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धूल-धुंआ और प्रदूषित हवा से हो सकता है साइनस, ईएनटी विशेज्ञष ने बताया बचाव और लक्षण

आकाश कुमार/जमशेदपुर: झारखंड की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले जमशेदपुर में तेजी से बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों में साइनस से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं. शहर में मौजूद बड़े उद्योगों, वाहनों से निकलने वाले धुएं, सड़क निर्माण कार्यों और वातावरण में फैले धूल के कारण लोगों की श्वसन प्रणाली प्रभावित हो रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से साइनसाइटिस (Sinusitis) जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.

ईएनटी (नाक, कान और गला) विशेषज्ञ डॉ. बिमरजीत प्रधान के अनुसार, साइनस नाक के आसपास मौजूद हवा से भरी छोटी-छोटी गुहाएं होती हैं. जब इनमें सूजन आ जाती है या संक्रमण हो जाता है, तो व्यक्ति को साइनस की समस्या होने लगती है. जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहरों में हवा में मौजूद धूल के महीन कण, धुआं और अन्य प्रदूषक तत्व नाक के अंदरूनी हिस्सों को प्रभावित करते हैं, जिससे एलर्जी और संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है.

डॉ. प्रधान बताते हैं कि साइनस की बीमारी के प्रमुख लक्षणों में लगातार नाक बंद रहना, सिरदर्द, चेहरे और आंखों के आसपास दर्द या दबाव महसूस होना, बार-बार छींक आना, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी शामिल है. कई बार मरीज इसे सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर समस्या गंभीर रूप ले सकती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण के अलावा धूल भरे वातावरण में लंबे समय तक काम करना, धूम्रपान, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, बार-बार होने वाली एलर्जी और मौसम में अचानक बदलाव भी साइनस की बीमारी को बढ़ावा देते हैं. बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है.

बचाव के उपायों पर जोर देते हुए डॉ. बिमरजीत प्रधान ने कहा कि लोगों को घर से बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता का मास्क अवश्य पहनना चाहिए. विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां धूल और धुआं अधिक हो, वहां मास्क का उपयोग काफी लाभकारी साबित हो सकता है. इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, घर और कार्यस्थल की नियमित सफाई करना, धूम्रपान से दूर रहना तथा संतुलित आहार लेना भी जरूरी है.

उन्होंने सलाह दी कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार नाक बंद रहने, सिरदर्द या सांस संबंधी परेशानी की शिकायत हो रही है तो उसे स्वयं दवा लेने के बजाय ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए. समय पर जांच और उचित उपचार से साइनस की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते प्रदूषण के बीच जागरूकता और सावधानी ही साइनस जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. मास्क का नियमित उपयोग, स्वच्छ वातावरण और समय पर चिकित्सा सलाह लोगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

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