205 करोड़ का मेगा कोचिंग टर्मिनल तैयार, खातीपुरा में हो सकेगा वंदे भारत का मेंटेनेंस, जयपुर से घटेगा दबाव

Last Updated:June 28, 2026, 15:51 IST
Indian Railways Mega Coaching Terminal Jaipur: जयपुर के खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर 205 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मेगा कोचिंग टर्मिनल शुरू हो गया है. यहां अब वंदे भारत एक्सप्रेस, डेमू, एलएचबी रेक समेत सभी प्रकार की ट्रेनों का प्राइमरी मेंटेनेंस और अनुरक्षण एक ही स्थान पर किया जाएगा. उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ अमित सुदर्शन ने बताया कि इस परियोजना से जयपुर जंक्शन पर बढ़ते परिचालन दबाव में कमी आएगी और ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता में सुधार होगा. आधुनिक वॉशिंग पिट, स्टेबलिंग लाइन और नई रेल लाइनों जैसी सुविधाओं से लैस यह टर्मिनल रेलवे के परिचालन और रखरखाव व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा.
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जयपुर के खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर 205 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मेगा कोचिंग टर्मिनल शुरू
जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिली है. जयपुर क्षेत्र में ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने और जयपुर जंक्शन पर बढ़ते परिचालन दबाव को कम करने के उद्देश्य से खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर विकसित मेगा कोचिंग टर्मिनल बनकर तैयार हो गया है. करीब 205 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक टर्मिनल पर अब वंदे भारत एक्सप्रेस सहित विभिन्न प्रकार की ट्रेनों का प्राइमरी मेंटेनेंस और अनुरक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है. इसके शुरू होने से रेलवे की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है.
उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ अमित सुदर्शन ने बताया कि खातीपुरा रेलवे स्टेशन को पहली बार प्राइमरी मेंटेनेंस और रखरखाव केंद्र के रूप में विकसित किया गया है. अब यहां वंदे भारत एक्सप्रेस, डेमू (DEMU), एलएचबी (LHB) रेक और अन्य सभी प्रकार की ट्रेनों के कोचों का अनुरक्षण एक ही परिसर में किया जा सकेगा. इससे ट्रेनों के रखरखाव की प्रक्रिया अधिक तेज, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से बेहतर होगी.
205 करोड़ की लागत से तैयार हुआ आधुनिक टर्मिनल
सीपीआरओ अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे ने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खातीपुरा में आधुनिक सुविधाओं से लैस मेगा कोचिंग टर्मिनल का निर्माण कराया है. इस परियोजना पर लगभग 205 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. यहां नई रेल लाइनों, अत्याधुनिक वॉशिंग पिट, स्टेबलिंग लाइनों और आधुनिक तकनीकी उपकरणों का विकास किया गया है. यह पूरा परिसर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.
जयपुर जंक्शन का कम होगा परिचालन दबाव
उन्होंने बताया कि अब तक जयपुर जंक्शन पर ही बड़ी संख्या में ट्रेनों का मेंटेनेंस और परिचालन संबंधी कार्य किए जाते थे, जिससे वहां काफी दबाव बना रहता था. खातीपुरा में मेगा कोचिंग टर्मिनल शुरू होने के बाद इस दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी. इससे ट्रेनों के समय पर संचालन, रेक उपलब्धता और रखरखाव व्यवस्था में भी सुधार होगा.
रेल परिचालन होगा अधिक प्रभावी
रेलवे का मानना है कि मेगा कोचिंग टर्मिनल के संचालन से ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता बढ़ेगी और अनुरक्षण कार्य अधिक दक्षता के साथ किए जा सकेंगे. आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों के कारण ट्रेनों की गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्ध संचालन को भी मजबूती मिलेगी. सीपीआरओ ने बताया कि खातीपुरा मेगा कोचिंग टर्मिनल भविष्य में जयपुर मंडल के प्रमुख रेल परिचालन केंद्रों में शामिल होगा. इससे न केवल रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी अधिक सुचारु और विश्वसनीय रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा. यह परियोजना जयपुर में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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