देश की पाठशाला: सिया की साजिश और फरीदाबाद के राहुल का सुसाइड, आखिर रिश्तों में क्यों बढ़ रहा है इतना खौफ?

देश की पाठशाला: दुनिया में हर रिश्ता भरोसे की बुनियाद पर टिकता है. लेकिन जब वही भरोसा मौत की वजह बन जाए तो खौफ पैदा स्वाभाविक है. पुणे में एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. यहां 20 साल की सिया पर अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर मंगेतर की हत्या का आरोप है. सिया ने 26 साल के मंगेतर केतन को खाई में धकेल दिया था. यह कोई इकलौता मामला नहीं है. इससे पहले मध्य प्रदेश के इंदौर की सोनम रघुवंशी की कहानी सामने आई थी. सोनम पर हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप लगा था.
यूपी के मेरठ का नीला ड्रम कांड तो कोई भूल ही नहीं सकता. वहां पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी. उसने पति के शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में डाला और सीमेंट भर दिया. इन घटनाओं ने हर किसी को हैरान कर दिया है. अब सवाल उठ रहा है कि क्या पीड़ित परिवारों को कभी इंसाफ मिल पाएगा. पुलिस पुणे मर्डर केस में हर रोज नए खुलासे कर रही है. लेकिन पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती चश्मदीद का ना होना है. ऐसे में पुलिस डिजिटल सबूत और क्राइम सीन रिक्रिएशन पर निर्भर है. पुलिस को यह साबित करना होगा कि सिया और चेतन ने ही यह साजिश रची थी.
पुणे मर्डर केस में 1 करोड़ रुपये की थ्योरी का असली सच आखिर क्या है?पुलिस जांच में सिया और उसके ब्वॉयफ्रेंड चेतन के बारे में कई बड़े खुलासे हुए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह हत्या सिर्फ प्यार का मामला नहीं है. इसके पीछे 1 करोड़ रुपये की गहरी साजिश छुपी हुई है. सिया ने शादी की शॉपिंग के नाम पर केतन से 1 करोड़ रुपये लिए थे. उसने इन पैसों से कोई शॉपिंग नहीं की. सिया ने यह पूरी रकम अपने ब्वॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को दे दी. चेतन इन पैसों से अपना कारोबार सेट करना चाहता था. दोनों ने मिलकर एक बहुत ही शातिर प्लान बनाया था.
आरोप है कि सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने का फैसला किया. दोनों के बीच यह तय हुआ था कि मर्डर के बाद वे 3 साल तक शादी नहीं करेंगे. पुलिस का शक उन पर ना जाए, इसलिए यह दूरी बनाए रखने का प्लान था. 3 साल के अंदर चेतन सिया के पैसों से अपना बिजनेस मजबूत कर लेता. सिया के परिवार वाले इस खुलासे के बाद गहरे सदमे में हैं. उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी बेटी इतना खौफनाक कदम उठा सकती है. सिया की मर्जी से ही केतन के साथ उसकी शादी तय हुई थी. सिया की मां ने कहा, ‘अगर मेरी बेटी ने कोई गलती की है तो उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए’.
खाई में धक्का देने से पहले सिया और चेतन के बीच क्या सिग्नल तय हुआ था?
हत्या की इस साजिश में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा गया था. सिया और चेतन ने एक-दूसरे को इशारा करने के लिए सिग्नल प्लान किए थे. घटना वाले दिन केतन को लोहगढ़ फोर्ट ले जाया गया. प्लान के मुताबिक केतन को खाई में धक्का देने से पहले एक कोड वर्ड तय था. सिया को जूते के फीते बांधने के बहाने नीचे बैठना था. यह सिर्फ एक बहाना नहीं बल्कि सिया को सुरक्षित रखने की चाल थी.
चेतन को डर था कि धक्का देते वक्त केतन बचाव में सिया का हाथ पकड़ सकता है. अगर ऐसा होता तो सिया भी केतन के साथ खाई में गिर सकती थी. खुद को बचाने के लिए सिया समय रहते नीचे बैठ गई. इसके तुरंत बाद चेतन ने केतन को गहरी खाई में धकेल दिया. पुलिस अब इस पूरे सीक्वेंस को कोर्ट में साबित करने की तैयारी कर रही है. यह सोची-समझी साजिश सीधे तौर पर हत्या के इरादे को साफ करती है.
आरोपी चेतन ने कार की जगह नीले रंग की स्कूटी का इस्तेमाल क्यों किया?पुणे पुलिस इस केस को सुलझाने के लिए दिन रात एक कर दिया है. इस जांच में चेतन चौधरी की नीले रंग की स्कूटी एक अहम सबूत बन गई है. चेतन ने पुणे के लोनावला इलाके से लोहगढ़ फोर्ट तक का सफर इसी स्कूटी से किया था. यह रास्ता करीब 90 किलोमीटर लंबा है. चेतन चाहता तो कार का इस्तेमाल कर सकता था. लेकिन उसने जानबूझकर स्कूटी को चुना. पुलिस की जांच में पता चला है कि कार इस्तेमाल करने पर टोल प्लाजा पर रिकॉर्ड दर्ज हो जाता. चेतन अपनी लोकेशन छुपाना चाहता था. टोल प्लाजा के कैमरों से बचने के लिए उसने स्कूटी से लंबा सफर तय किया. पुलिस ने चेतन की वह नीली स्कूटी अब बरामद कर ली है. यह स्कूटी चेतन की मौजूदगी साबित करने में एक बड़ा डिजिटल सबूत बनेगी. पुलिस रास्ते में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.
