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Rajasthan paramedical Paper Leak | पैरा मेडिकल परीक्षा बवाल : जानें कैसे रची गई थी सामूहिक नकल की साजिश, कौन-कौन था शामिल?

Last Updated:June 30, 2026, 16:38 IST

Jaipur Paramedical Exam Cheating Racket: जयपुर पैरामेडिकल परीक्षा में सामूहिक नकल की साजिश उजागर हो गई है. इस मामले में एस करण कॉलेज और प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज से जुड़े चार लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं जिसके बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई है. संबंधित मामले पर जांच जारी है. पुलिस जांच के मुताबिक झुंझुनूं के मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के प्रथम वर्ष के करीब 45 छात्रों को जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक ही कमरे में बैठाने की तैयारी की गई थी.पैरा मेडिकल परीक्षा बवाल; कैसे रची गई थी नकल की साजिश, कौन-कौन था शामिल? Zoomपैरा मेडिकल परीक्षा बवाल : जानें कैसे रची गई थी सामूहिक नकल की साजिश

जयपुर. जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा शुरू होने से पहले ही सामूहिक नकल की ऐसी साजिश सामने आई, जिसने पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए. पुलिस जांच में जो बातें निकलकर सामने आईं, उनसे साफ हुआ कि यह कोई अचानक बनाई गई योजना नहीं थी, बल्कि पहले से पूरी तैयारी कर ली गई थी. छात्रों से लाखों रुपये वसूले गए, परीक्षा केंद्र तय किया गया, एक ही कमरे में बैठाने की व्यवस्था बनाई गई और परीक्षा के दौरान उत्तर बताने तक का इंतजाम कर लिया गया था. हालांकि पुलिस की समय रहते कार्रवाई से पूरा खेल खुल गया और परीक्षा शुरू होने से पहले ही साजिश नाकाम हो गई.

इस मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें एक कॉलेज संचालक, एक एचओडी, एक लेक्चरर और कॉलेज संचालक का भतीजा शामिल है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे. शुरुआती जांच में मिले दस्तावेज, डायरी और मोबाइल चैट ने पूरे रैकेट की परतें खोल दी हैं.

45 छात्रों को एक कमरे में बैठाने की थी तैयारीपुलिस जांच के मुताबिक झुंझुनूं के मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के प्रथम वर्ष के करीब 45 छात्रों को जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक ही कमरे में बैठाने की तैयारी की गई थी. योजना यह थी कि परीक्षा के दौरान सभी छात्रों को आसानी से नकल करवाई जा सके. इसके बदले छात्रों से कुल 5 लाख 50 हजार रुपये वसूले गए थे. गिरफ्तार आरोपियों में एस. करण कॉलेज के एचओडी कृष्ण कुमार, लेक्चरर शंकर लाल जाट, प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक रामकृष्ण मंडीवाल और उनके भतीजे देवकृष्ण मंडीवाल शामिल हैं. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि परीक्षा कक्ष में अपनी पसंद के इनविजिलेटर की ड्यूटी लगवाने की भी तैयारी थी. योजना के मुताबिक परीक्षा के दौरान छात्रों को उत्तर पढ़ाकर सामूहिक नकल करवाई जानी थी. आरोपियों ने पूछताछ में यह भी माना कि इस पूरे काम के लिए 3.27 लाख रुपये कॉलेज संचालक को दिए जा चुके थे.

डायरी, व्हाट्सएप चैट और गोपनीय सूचना से खुला पूरा खेलपूरे मामले का खुलासा एक गोपनीय सूचना मिलने के बाद हुआ. सूचना मिलते ही डीएसटी और खोराबीसल थाना पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया. उनके कब्जे से मिली डायरियों में छात्रों के नाम और उनसे ली गई रकम का पूरा हिसाब दर्ज मिला. इसके अलावा मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट में छात्रों के एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र से जुड़े दस्तावेज और दूसरी जानकारियां भी मिलीं. इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने पूरी साजिश का खुलासा किया. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है. यह भी जांच की जा रही है कि इस रैकेट में परीक्षा से जुड़े कर्मचारी, अन्य संस्थान या और लोग शामिल थे या नहीं. पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है.

परीक्षा केंद्र पर भी उठे सवाल, छात्रों ने किया विरोधराजस्थान पैरा मेडिकल काउंसिल के सचिव उत्तम सिंह ने कहा कि परीक्षा में नकल के लिए मिलिभगत हुई थी. उनका कहना है कि परीक्षा नियंत्रक ने जिस तरह जयपुर में दूर-दराज के परीक्षा केंद्र आवंटित किए, उससे पहले से साजिश होने का संदेह होता है. उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने परीक्षा केंद्र को लेकर आपत्ति जताई थी और परीक्षा स्थगित करने की भी मांग की थी, लेकिन तब तक सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी. उधर नकल रैकेट का खुलासा होने के बाद छात्रों में भी नाराजगी फैल गई. छात्रों ने आरोप लगाया कि मिलीभगत से परीक्षा में नकल करवाई जा रही थी. खुलासे के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. बाद में परीक्षा स्थगित कर दी गई. अब पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस सामूहिक नकल की साजिश के पीछे और कौन-कौन चेहरे छिपे हुए हैं.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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