Rajasthan

Agriculture Tips I एक खेत में 5 फसलें करनी की किसानों की नई तकनीक I jaipur news I rajasthan news

होमताजा खबरकृषि

मल्टी लेयर फार्मिंग, एक ही खेत में 5 फसलें उगाकर किसान कमा रहे बंपर मुनाफा

Last Updated:June 23, 2026, 17:28 IST

Multilayer Farning: एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय सिरोही के तपोवन में किसान मल्टी लेयर फार्मिंग तकनीक से एक ही खेत में ड्रैगन फ्रूट, पपीता, सब्जियां और फूलों की खेती कर रहे हैं. यह आधुनिक तकनीक कम जमीन और कम पानी में अधिक उत्पादन देकर किसानों की आय बढ़ाने के साथ खेती को अधिक सुरक्षित और लाभदायक बना रही है.

सिरोही. प्रदेश में किसान हर सीजन में एक ही फसल के भरोसे खेती करते हैं, लेकिन अतिवृष्टि, ओलावृष्टि या प्राकृतिक घटना या कीट–रोग के प्रकोप की वजह से होने वाले नुकसान के कारण किसान को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है. किसान एक खास तकनीक का उपयोग कर के एक ही खेत में तीन या तीन से अधिक फसलों को अपना कर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं. सिरोही जिले के तपोवन में खेती की वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक को अपनाकर ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है. यहां एक ही खेत में तीन से अधिक फसलों को अपना कर मल्टी लेयर फार्मिंग तकनीक को किसानों तक पहुंचा जा रहे हैं.

यहां 1.33 एकड़ में अलग अलग लेयर पर ड्रेगन फ्रूट, ताइवानी पपीता, सब्जियों और गेंदा और सूरजमुखी फूल की खेती हो रही है.  तपोवन के बीके ललनभाई ने बताया कि तपोवन में मल्टी लेयर मॉडल के जरिए किसानों को एक ही खेती में ज्यादा फसलें उगाने की जानकारी दी जाती है. इस तकनीक में एक ही खेत में अलग-अलग ऊंचाइयों और गहराई वाली 3 से 5 फसलें एक साथ उगाया जाता है. यह कम जमीन में ज्यादा पैदावार लेने और किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए कारगर तकनीक है.

ऐसे करें फसलों का चयन मल्टी लेयर तकनीक में अलग अलग ऊंचाई और गहराई वाली फसलों का चयन करना जरूरी है. ज्यादा ऊंचाई वाली फसलों को मचान विधि से और कम ऊंचाई वाली या गहराई वाली फसलों को सीधे तौर पर उगाया जाता हैं. इसमें जगह का सही उपयोग और धूप का सही बंटवारा भी जरूरी है. वरना सभी पौधों को धूप नहीं मिलने से ग्रोथ पर असर पड़ेगा. गहराई वाली फसलों में जमीन के अंदर उगने वाली फसलें जैसे आलू, अदरक, हल्दी, गाजर, मूली आदि को उगाया जा सकता है. कम ऊंचाई वाली फसलों में पत्तेदार सब्जियों जैसे धनिया, पालक, या मेथी को बुवाई की जा सकती है. वहीं मध्यम या ज्यादा ऊंचाई वाली फसलों में कम ऊंचाई वाली बेलदार सब्जियों मिर्च, बैंगन, या टमाटर और ज्यादा ऊंचाई वाले पेड़ में फल या मचानों पर चढ़ने वाली बेल लौकी, तोरई, करेला, खीरा या पपीता आदि को उगाया जा सकता है.

इस तकनीक के है कई फायदेंमल्टी लेयर तकनीक के कई फायदें है, जिसकी वजह से किसान आर्थिक रूप से भी ज्यादा इनकम कमा सकते हैं. इसमें कम लागत में ज्यादा फसलें प्राप्त की जा सकती है, वहीं पानी भी काम उपयोग होता है. एक फसल दूसरे फसल के लिए पोषक तत्व देने का काम भी करती है. सब्जियों या फलों के पत्तों से जमीन को जैविक खाद के रूप में पोषण मिलता है. अलग अलग फसलों से किसान को लगातार आय भी मिलती रहती है.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Sirohi,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj