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तैमूर-जेह को कैसा ‘धार्मिक’ पाठ पढ़ा रहे सैफ अली खान? बोले- ‘ईश्वर एक है, बस नाम अलग हैं’

Last Updated:June 28, 2026, 23:16 IST

एक्टर सैफ अली खान और उनका परिवार अक्सर अपनी धार्मिक आस्था की वजह से ट्रोल्स के निशाने पर रहा है. करीना कपूर से शादी के वक्त ‘लव जिहाद’ जैसे आरोप लगे. एक्टर ने बताया कि वे अपनी पत्नी करीना कपूर और बच्चों के साथ धर्म और आध्यात्मिकता पर खुलकर बात करते हैं. सैफ अली खान का मानना है कि ईश्वर एक है, बस उसके नाम अलग हैं. वे बच्चों को धर्म से परे प्यार और माफी की सीख देते हैं.

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तैमूर-जेह को कैसा 'धार्मिक' पाठ पढ़ा रहे सैफ अली खान?- 'ईश्वर एक है, सिर्फ..'Zoomसैफ अली खान का धर्म पर बेबाक राय

नई दिल्ली: सैफ अली खान एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं जहां माता-पिता अलग-अलग धर्मों से थे. एक्टर के पिता मशहूर क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी मुस्लिम थे और मां शर्मिला टैगोर हिंदू थीं. सैफ ने खुद भी दो बार अलग-अलग धर्मों में शादियां की हैं, पहले अमृता सिंह से और फिर साल 2012 में करीना कपूर से. बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान आमतौर पर निजी मसलों पर बात करने से बचते हैं, मगर अब उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था और उनका बच्चों पर प्रभाव पर बात की है. वे अपने करीबियों के साथ धर्म और अध्यात्म पर बात करते हैं. सैफ ने एक इंटरव्यू में खुलकर बताया कि वे करीना से हुए अपने दोनों बेटों तैमूर और जहांगीर के साथ अक्सर धर्म और आध्यात्मिकता पर खुलकर बातचीत करते हैं.

सैफ अली खान का मानना है कि वे खुद ज्यादा धार्मिक इंसान नहीं हैं, इसलिए वे बच्चों पर कोई खास विचारधारा थोपने के बजाय उन्हें एक खुली सोच देना पसंद करते हैं. उन्हें उनकी मां शर्मिला टैगोर ने सिखाया था कि ईश्वर एक ही है, बस उसके नाम और उसे पूजने के तरीके अलग-अलग हैं. यही खूबसूरत सीख वे अब अपने बच्चों को भी दे रहे हैं. सैफ ने हंसते हुए एक मजेदार किस्सा भी सुनाया. उन्होंने ‘वी द वुमन’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि वे बचपन में एक ऐसे स्कूल और माहौल में पले-बढ़े जहां रोज सुबह चर्च में ईसाई प्रार्थना के साथ दिन की शुरुआत होती थी. एक बार उन्होंने इस प्रार्थना से बचने के लिए स्कूल में कह दिया कि वे दूसरे धर्म के हैं, तो स्कूल वालों ने उनके लिए अलग से एक मौलवी साहब को ही बुला लिया, जिसके बाद उनका यह बहाना धरा का धरा रह गया.

सेक्युलर होता है घर का माहौलसैफ का कहना है कि उनके घर में शुरू से ही बहुत सेक्युलर माहौल रहा है, जहां दिवाली और क्रिसमस दोनों ही त्योहार बराबर उत्साह के साथ मनाए जाते हैं. सैफ ने अपने 9 साल के बेटे तैमूर के साथ हुई एक हालिया बातचीत का जिक्र भी किया, जहां उन्होंने तैमूर से पूछा था कि धर्म और काम करने के तरीके (मैथोडोलॉजी) में क्या अंतर है? इस पर छोटे से तैमूर ने बड़ा ही समझदारी भरा जवाब दिया कि धर्म में हम प्रार्थना करते हैं, जबकि मैथोडोलॉजी में ऐसा नहीं होता. सैफ अपने बेटे के इस जवाब से बेहद खुश हुए और उन्होंने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें और उनकी पत्नी करीना को एक जैसी खुली और आध्यात्मिक सोच मिली है.

इंटरफेथ मैरिज में आई दिक्कतेंसैफ की छोटी बहन और एक्ट्रेस सोहा अली खान ने कुछ समय पहले खुलासा किया था कि जब उन्होंने कुणाल खेमू से शादी की थी तो उन्हें समाज में काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. उस दौरान ‘लव जिहाद’ और ‘घर वापसी’ जैसी अजीबोगरीब बातें और हेडलाइंस बनाई जा रही थीं, जैसे लोग धर्म को कोई खेल समझ रहे हों. सैफ की मां शर्मिला टैगोर को भी पटौदी साहब से शादी करने के लिए अपना नाम बदलकर आयशा रखना पड़ा था.

About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें

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