Rajasthan

सब कुछ ठीक होता तो आज राजस्थान में होता मानसून! 12 दिन से अटका सिस्टम, जानें कब होगी एंट्री

Last Updated:June 21, 2026, 19:15 IST

Rajasthan Mansoon Update: राजस्थान जैसे शुष्क और अर्ध-शुष्क राज्य के लिए मानसून सिर्फ बारिश का मौसम नहीं, बल्कि पूरे साल के जल संचय, कृषि उत्पादन और पेयजल आपूर्ति की सबसे बड़ी उम्मीद होता है. ऐसे में हर साल मानसून की दस्तक का इंतजार सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश को रहता है. फिलहाल निगाहें 23 से 24 जून के बीच बनने वाली मौसमीय परिस्थितियों पर टिकी हैं, जो राजस्थान में मानसून की राह आसान कर सकती हैं. जयपुर में मानसून 7 से 8 जुलाई तक पहुंच सकता है, जबकि पूरे राजस्थान को कवर करने में 10 से 12 जुलाई तक का समय लग सकता है.

ख़बरें फटाफट

मानसून ने राजस्थान से बनाई दूरी! जानिए क्यों थम गई बारिश की रफ्तारZoomराजस्थान में 23 से 24 जून के बीच मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है

जयपुर. अगर मौसम की सामान्य चाल बनी रहती तो 21 जून तक मानसून राजस्थान की सीमा को छू चुका होता, लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग सी बनी हुई है. मानसून की रफ्तार थमने से राजस्थान में इसकी एंट्री सामान्य समय से 7 से 8 दिन देरी से होने की संभावना जताई जा रही है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल मानसून पिछले करीब 12 दिनों से महाराष्ट्र और तेलंगाना क्षेत्र में ही अटका हुआ है, जिसके कारण राजस्थान के लोग अब भी मानसून की औपचारिक दस्तक का इंतजार कर रहे हैं.

आईएमडी के अनुसार, मानसून की गति धीमी पड़ने के पीछे कई वैज्ञानिक कारण जिम्मेदार हैं. सबसे बड़ा कारण बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम का विकसित नहीं होना माना जा रहा है. सामान्य तौर पर ऐसे सिस्टम मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इस बार उनकी अनुपस्थिति के कारण मानसून की रफ्तार थम गई. दूसरी ओर अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाएं भी अपेक्षाकृत कमजोर रहीं, जिससे पर्याप्त बादल विकसित नहीं हो सके.

गर्म और शुष्क हवाओं ने मानसून की रफ्तार को किया धीमा

जयपुर मौसम केन्द्र के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव और एमजेओ (मैडन-जूलियन ऑसिलेशन) के कमजोर चरण ने भी मानसूनी गतिविधियों को प्रभावित किया है. इसके अलावा राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार चल रही गर्म और शुष्क हवाओं ने मानसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया को और धीमा कर दिया. यही वजह है कि मानसून फिलहाल अपनी सामान्य गति से पीछे चल रहा है. हालांकि मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद भी जताई है. अनुमान है कि 23 से 24 जून के बीच मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है. जैसे ही मानसून छत्तीसगढ़ की ओर आगे बढ़ेगा, उसके बाद इसका प्रभाव राजस्थान की दिशा में भी दिखाई देने लगेगा. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के जिलों में जून के अंतिम सप्ताह तक मानसूनी गतिविधियां शुरू होने की संभावना है.

10 से 12 जुलाई तक का समय लगने का अनुमान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जयपुर तक मानसून पहुंचने में 7 से 8 जुलाई का समय लग सकता है. वहीं पूरे राजस्थान को मानसून से कवर होने में 10 से 12 जुलाई तक का समय लगने का अनुमान है. इस बीच प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी और कई क्षेत्रों में आंधी, मेघगर्जन तथा हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. राजस्थान जैसे शुष्क और अर्ध-शुष्क राज्य के लिए मानसून सिर्फ बारिश का मौसम नहीं, बल्कि पूरे साल के जल संचय, कृषि उत्पादन और पेयजल आपूर्ति की सबसे बड़ी उम्मीद होता है. ऐसे में हर साल मानसून की दस्तक का इंतजार सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश को रहता है. फिलहाल निगाहें 23 से 24 जून के बीच बनने वाली मौसमीय परिस्थितियों पर टिकी हैं, जो राजस्थान में मानसून की राह आसान कर सकती है.About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Jaipur,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj