किसानों के लिए वरदान है यह योजना, सिंचाई की टेंशन हो जाएगी दूर, 75 फीसदी तक सरकार दे रही अनुदान

Last Updated:May 17, 2026, 16:02 IST
Rajasthan Drip Irrigation Scheme: बीकानेर में जल संकट और गिरते भू-जल स्तर के बीच किसानों के लिए राहतभरी खबर आई है. राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन ‘पर ड्राप मोर क्रॉप’ योजना के तहत किसानों को ड्रिप, मिनी फव्वारा और फव्वारा सिंचाई संयंत्र लगाने पर 70 से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. उद्यान विभाग ने योजना के दिशा-निर्देश जारी कर ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं. विभाग के अनुसार ड्रिप सिंचाई से 70 से 80 प्रतिशत तक पानी की बचत संभव है. योजना का उद्देश्य कम पानी में अधिक उत्पादन और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है.
ख़बरें फटाफट
बीकानेर. जल संकट और घटते भू-जल स्तर के बीच किसानों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार द्वारा संचालित राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन ‘पर ड्राप मोर क्रॉप’ योजना के तहत जिले के किसानों को ड्रिप, मिनी फव्वारा और फव्वारा सिंचाई संयंत्र लगाने पर 70 से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उद्यान विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा किसानों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं.
राजस्थान हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में पानी के दक्षतम उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा. राज्य सरकार का उद्देश्य कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के साथ किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है. विशेष रूप से बीकानेर जैसे जल संकट वाले क्षेत्रों में यह योजना किसानों के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही है.
ड्रिप सिंचाई प्रणाली से 70 से 80 प्रतिशत तक पानी की बचत संभव
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि सब्जियों की खेती, बागवानी और अन्य फसलों में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक काफी लाभकारी सिद्ध हो रही है. ड्रिप सिंचाई प्रणाली से 70 से 80 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है, जबकि फव्वारा सिंचाई से लगभग 50 से 55 प्रतिशत तक जल संरक्षण संभव है. इसके साथ ही फसलों को आवश्यक मात्रा में पानी मिलने से उत्पादन और गुणवत्ता में भी सुधार होता है. उन्होंने बताया कि योजना के तहत लघु एवं सीमांत कृषक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला किसानों को इकाई लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. वहीं अन्य सामान्य वर्ग के किसानों को 70 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा. योजना में न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर और अधिकतम 5 हेक्टेयर भूमि तक प्रति लाभार्थी अनुदान देने का प्रावधान रखा गया है.
राज किसान पोर्टल के लिए जरिए कर सकते हैं आवेदन
राज किसान पोर्टल के माध्यम से किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए जन आधार कार्ड आवश्यक होगा. इसके साथ किसानों को नवीनतम जमाबंदी, राजस्व रिकॉर्ड की प्रतिलिपि, बिजली बिल अथवा जल करार प्रपत्र, मृदा एवं जल परीक्षण रिपोर्ट तथा पंजीकृत डीलर से प्राप्त संयंत्र का प्रोफॉर्मा इनवॉइस भी ऑनलाइन अपलोड करना होगा. उपनिदेशक उद्यान प्रेमाराम ने बताया कि किसान जल्द आवेदन कर योजना का लाभ लें, ताकि चालू वित्तीय वर्ष में अधिक से अधिक किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाओं से जोड़ा जा सके.
खेती के स्वरूप को बदल सकती है ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक
उन्होंने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई तकनीकें भविष्य की खेती की जरूरत हैं, जो जल संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार साबित होंगी. राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्यों में ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक खेती के स्वरूप को बदल सकती है. इससे न केवल पानी की बचत होगी बल्कि बिजली खर्च में कमी, उर्वरकों का संतुलित उपयोग और बेहतर उत्पादन के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी. योजना को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में किसान आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Bikaner,Rajasthan



