घटाएगा उम्र, बनाएगा जवान…कूट-कूटकर भरा एंटीऑक्सीडेंट, इस पेड़ का फल जादुई

Last Updated:July 06, 2026, 22:28 IST
Noni tree benefits : एक ऐसा अद्भुत पेड़, जिसे औषधीय खजाना कहा जाए, तो गलत नहीं होगा. नोनी के फल और जूस को लेकर कई दावे किए जाते हैं. कहा जाता है कि यह अनेक रोगों को जड़ से खत्म कर सकता है. लोकल 18 से बलिया चिकित्सक डॉ. वंदना तिवारी बताती हैं कि इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा की देखभाल करते हैं. कई लोग इसे त्वचा की चमक बनाए रखने और बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने के लिए भी प्रयोग करते हैं. नोनी के फल में विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं.
नोनी एक औषधीय पौधा है. इसका सदियों से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में उपयोग होता आ रहा है. इसके फल, पत्तियां और जूस का सेवन कई बीमारियों में बेहद उपयोगी हैं. हालांकि, अभी भी इसके कई संभावित लाभों पर अध्ययन जारी है, इसलिए इसे चमत्कारी इलाज मानने से पहले इसके बारे में चिकित्सीय राय जानना जरूरी है.
नोनी के फल में विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. इसी के चलते स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इसका महत्व काफी बढ़ जाता हैं.
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, नोनी में सूजन-रोधी गुण भी पाए जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द, गठिया और मांसपेशियों की तकलीफ में मददगार हैं. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा की देखभाल करते हैं. कई लोग इसे त्वचा की चमक बनाए रखने और बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने के लिए भी प्रयोग करते हैं.
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नोनी का पेड़ इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में भी मददगार हो सकता है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायता मिल सकती है. यह पारंपरिक रूप से पाचन तंत्र को बेहतर और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी काफी लाभकारी और गुणकारी है. लेकिन फिर भी इसका उपयोग अपने मन से नहीं करना चाहिए.
नोनी के पेड़ का जूस सबसे शानदार माना जाता है, लेकिन इसके फल का भी उपयोग बहुत फायदेमंद है. किसी भी औषधीय पौधे की तरह इसका सेवन सीमित मात्रा में करना सुरक्षित माना गया है. यदि कोई व्यक्ति पहली बार इसका उपयोग कर रहा है या पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त है, तो डॉक्टर का परामर्श जरूर लें.
प्राकृतिक चीज का साइड इफेक्ट हो सकता है, नोनी जूस का अत्यधिक सेवन किन्हीं परिस्थितियों में पेट दर्द, मतली, दस्त या अन्य पाचन संबंधी परेशानियां पैदा कर सकता है. इसलिए अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए. संतुलित मात्रा में ही प्रयोग सुरक्षित है. आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में ही इसका सेवन करें.
जानकारों के मुताबिक, अधिक मात्रा में नोनी का सेवन लिवर के लिए हानिकारक बताया गया है. इसमें पोटेशियम अपेक्षाकृत अधिक होता है, अतः किडनी की बीमारी से पीड़ित या पोटेशियम-नियंत्रित आहार लेने वालों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए. ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के रोगियों को चिकित्सकीय सलाह बहुत ही जरूरी है.
नोनी का पेड़ इम्युनिटी बढ़ाने, सूजन कम करने, पाचन सुधारने और ब्लड शुगर नियंत्रित करने में रामबाण है लेकिन इसके साथ सावधानियां भी बहुत जरूरी है. किसी भी औषधीय तत्व की तरह इसका भी प्रयोग बहुत सोच-समझकर, सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की राय लेकर ही करें.
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