E20 Petrol LIVE: क्या आपकी गाड़ी को बर्बाद कर देगा एथनॉल? मारुति से लेकर हुंडई तक सब एक साथ आए, E20 पेट्रोल को क्लीन चिट

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आपकी कार को बर्बाद कर देगा एथनॉल? मारुति और हुंडई के एक्सपर्ट्स ने क्या बताया
Last Updated:July 04, 2026, 15:24 IST
E20 Petrol News: भारत में पेट्रोल में 20 परसेंट एथनॉल ब्लेंडिंग को लेकर इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पूर्व सीएमडी वर्तिका शुक्ला ने कहा कि यह कोई रातोंरात लिया गया फैसला नहीं है. यह पूरी तरह से साइंटिफिक रिसर्च पर आधारित है. इससे कार्बन एमिशन कम होगा और देश का क्रूड इंपोर्ट का खर्च बचेगा. मारुति, हुंडई, टोयोटा और बजाज जैसी दिग्गज कंपनियों ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया है.वर्तिका शुक्ला, EIL की पूर्व सीएमडी.
नई दिल्ली: भारत सरकार की एथनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी को लेकर इंडस्ट्री के दिग्गजों ने बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस मीटिंग में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व सीएमडी वर्तिका शुक्ला मौजूद थीं. उनके साथ मारुति और हुंडई जैसी दिग्गज ऑटो कंपनियों के लीडर्स भी शामिल हुए. वर्तिका शुक्ला ने बताया कि पेट्रोल में एथनॉल ब्लेंडिंग का फैसला रातोंरात नहीं हुआ है. साल 2014-15 में पेट्रोल में सिर्फ 1.5 परसेंट एथनॉल मिलाया जाता था. अब इस मात्रा को सफलतापूर्वक बढ़ाकर 20 परसेंट कर दिया गया है. यह फैसला पूरी तरह से साइंटिफिक रिसर्च पर आधारित है. यह नया फ्यूल देश के बीआई स्टैंडर्ड के बिल्कुल अनुरूप बनाया गया है. इससे पर्यावरण में कार्बन एमिशन काफी हद तक कम हो जाएगा. इसके अलावा भारत का क्रूड ऑयल इंपोर्ट करने का खर्च भी बहुत बचेगा. कनाडा, अमेरिका और ब्राजील जैसे बड़े देशों में कई सालों से एथनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है.
क्या 20 परसेंट एथनॉल ब्लेंडिंग से आपकी गाड़ी का इंजन खराब हो जाएगा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक्सपर्ट्स ने जनता के मन में उठ रहे सभी सवालों के जवाब दिए. बजाज ऑटो के सर्कल हेड मनप्रीत सिंह और टीवीएस के सीनियर वीपी प्रशांत कृष्णन भी वहां मौजूद थे. इन दिग्गजों ने भरोसा दिलाया कि 20 परसेंट एथनॉल वाला पेट्रोल गाड़ियों के लिए सुरक्षित है. वर्तिका शुक्ला ने कहा, ‘यह पूरी तरह से साइंटिफिक रिसर्च से प्रमाणित है.’ यह फ्यूल भारतीय बीआई स्टैंडर्ड के मानकों के हिसाब से ही तैयार किया गया है.
क्या दूसरे बड़े देशों में भी पेट्रोल के साथ एथनॉल मिलाया जाता है?
कई लोगों को लगता है कि एथनॉल ब्लेंडिंग सिर्फ भारत में ही की जा रही है. वर्तिका शुक्ला ने इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कनाडा, अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में कई सालों से इसका इस्तेमाल हो रहा है. वहां की सरकारें अलग-अलग मात्रा में एथनॉल को पेट्रोल में मिलाती हैं. यह एक ग्लोबल स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है जो पर्यावरण को बचाने के लिए की जाती है.
About the Authorदीपक वर्माDeputy News Editor
<strong>दीपक वर्मा</strong> (<em>Deepak Verma</em>) की गिनती हिंदी डिजिटल मीडिया के तेजी से उभरते चेहरों में होती है. वह <strong>हिंदी</strong> के साथ <strong>डिप्टी न्यूज़ एडिटर</strong> की भूमिका में ज…और पढ़ें
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