इंस्टाग्राम रील्स से मिला आइडिया, 20 लाख की लूट की कहानी निकली फिल्मी स्क्रिप्ट, पुलिस ने घंटों में खोला राज

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इंस्टाग्राम रील से मिला आइडिया, 20 लाख की लूट की कहानी निकली फिल्मी स्क्रिप्ट!
Last Updated:July 01, 2026, 17:50 IST
Bhilwara News: भीलवाड़ा में नेशनल फ्रूट कंपनी के 20 लाख की फर्जी लूट का खुलासा. कर्मचारी नारायण सिंह, भाई रघुवीर उर्फ राजवीर और दोस्त विशाल साहू इंस्टाग्राम रील्स से प्रेरित होकर किए लूट. पुलिस ने साजिश को किया बेनकाब. मामला शास्त्री नगर क्षेत्र का है. 29 जून की शाम नेशनल फ्रूट कंपनी के कर्मचारी नारायण सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि वह कंपनी के करीब 20 लाख रुपए बैंक में जमा कराने जा रहा था. रास्ते में स्प्लेंडर बाइक पर आए दो युवकों ने उसकी एक्टिवा को टक्कर मार दी. इसके बाद नकदी से भरा बैग और मोबाइल छीनकर फरार हो गए.इंस्टाग्राम रील्स से प्रेरित फर्जी लूट, भीलवाड़ा में तीन गिरफ्तार
भीलवाड़ा. भीलवाड़ा में 20 लाख रुपए की लूट की खबर ने पहले पुलिस को दौड़ा दिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद पूरा मामला पलट गया. जिस कर्मचारी ने खुद को लूट का शिकार बताया था, वही इस पूरी कहानी का मास्टरमाइंड निकला. इंस्टाग्राम रील्स, सोशल मीडिया पर वायरल क्राइम वीडियो और फिल्मों से प्रभावित होकर तीन लोगों ने ऐसी साजिश रची कि पुलिस को भी शुरुआत में मामला असली लगा. लेकिन तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज ने पूरी कहानी का सच सामने ला दिया.
भीलवाड़ा पुलिस ने इस कथित लूटकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में शिकायतकर्ता नारायण सिंह, उसका भाई रघुवीर उर्फ राजवीर और उसका दोस्त विशाल साहू शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि तीनों ने मिलकर करीब 20 लाख रुपए हड़पने के लिए झूठी लूट की कहानी बनाई थी, लेकिन उनकी पूरी योजना कुछ ही घंटों में धराशायी हो गई.
20 लाख लेकर बैंक जाने की कहानी, फिर दर्ज कराई लूट की शिकायतमामला शास्त्री नगर क्षेत्र का है. 29 जून की शाम नेशनल फ्रूट कंपनी के कर्मचारी नारायण सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि वह कंपनी के करीब 20 लाख रुपए बैंक में जमा कराने जा रहा था. रास्ते में स्प्लेंडर बाइक पर आए दो युवकों ने उसकी एक्टिवा को टक्कर मार दी. इसके बाद नकदी से भरा बैग और मोबाइल छीनकर फरार हो गए. इतनी बड़ी रकम की कथित लूट की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देशन में सिटी कोतवाली थाना पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर वृत्ताधिकारी और थाना पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया. अलग-अलग टीमें बनाई गईं. आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई और तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए गए.
सीसीटीवी और तकनीकी जांच ने खोल दी पूरी पोलजांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे पुलिस को नारायण सिंह की कहानी पर शक होने लगा. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण में कई ऐसी बातें सामने आईं जो उसके बयान से मेल नहीं खा रही थीं. पुलिस ने नारायण सिंह को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की. पूछताछ में उसने पूरी साजिश कबूल कर ली. उसने बताया कि इस फर्जी लूट की योजना उसने अपने भाई रघुवीर उर्फ राजवीर और दोस्त विशाल साहू के साथ मिलकर बनाई थी. इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
रील्स और फिल्मों से मिला आइडिया, पुलिस के सामने नहीं चली चालपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उन्होंने इंस्टाग्राम रील्स, सोशल मीडिया पर वायरल क्राइम वीडियो और फिल्मों से प्रभावित होकर इस पूरी योजना को तैयार किया था. उनका इरादा कंपनी की नकदी गायब कर देना और बाद में पुलिस को लूट की झूठी कहानी सुनाकर जांच को दूसरी दिशा में मोड़ देना था. लेकिन सिटी कोतवाली थाना पुलिस की तेज, तकनीकी और सटीक जांच के सामने उनकी पूरी फिल्मी स्क्रिप्ट ज्यादा देर नहीं टिक सकी. कुछ ही घंटों में पूरी साजिश बेनकाब हो गई. थाना प्रभारी हनुमान सिंह ने बताया कि मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की आगे भी जांच की जा रही है. यह मामला इस बात का भी उदाहरण बन गया कि सोशल मीडिया से प्रभावित होकर रची गई अपराध की योजना अब आधुनिक पुलिस जांच से छिप पाना आसान नहीं है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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