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बेटी का कबूलनामा, ‘मम्मी ने पापा की जगह मुझे नौकरी नहीं लगने दिया इसलिए मरवा दिया’

जयपुर. राजधानी जयपुर में पांच दिन पहले हुए 45 साल की महिला नीरज शर्मा हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुलती जा रही है वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. बेटी की खौफनाक साजिश का शिकार हुई मां नीरज शर्मा का दोष इतना था कि उसने पति की मौत के बाद परिवार को सही तरीके से संभालने के लिए खुद अनुकंपा नौकरी ज्वॉइन कर ली थी. बस यही बात नीरज की 23 साल की बेटी आयुषी को खटक गई और उसने पिता की अनुकंपा वाली नौकरी तथा प्रोपर्टी हथियाने के लिए मां की मौत की सात लाख रुपये की सुपारी दे डाली. नतीजा यह है कि मां भी चली गई और ना तो नौकरी मिल और ना ही प्रोपर्टी. पुलिस ने पूरी साजिश का खुलासा कर साजिशकर्ता बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पांच आरोपियों को दबोच लिया.

जयपुर के प्रतापनगर थाना इलाके में हत्या का ‘हिट एंड रन’ का यह केस पांच दिन पहले 3 जुलाई को दोपहर बाद हुआ था. इसमें नीरज शर्मा को सफेद रंग की स्कॉर्पियो से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया था. प्रथमदृष्टया यह ‘हिट और रन’ का ही मामला माना जा रहा था. लेकिन जब नीरज शर्मा के भाई ने पुलिस को हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दी गई तो पुलिस एक्टिव मोड में आ गई. मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उसकी विधवा बहन को लंबे समय से टॉर्चर किया जा रहा था.

नीरज ने भाई को बताई थी अपनी प्राब्लमराकेश के मुताबिक बीते कुछ दिनों से नीरज काफी परेशान चल रही थी. नीरज ने उसको बताया था कि उसकी ससुराल वाले उसे परेशान कर रहे हैं. सास, जेठ का लड़का बलराम उर्फ रवि और यहां तक कि उसकी खुद की बेटी आयुषी भी इसमें शामिल हैं. ये सब मिलकर प्रोपर्टी हड़पने के लिए उसे जान से मार देने की धमकियां देते हैं. राकेश को बहन की ‘हिट एंड रन’ में मौत होने के बाद भांजी आयुषी के आए फोन से साजिश का शक ज्यादा गहरा हो गया.

भांजी ने दी थी बहन की मौत की सूचनाराकेश के मुताबिक 3 जुलाई को घटना के बाद शाम करीब साढ़े छह भांजी आयुषी का फोन आया था कि ‘मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है और वह खत्म हो गई है’. इतना कहकर उसने फोन काट दिया. उसके बाद से ही राकेश को इस पूरे घटनाक्रम में साजिश की ‘बू’ आने लग गई और उसने अगले दिन ही पुलिस को अपनी आशंका बता दी. उसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की. पूछताछ में सामने आया कि नीरज को कुचलने वाली सफेद रंग की स्कॉर्पियो पहले भी इस इलाके में देखी गई थी.

हादसे के बाद स्कॉर्पियो चौपाटी पर खड़ी मिली
बस यहीं से पुलिस को हत्याकांड के प्लॉट की शुरुआती कड़ी मिल गई. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. तब पता चला कि यह स्कॉर्पियो आकाश नाम के युवक के पास है. हादसे के समय उसके साथ दो-तीन अन्य लोग भी उसके साथ थे. पुलिस ने जब गाड़ी की डिटेल निकाली तो पता चल गया कि आरोपी भरतपुर की तरफ के रहने वाले हैं. उनको पहले भी इलाके में देखा गया था. पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाश के लिए ‘सर्च ऑपरेशन’ चलाया तो वह उसे चौपाटी के पास लावारिस हालत में खड़ी मिल गई. गाड़ी क्षतिग्रस्त थी. उसके बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया.

पहले थार से कुचलने की प्लानिंग की गई थी
स्कॉर्पियो में सवार युवकों की पहचान होने के बाद पांच को दौसा, भरतपुर, मथुरा और आगरा से उठाया गया और उनको थाने लाकर पूछताछ की गई. इस पर आकाश ने बताया कि नीरज शर्मा को मारने के लिए हेमंत नाम के शख्स ने उसे सात लाख रुपये की सुपारी दी थी. हेमंत ने बताया कि उसे इस काम का जिम्मा नीरज शर्मा की बेटी आयुषी, उसके ताऊ मोहन शर्मा और उसके बेटे बलराम उर्फ रवि ने दिया था. उसके बाद पहले नीरज को थार से कुचलने की प्लानिंग की गई थी लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ पाई.

ताऊ मोहन शर्मा ने भी साजिश में पूरा साथ दियाबाद में पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़कर आयुषी और उसके ताऊ मोहन को पकड़ा. इस बीच मोहन का बेटा बलराम फरार हो गया. पुलिस ने जब नीरज की बेटी आयुषी से पूछताछ की तो उसने साजिश रचना कबूल कर लिया. उसने बताया कि पापा विजय शर्मा कोर्ट में बाबू के पद पर तैनात थे. उनकी मौत के बाद मैंने मम्मी से कहा था कि पापा की जगह मुझे अनुकंपा में मिलने वाली नौकरी लग जाने दीजिए. लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी और खुद नौकरी लग गई. इसकी वजह मैं टेंशन में आ गई. उसके उसने अपने ताऊ के लड़के बलराम के साथ मिलकर मम्मी को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया ताकि पापा की नौकरी और प्रोपर्टी उसे मिल जाए. इस पूरी साजिश में उसके ताऊ मोहन शर्मा ने भी उनका पूरा साथ दिया था.

पुलिस ने इन सात आरोपियों को किया है गिरफ्तारबहरहाल पुलिस ने इस मामले में आयुषी और उसके ताऊ मोहन शर्मा के अलावा साजिश तथा मर्डर केस में शामिल मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव को गिरफ्तार कर लिया है. आयुषी के ताऊ के बेटे बलराम उर्फ रवि की तलाश जारी है. नीरज शर्मा का परिवार मूलतया भरतपुर का रहने वाला है. वहीं सभी आरोपी भी भरतपुर जिले के रहने वाले हैं. पुलिस अभी केस की और परतें उघाड़ने में लगी हुई है.

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