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बोर्ड एग्जाम की तैयारी करो… गली क्रिकेट खेलो, वैभव सूर्यवंशी को किसने कहा ऐसा?

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एग्जाम की तैयारी करो… गली क्रिकेट खेलो, वैभव सूर्यवंशी को किसने कहा ऐसा?

Last Updated:July 01, 2026, 21:55 IST

Daryll Cullinan statement on Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर क्रिकेट जगत दो हिस्सों में बंट गया है. सुनील गावस्कर जहां इस असाधारण प्रतिभा को जल्द मौका देने के पक्ष में हैं, वहीं साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज डेरिल कलिनन ने इस जल्दबाजी के खिलाफ चिंता जताई है. कलिनन का मानना है कि सोशल मीडिया के इस क्रूर दौर में इतनी कम उम्र में डेब्यू वैभव के करियर को नुकसान पहुंचा सकता है और उन्हें सचिन तेंदुलकर से मार्गदर्शन लेना चाहिए. एग्जाम की तैयारी करो... गली क्रिकेट खेलो, वैभव सूर्यवंशी को किसने कहा ऐसा? Zoomवैभव सूर्यवंशी पर दिग्गजों में रार.

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई असाधारण प्रतिभा सामने आती है, तो उम्मीदों का सैलाब उमड़ पड़ता है. 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े ‘टॉकिंग पॉइंट’ बने हुए हैं. वैभव की असाधारण काबिलियत को देखकर हर कोई हैरान है, लेकिन उनके इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर इस समय पूरा क्रिकेट जगत दो धड़ों में बंट गया है. एक तरफ जहां उन्हें जल्द से जल्द टीम इंडिया की जर्सी में देखने की बेताबी है, वहीं दूसरी तरफ उनके बचपन और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं भी जताई जा रही हैं.

‘वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट खेलें, पर पहले बचपन जी लें’इस पूरे मामले में सबसे मजबूत और भावुक आवाज साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज डेरिल कलिनन की तरफ से आई है. ‘क्रिकइन्फो’ के लिए लिखे अपने एक विशेष कॉलम में कलिनन ने वैभव के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है. कलिनन का मानना है कि वैभव की प्रतिभा पर किसी को रत्ती भर भी शक नहीं है, लेकिन इतनी कच्ची उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का भारी-भरकम दबाव उनके करियर को निगल सकता है.

वैभव सूर्यवंशी पर दिग्गजों में रार.

कलिनन ने साफ किया कि उनके विचार कोई आलोचना नहीं, बल्कि एक शुभचिंतक की चिंता हैं. उन्होंने लिखा, ‘मेरे हिसाब से वैभव को इस समय घर पर रहकर अपनी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए, दोस्तों के साथ गली क्रिकेट खेलना चाहिए और जितना संभव हो, उतना सामान्य बचपन जीना चाहिए. इसका मतलब यह नहीं कि उसकी प्रतिभा को नजरअंदाज किया जाए, बल्कि उसकी प्रतिभा तभी पूरी तरह निखरेगी, जब उसके व्यक्तित्व को भी विकसित होने का समय मिलेगा.’ यह चिंता इसलिए भी प्रासंगिक है क्योंकि वैभव ने इस साल IPL 2026 में खेलने के लिए अपनी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा तक छोड़ दी थी. कलिनन का इशारा साफ है कि क्रिकेट की चकाचौंध में एक बच्चे का स्वाभाविक विकास कहीं पीछे नहीं छूट जाना चाहिए.

सोशल मीडिया का क्रूर दौर और करोड़ों उम्मीदों का बोझकलिनन ने आज के दौर के क्रिकेट माहौल और अतीत के अंतर को बखूबी रेखांकित किया है. उनका मानना है कि वैभव सिर्फ एक खेल नहीं खेल रहे, बल्कि वह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा दबाव वाले क्रिकेट ईकोसिस्टम का हिस्सा बन चुके हैं. आज का डिजिटल युग 90 के दशक जैसा नहीं है. आज हर शॉट, हर खराब शॉट, हर प्रेस कॉन्फ्रेंस और मैदान पर की गई छोटी सी गलती भी सोशल मीडिया पर कुछ ही सेकंड्स में वायरल हो जाती है. कलिनन के अनुसार, पहले के खिलाड़ी मैदान से बाहर निकलकर शांत माहौल में सुकून पा लेते थे, लेकिन आज इंटरनेट ने एक बच्चे और करोड़ों आलोचकों के बीच की दूरी को खत्म कर दिया है. 24 घंटे चलने वाली यह ट्रोलिंग और तारीफ किसी भी 15 साल के बच्चे के मानसिक संतुलन को हिला सकती है.

सचिन तेंदुलकर बन सकते हैं सबसे सही ‘मेंटर’इस मुश्किल राह पर कलिनन ने वैभव के लिए देश के महानतम क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को सबसे सही मार्गदर्शक बताया है. सचिन ने भी 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और वह जानते हैं कि एक किशोर के कंधों पर पूरे देश की उम्मीदों का बोझ कैसा होता है। कलिनन ने उम्मीद जताई कि वैभव को सचिन तेंदुलकर से मार्गदर्शन मिलेगा, क्योंकि सचिन से बेहतर मेंटर उनके लिए कोई और हो ही नहीं सकता, जिन्होंने खुद इस दबाव को झेला और 24 साल तक देश की उम्मीदों को संभाला.

दिग्गजों में रार: अश्विन बनाम गावस्करवैभव सूर्यवंशी को हाल ही में भारत की टी20 टीम में शामिल किया गया था, लेकिन आयरलैंड दौरे पर उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. टीम मैनेजमेंट ने साफ किया कि वे विनिंग कॉम्बिनेशन से छेड़छाड़ नहीं करना चाहते थे और वे वैभव को अंतरराष्ट्रीय माहौल में ढलने का समय देना चाहते हैं.

टीम के इस फैसले पर भी राय बंटी हुई हैमहान बल्लेबाज सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों का मानना है कि जब प्रतिभा इतनी असाधारण हो, तो उम्र नहीं देखी जानी चाहिए और उसे जल्द से जल्द मौका दिया जाना चाहिए. वहीं, अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि वैभव को अभी अपनी बारी का इंतजार करना चाहिए. उन्हें जल्दबाजी के बजाय टीम के कल्चर और ड्रेसिंग रूम के माहौल को समझना चाहिए.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें

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