डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद अब राजस्थान में मंडराने लगे गैंगवार के बादल! समझें दुश्मनी का पूरा गणित

Last Updated:July 01, 2026, 15:52 IST
Jagan Gurjar Murder Case : राजस्थान में एक बार फिर से गैंगवार के बादल मंडराने लग गए हैं. इसके पीछे वजह है अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या. इस हत्याकांड के बाद आशंका जताई जा रही है कि जगन को मौत की नींद सुलाने के आरोपी विष्णु जाट गैंग से बदला लेने के लिए यह गैंगवार हो सकती है. हालांकि अभी तक इस तरह की कोई धमकी या संकेत पुलिस को नहीं मिले हैं लेकिन जगन और विष्णु के बैकग्रांउड को देखते हुए इससे इनकार भी नहीं किया जा रहा है. डकैत जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार के समय उसके तीनों भाइयों को कुड़ी सुरक्षा के बीच हथकड़ी लगाकर उनके पैतृक गांव बाड़ी भभूतिपुरा लाया गया.
धौलपुर/भरतपुर/अजमेर. चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कर दी गई. किसी जमाने में जिसकी चंबल के बीहड़ों में तूती बोलती थी उसे जेल में गमछे से गला घोंटकर मौत की नींद सुला दिया गया. जगन की हत्या का आरोप कुलदीप जघीना की हत्या के मुख्य आरोपी विष्णु जाट पर लगा है. पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि उसने ही जगन को मारा है. जगन और विष्णु दोनों अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की एक ही बैरक में बंद थे. इस हत्याकांड के बाद अब राजस्थान में एक बार फिर गैंगवार की आशंका प्रबल हो गई है. यह गैंगवार उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से सटे राजस्थान के भरतपुर तथा धौलपुर के गैंग्स में हो सकती है. इसकी पीछे वजह है जगन गुर्जर और विष्णु जाट का बैकग्राउंड. जगन धौलपुर जिले का रहने वाला था और विष्णु भरतपुर जिले का रहने वाला है.
राजस्थान में गैंगवार आशंका क्यों है इसको समझने के लिए पहले हमें जगन और विष्णु के क्रिमिनल बैकग्राउंड को समझना होगा. जगन गुर्जर पर कई हत्याओं समेत करीब 125 संगीन आपराधिक केस दर्ज थे. जगन ने चंबल पर राज करने के लिए पहले वहां के चर्चित डकैत मोहन गुर्जर की हत्या कर दी थी. इसके पीछे वजह आपसी रंजिश थी. मोहन गुर्जर की गैंग ने पुराने जमीनी विवाद में जगन गुर्जर के जीजा को मौत के घाट उतार दिया था. इसका बदला लेने के लिए जगन ने मोहन गुर्जर को निपटा दिया और चंबल में अपना एकछत्र राज कायम कर लिया.
जगन गुर्जर के तीनों भाई भी जेल में हैं
जगन गुर्जर के तीन और भाई हैं, उसके तीनों भाई भी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं. वे तीनों भी वर्तमान में अलग-अलग जेलों में बंद हैं. जगन का भाई पप्पू गुर्जर तो उसके साथ ही अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. उसका दूसरा भाई पान सिंह भरतपुर सेंट्रल जेल में बंद है. जबकि तीसरा भाई लाल सिंह धौलपुर खुली जुली में हैं. बुधवार को जगन के अंतिम संस्कार के समय तीनों भाइयों को कुड़ी सुरक्षा के बीच हथकड़ी लगाकर उनके पैतृक गांव बाड़ी भभूतिपुरा लाया गया. अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न होते ही पुलिस उनको वापस जेल ले गई. लेकिन तीनों भाइयों के चेहरे पर भाई जगन की हत्या का गुस्सा साफ नजर आ रहा था. हालांकि ये तीनों भाई जेल में है लेकिन उनकी गैंग के अन्य लोग बाहर हैं.
डकैत जगन गुर्जर के खिलाफ करीब 125 केस दर्ज थे.
