ईरान-अमेरिका सीजफायर का असर! सरसों के भाव धड़ाम, जानें खैरथल मंडी के ताजा रेट

Last Updated:June 23, 2026, 06:52 IST
Khairthal-Tijara Mandi Mustard Rates: अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्ध विराम का असर अब राजस्थान की सरसों मंडियों में भी दिखाई देने लगा है. खैरथल अनाज मंडी में सरसों के भाव में गिरावट दर्ज की गई है. मंडी व्यापार समिति के अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता के अनुसार युद्ध विराम के बाद सरसों के दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक टूट चुके हैं. मंडी में 42 प्रतिशत लैब कंडीशन सरसों 7,520 रुपये प्रति क्विंटल पर खुली और शाम तक 7,510 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई. पहले जहां अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण सरसों के भाव लगातार बढ़ रहे थे, वहीं अब बाजार में तेजी का रुख कमजोर पड़ गया है
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अलवर. अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्ध विराम और शांति समझौते का असर अब वैश्विक बाजारों के साथ-साथ सरसों और सरसों तेल के भावों पर भी दिखाई देने लगा है. पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण खैरथल-तिजारा जिले की मंडियों में सरसों के दाम लगातार बढ़ रहे थे, जिससे किसानों को उनकी उपज के अच्छे भाव मिल रहे थे. इसी वजह से कई किसानों ने सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरसों बेचने के बजाय खुले बाजार में बिक्री को प्राथमिकता दी.
हालांकि, हाल ही में हुए युद्ध विराम और शांति समझौते के बाद बाजार में तेजी का रुख थम गया है और सरसों के भाव गिरने लगे हैं. खैरथल अनाज मंडी में दो दिन के अवकाश के बाद 42 प्रतिशत लैब कंडीशन सरसों का भाव 7,520 रुपये प्रति क्विंटल खुला, लेकिन दिनभर की खरीद-फरोख्त के दौरान इसमें गिरावट दर्ज की गई और शाम तक सरसों 7,510 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिकी.
सरसों के भाव में 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की गिरावट
मंडी व्यापार समिति के अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम होने के बाद सरसों के भाव में 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि मंडी में सरसों की आवक भी कम हो गई है और फिलहाल बाजार में तेजी की संभावना नजर नहीं आ रही है. व्यापारियों के अनुसार, युद्ध विराम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आने से सरसों के दाम प्रभावित हुए हैं. एक व्यापारी ने बताया कि सरसों का भाव घटकर करीब 7200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है.
अब सरसों के भाव में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं
वहीं व्यापारी श्याम बिहारी और मदनलाल कालरा का मानना है कि आने वाले समय में सरसों में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि युद्ध विराम के बाद किसानों और व्यापारियों में जो घबराहट बनी है, उसका असर कुछ समय तक रह सकता है, लेकिन बाजार जल्द स्थिर हो जाएगा. उनके अनुसार अब सरसों के दाम या तो स्थिर रहेंगे या फिर 10 से 50 रुपये प्रति क्विंटल की मामूली घटत-बढ़त देखने को मिलेगी.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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