलरी कारोबार तक हर जगह अनिश्चितता बनी हुई है. सोने की कीमत सिर्फ वैश्विक बाजार पर नहीं, बल्कि डॉलर और रुपये के एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती है. यही वजह है कि वैश्विक तनाव का असर सीधे भारतीय बाजार पर दिखाई देता है.
वैसे तो देशभर में सोने-चांदी के आभूषण तैयार किए जाते हैं, लेकिन जयपुर की ज्वैलरी की पहचान अलग मानी जाती है. यहां तैयार होने वाली पारंपरिक डिजाइन वाली ज्वैलरी की मांग देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक रहती है. बॉलीवुड सेलिब्रिटी से लेकर कई बड़ी हस्तियां जयपुर की डिजाइनर ज्वैलरी को पसंद करती हैं. शादी के सीजन में खासतौर पर राजस्थानी आभूषणों की मांग सबसे ज्यादा रहती है. इनमें बाजूबंद, राखड़ी, आड़, चूड़ा, कर्णफूल, झुमके, शिशफूल और पूंछ बगड़ी जैसी पारंपरिक ज्वैलरी शामिल हैं. जयपुर के कारीगरों की बारीक डिजाइन और हाथ की कारीगरी को देशभर में खास पहचान मिली हुई है.
ज्वैलर्स और बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक भारत हर साल सोने के आयात पर लाखों करोड़ रुपये खर्च करता है. आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में सोने के आयात पर करीब 4.89 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जो 2025-26 में बढ़कर करीब 6.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं. वहीं वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में निवेश के तौर पर सोने की मांग गहनों से भी ज्यादा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सोने की मांग लगातार बढ़ती रही तो इसका असर भारत की विदेशी मुद्रा पर पड़ सकता है. यही वजह है कि सरकार और विशेषज्ञ अब लोगों को सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रहे हैं.
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