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कौन था चंबल का खूंखार डकैत जगन गुर्जर? दूध बेचने वाले युवक से बना तीन राज्यों का सबसे बड़ा खौफ, जानें पूरी कहानी

Last Updated:June 29, 2026, 19:25 IST

Jagan Gurjar Crime Story: चंबल के बीहड़ों में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे जगन गुर्जर का नाम राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में खौफ के साथ लिया जाता था. मूल रूप से राजस्थान के धौलपुर जिले के बसई डांग क्षेत्र के भूतिपुरा गांव का रहने वाला जगन एक साधारण परिवार से था. शुरुआती दिनों में वह दूध बेचने का काम करता था, जबकि उसके पिता स्थानीय मंदिर में पूजा-पाठ करते थे. समय के साथ वह अपराध की दुनिया में उतर गया और हत्या, अपहरण, फिरौती, डकैती तथा लूट जैसी गंभीर वारदातों के कारण पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया. उसके खिलाफ 123 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे और तीन राज्यों की पुलिस वर्षों तक उसकी तलाश करती रही.

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अजमेर जेल में मौत के बाद फिर चर्चा में जगन गुर्जर! जानें कहां का रहने वाला थाZoomडकैत जगन गुर्जर

Jagan Gurjar History: चंबल के बीहड़ों में डकैतों का इतिहास दशकों पुराना है, और इसी इतिहास का एक खूंखार नाम था—जगन गुर्जर. राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश, इन तीन राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना जगन गुर्जर अपराध की दुनिया का वह चेहरा था, जिसके नाम से ही धौलपुर और चंबल के इलाकों में लोग कांप जाते थे. हाल ही में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में उसकी मौत हो गई है. जेल प्रशासन और सुरक्षा घेरे के बीच हुई इस घटना से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है.

जगन गुर्जर मूल रूप से राजस्थान के धौलपुर जिले का निवासी था. उसका परिवार बहुत साधारण था. शुरुआत में जगन कोई अपराधी नहीं था, बल्कि वह धौलपुर और आसपास के गांवों में एक सीधा-साधा दूध बेचने वाला युवक था. उसके पिता एक मंदिर में पूजा-पाठ का काम संभालते थे.

एक अपमान और बदले की आग ने बनाया ‘डकैत’एक सीधे-साधे दूध बेचने वाले के हाथ में बंदूक आने की कहानी बदले की भावना से जुड़ी है. साल 1994 में, गांव के एक मंदिर में प्रसाद बांटने को लेकर जगन के पिता का कुछ रसूखदार लोगों ने अपमान कर दिया था. 20 साल के जगन से अपने पिता का यह अपमान बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने मंदिर कमेटी के सदस्यों की जमकर पिटाई कर दी. पुलिस के डर से वह गांव छोड़कर भाग गया था. चंबल के बीहड़ों में जाकर डकैत मोहन गुर्जर के गिरोह में शामिल हो गया. बाद में अपने जीजा की हत्या का बदला लेने के लिए जगन ने अपने ही गैंग के मुखिया मोहन गुर्जर को मौत के घाट उतार दिया और खुद चंबल का नया ‘सरदार’ बन गया था.

तीन राज्यों में आतंक का पर्याय था डकैत जगन गुर्जरडकैत जगन गुर्जर का आतंक राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में कई वर्षों तक बना रहा. उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, फिरौती, डकैती और लूटपाट सहित 123 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे. धौलपुर के डांग क्षेत्र में उसका इतना खौफ था कि लोग शादियां और बारातें निकालने से भी डरते थे, क्योंकि वह अक्सर बारातों को निशाना बनाता था. जगन गुर्जर लंबे समय तक उत्तर भारत के सबसे कुख्यात डकैतों में गिना जाता रहा.

चंबल का ऐसा डकैत जिसे पुलिस नहीं पकड़ सकीचंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का आपराधिक इतिहास कई मायनों में अलग रहा. राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस लंबे समय तक उसकी तलाश करती रही, लेकिन उसे कभी भी मुठभेड़ या दबिश के दौरान गिरफ्तार नहीं कर सकी. जगन ने जब भी कानून के सामने आत्मसमर्पण किया, वह अपनी शर्तों पर ही किया. उसने पहली बार वर्ष 2001 में तत्कालीन एसपी बीजू जॉर्ज जोसेफ के सामने सरेंडर किया. इसके बाद 2009 में कांग्रेस नेता सचिन पायलट की मौजूदगी में दूसरी बार आत्मसमर्पण किया. वहीं 2019 में उसने तीसरी बार धौलपुर पुलिस के सामने हथियार डाल दिए. बार-बार अपनी शर्तों पर सरेंडर करने के कारण जगन गुर्जर चंबल का कुख्यात डकैतों में गिना जाता रहा.

पत्नी ममता गुर्जर ने राजनीति में रखा कदमवह बार-बार जेल जाता, जमानत पर बाहर आता और फिर से बीहड़ों का रुख कर हथियार उठा लेता था. उसकी पत्नी ममता गुर्जर ने भी उसकी शह पर राजनीति में कदम रखा और चुनाव लड़ा था. जुर्म की दुनिया में करीब 28 साल तक खौफ का पर्याय रहा यह डकैत अंततः कानून के शिकंजे में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल पहुंचा, जहां उसके जीवन का अंत भी आपराधिक रंजिश के चलते ही हुआ.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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