पुलिस गेट एनालिसिस और क्राइम सीन रिक्रिएशन से कैसे खोलेगी हत्या का राज?केतन मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस फॉरेंसिक साइंस का सहारा ले रही है. पुलिस को लोनावला से लोहगढ़ फोर्ट के रास्ते के कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं. इन फुटेज में नीले रंग की स्कूटी नजर आ रही है. स्कूटी चलाने वाला शख्स कभी अपना चेहरा ढंकता तो कभी कपड़े बदलता दिखा है. पुलिस यह कंफर्म करना चाहती है कि फुटेज में दिख रहा शख्स चेतन ही है. इसके लिए चेतन का गेट एनालिसिस करवाने की तैयारी हो रही है.
गेट एनालिसिस किसी भी इंसान के चलने के तरीके का वैज्ञानिक विश्लेषण होता है. इसमें कदमों की लंबाई और बॉडी पोस्चर का मिलान किया जाता है. इंसान के हाथ-पैरों की मूवमेंट भी जांची जाती है. इस रिपोर्ट को कोर्ट में पक्के सबूत के तौर पर पेश किया जा सकता है. इसके अलावा पुलिस आरोपियों को लोहगढ़ फोर्ट ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट करेगी. इससे हत्या की पूरी टाइमलाइन समझने में मदद मिलेगी.
प्री वेडिंग शूट कैंसिल करने के लिए सिया ने केतन का पासपोर्ट क्यों जलाया?पुलिस को कोर्ट में रिमांड के दौरान कई और सबूत जुटाने की मोहलत मिली है. जांच में सामने आया है कि सिया ने जानबूझकर केतन का पासपोर्ट फाड़कर जला दिया था. सिया प्री वेडिंग फोटोशूट के लिए केतन के साथ इंडोनेशिया नहीं जाना चाहती थी. 6 जून को दोनों को फोटोशूट के लिए बाली निकलना था. केतन का पासपोर्ट गायब होने की वजह से यह ट्रिप कैंसिल करनी पड़ी. पुलिस अब पासपोर्ट के जले हुए टुकड़े और उससे जुड़े सबूत तलाश रही है.
पुलिस का दावा है कि 18 जून को मर्डर के बाद चेतन ने अपने कपड़े बदले थे. जांच टीम उन कपड़ों की तलाश कर रही है जो बहुत अहम सबूत साबित होंगे. हत्या के बाद सिया और चेतन के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई थी. पुलिस इन कॉल डिटेल्स और बातचीत के रिकॉर्ड को रिकवर करने में जुटी है. आरोपियों ने अपने फोन से बहुत सा डेटा डिलीट किया है. 3 जुलाई तक रिमांड के दौरान पुलिस इन डिजिटल सबूतों को रिकवर करेगी.
इंदौर मर्डर केस में पुलिस की किस लापरवाही से आरोपी सोनम को जमानत मिली?पुणे पुलिस को इस केस में बहुत फूंक-फूंक कर कदम रखने पड़ रहे हैं. इसकी वजह इंदौर का राजा रघुवंशी मर्डर केस है. हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम पर हत्या का आरोप लगा था. पुलिस ने सोनम को गिरफ्तार भी किया था. लेकिन इस साल अप्रैल में मेघालय हाईकोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी. पुलिस के कड़े विरोध के बावजूद अदालत ने पुलिस की अपील खारिज कर दी. इस जमानत के पीछे पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है.
राजा रघुवंशी की हत्या के बाद दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 403 (1) लगाई गई थी. कानूनी जानकारों के मुताबिक बीएनएस में ऐसी कोई धारा मौजूद ही नहीं है. पुलिस ने एफआईआर में बीएनएस की जगह आईपीसी की गलत धारा का जिक्र कर दिया था. कोर्ट ने साफ कहा कि पुलिस गिरफ्तारी का सही कानूनी आधार बताने में नाकाम रही. इसी टेक्निकल गलती का फायदा उठाकर सोनम जेल से बाहर आ गई. राजा का परिवार अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है.
फरीदाबाद में पत्नी के टॉर्चर से परेशान राहुल ने आखिर सुसाइड क्यों कर लिया?सिया और सोनम के मामलों के बाद अब फरीदाबाद की एक घटना ने नया खौफ पैदा कर दिया है. यहां पतियों के खिलाफ होने वाले मानसिक अत्याचार का डरावना सच सामने आया है. फरीदाबाद में राहुल नाम के एक कपड़ा कारोबारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मौत को गले लगाने से ठीक पहले राहुल ने अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया. इस वीडियो को उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया.
वीडियो में राहुल ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपनी पत्नी और ससुराल वालों को बताया है. राहुल ने दर्दनाक खुलासा करते हुए बताया कि पत्नी उससे घर का सारा काम करवाती थी. उससे झाड़ू-पोछा लगवाया जाता था और जूठे बर्तन धुलवाए जाते थे. यह सब करने के बाद भी उसे ताने मारे जाते और टॉर्चर किया जाता था. राहुल अंदर से पूरी तरह टूट चुका था. राहुल की मां ने कहा कि मेरी बहू ने मेरे बेटे की जिंदगी नर्क बना दी थी और हमें इंसाफ चाहिए. पुलिस ने राहुल के सुसाइड वीडियो के आधार पर पत्नी और उसके परिवार पर केस दर्ज कर लिया है. इस घटना ने एक नई बहस छिड़ गई है कि घरेलू हिंसा का शिकार सिर्फ महिलाएं ही नहीं होतीं. रिश्ते जब बोझ बन जाएं तो उनका अंजाम बहुत खौफनाक होता है.