विष्णु और उसके साथियों ने हिला डाला था राजस्थान पुलिस को
अब बात आती है जगन को मौत के घाट उतारने वाले विष्णु जाट की. विष्ण भरतपुर जिले के अजान गांव का रहने वाला है. वह पहले छोटा-मोटा अपराधी हुआ करता था. लेकिन 12 जुलाई 2023 को भरतपुर के आमली टोल नाके पर हुई खौफनाक वारदात ने उसे सुर्खियों में ला दिया. विष्णु ने यहां अपने साथियों के साथ मिलकर रोडवेज बस में जयपुर से भरतपुर पेशी पर ले जाए जा रहे कृपाल सिंह जघीना हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुलदीप जघीना को सरेराह दिनदहाड़े पुलिस की मौजूदगी में गोलियों से भून दिया था. इसके सााथ ही उसके साथी कृपाल सिंह हत्याकांड के दूसरे आरोप विजयपाल को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था. इस हत्याकांड ने राजस्थान पुलिस की खासा किरकिरी करवाई थी.
कृपाल सिंह जघीना की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी ‘हत्या’इस हत्याकांड की पटकथा वारदात से करीब एक साल पहले लिखी गई थी. 4 सितंबर 2022 को भरतपुर निवासी बीजेपी लीडर कृपाल सिंह जघीना को गोलियों से भून दिया गया था. इस वारदात में कृपाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी. कृपाल सिंह की हत्या आपसी रंजिश में भरतपुर के प्रोपर्टी डीलर कुलदीप जघीना समेत उसके साथी विजयपाल तथा अन्य ने मिलकर की थी. कृपाल सिंह विष्णु के दोस्त का दोस्त था. उसकी हत्या का बदला लेने के लिए कृपाल सिंह के बेटे और विष्णु जाट तथा उनके साथियों ने कुलदीप जघीना को रोडवेज में मौत के घाट उतार दिया. वारदात के कुछ समय बाद ही विष्णु को पुलिस ने दबोच लिया था.
जगन की हत्या के बाद उसके भाई शांत बैठने वालों में नहीं हैउसके बाद उसे अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया था. इस जेल में मार्च 2026 में जगन को भी शिफ्ट किया गया था. विष्णु और जगन एक ही बैरक में बंद थे. विष्णु के मुताबिक उसने जगन के कथित तानों से तंगकर आकर उसे मार डाला. अब इससे गुर्जर गैंग और जाट गैंग में जोरदार ठन गई है. हालांकि दोनों ही गैंगों के खास लोग जेलों में सलाखों के पीछे हैं लेकिन उनके गुर्गे बाहर हैं. ऐसे में पुलिस का अब चिंता इस बात की सता रही है कि बदला लेने की नीयत से कोई बड़ी गैंगवार नहीं हो जाए. क्योंकि जगन की हत्या के बाद उसके भाई शांत बैठने वालों में नहीं है.
जगन गुर्जर धौलपुर जिले का रहने वाला था. वहीं विष्णु जाट उसके पड़ोसी जिले भरतपुर का रहने वाला है.
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हार्डकोर क्रिमिनल्स को रखा जाता है
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल को न केवल राजस्थान बल्कि उत्तर भारत की सबसे सुरक्षित जेल माना जाता है. इसमें हार्डकोर क्रिमिनल्स को रखा जाता है. इस जेल में पूर्व में इंटरनेशनल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अंतरराज्यीय कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल भी बंद रह चुके हैं. वहीं देश को हिला देने वाले उदयपुर के कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड के आरोपी भी इसी जेल में बंद हैं. इस जेल को सुरक्षा की दृष्टि से अभेद्य माना जाता है. लेकिन फिर भी यहां हत्या जैसी बड़ी वारदात हो जाने से इसके मैनेजमेंट पर सवाल उठने लगे हैं. बहरहाल राजस्थान पुलिस अलर्ट मोड पर है.
(इनपुट- अशोक सिंह भाटी/ दीपक पुरी/ हरवीर शर्मा)
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें
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