Bhilwara News: हरियाली, नीला पानी और सुकून, मानसून में निखरी सम्मोड़ी की खदान बनी लोगों की नई पसंदीदा डेस्टिनेशन

Last Updated:June 29, 2026, 23:24 IST
भीलवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित सम्मोड़ी गांव की बंद पड़ी खदान मानसून में एक खूबसूरत प्राकृतिक पर्यटन स्थल में बदल गई है. बारिश के बाद यहां भरा नीला और साफ पानी, चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियों का मनमोहक दृश्य और ठंडी हवाएं पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं. यह स्थान अब पिकनिक, फोटोग्राफी और प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने के लिए लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है.
भीलवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित सम्मोड़ी गांव इन दिनों मानसून के मौसम में लोगों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गया है. गांव के पास मौजूद वर्षों से बंद पड़ी खदान अब प्राकृतिक पर्यटन स्थल का रूप ले चुकी है. लगातार बारिश के बाद खदान में भरा साफ और नीला पानी दूर-दूर से आने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. चारों तरफ फैली हरियाली, ठंडी हवा, पहाड़ियों का सुंदर दृश्य और शांत वातावरण यहां आने वाले पर्यटकों को सुकून का एहसास कराता है. शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर यह स्थान मानसून में कुछ पल प्रकृति के बीच बिताने वालों के लिए बेहद खास बन है. छुट्टियों के दिनों में यहां सुबह से शाम तक लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है और हर कोई इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरे में कैद करना चाहता है.
मानसून की हल्की फुहारों के बीच सम्मोड़ी की यह बंद खदान किसी प्राकृतिक झील से कम दिखाई नहीं देती. खदान में भरे साफ पानी का रंग आसमान की परछाई के कारण नीला नजर आता है, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ा देता है. आसपास फैली हरी-भरी वनस्पति और चट्टानों के बीच बना यह दृश्य लोगों को पहाड़ी पर्यटन स्थलों की याद दिलाता है. यहां पहुंचने वाले युवा, परिवार और पर्यटक प्रकृति के बीच समय बिताने के साथ फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी साझा कर रहे हैं. कई लोग इस जगह को भीलवाड़ा का छिपा हुआ प्राकृतिक पर्यटन स्थल बता रहे हैं. बारिश के मौसम में यहां का वातावरण इतना मनमोहक हो जाता है कि यहां आने वाला हर व्यक्ति कुछ देर रुककर इस खूबसूरत नजारे का आनंद लेना चाहता है.
इस स्थान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आने वाले लोगों को एक साथ कई अनुभव मिल जाते हैं. कोई शांत वातावरण में बैठकर प्रकृति का आनंद लेता है तो कोई ठंडे पानी के किनारे समय बिताता है. कई लोग सुरक्षित स्थानों पर पानी में उतरकर स्नान का आनंद भी लेते हैं, जबकि बच्चे और युवा आसपास घूमते हुए बारिश के मौसम का भरपूर आनंद उठाते हैं. छुट्टी के दिनों में परिवार अपने साथ खाने-पीने का सामान लेकर यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं. प्राकृतिक वातावरण में बैठकर परिवार और दोस्तों के साथ बिताए गए पल लोगों के लिए यादगार बन जाते हैं. यही कारण है कि हर सप्ताह यहां आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और यह जगह धीरे-धीरे स्थानीय पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है.
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कुछ साल पहले तक यह बंद पड़ी खदान सामान्य स्थान थी, लेकिन लगातार जलभराव और प्रकृति की मेहरबानी ने इसकी तस्वीर पूरी तरह बदल दी. अब बारिश शुरू होते ही यहां का नजारा बेहद आकर्षक हो जाता है. दूर-दूर तक फैली हरियाली, ठंडी हवाएं, पक्षियों की चहचहाहट और पानी की शांत लहरें यहां आने वालों को मानसिक सुकून देती हैं. खासकर सुबह और शाम के समय यहां का दृश्य और भी अधिक खूबसूरत दिखाई देता है. सूरज की हल्की किरणें जब पानी पर पड़ती हैं तो पूरा इलाका किसी प्राकृतिक चित्र जैसा नजर आने लगता है. यही वजह है कि फोटोग्राफी के शौकीन लोग भी यहां बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और मानसून के खूबसूरत दृश्यों को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं.
मानसून के मौसम में अगर भीलवाड़ा और आसपास के लोग किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और बारिश का आनंद एक साथ मिल सके, तो सम्मोड़ी गांव की यह बंद पड़ी खदान एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. यहां पहुंचने के बाद ठंडी हवाएं, साफ पानी, पहाड़ियां और प्राकृतिक नजारे हर किसी का मन मोह लेते हैं. यही वजह है कि यह स्थान अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों से आने वाले पर्यटकों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. प्रकृति के करीब कुछ यादगार पल बिताने, परिवार के साथ पिकनिक मनाने और मानसून की खूबसूरती को महसूस करने के लिए यह जगह इन दिनों भीलवाड़ा की सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बन चुकी है.
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