40 के बाद हार्ट अटैक से बचना है तो अपनाएं ये 7 जरूरी आदतें, कार्डियोलॉजिस्ट ने दी सलाह

फरीदाबाद: 40 साल की उम्र के बाद शरीर में कई ऐसे बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिनका असर सीधे दिल की सेहत पर पड़ता है. हाई बीपी, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, पेट की चर्बी और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच कम शारीरिक गतिविधि जैसी आदतें धीरे-धीरे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देती हैं. कई लोग तब तक कोई जांच नहीं कराते जब तक कोई बड़ी परेशानी सामने नहीं आ जाती. लेकिन अगर समय रहते अपनी लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव किए जाएं और जरूरी जांच कराई जाए… तो दिल की कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है.
हार्ट की सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष कुमार Local18 से बातचीत में बताते हैं मैं हूं कि 40 साल की उम्र के बाद हार्ट की सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है. हालांकि अब 25 से 40 साल के लोगों में भी हार्ट अटैक के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. सिर्फ उम्र ही नहीं, बल्कि आपकी बायोलॉजिकल एज ज्यादा मायने रखती है. कई लोग 30 साल की उम्र में ही अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से 50 साल के व्यक्ति जैसी हालत में पहुंच जाते हैं जबकि कुछ लोग 50 की उम्र में भी काफी फिट रहते हैं. यह सब आपकी खान-पान की आदत, स्मोकिंग, शराब और रोजमर्रा की लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है.
डॉ. आशीष कुमार बताते हैं मैं हूं कि अगर आपकी उम्र 40 साल से ज्यादा है… डायबिटीज है या परिवार में कम उम्र में किसी को हार्ट की बीमारी हुई है तो साल में एक बार हार्ट हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए. इसमें लिपिड प्रोफाइल, शुगर, रूटीन ब्लड टेस्ट और टीएमटी जैसी जांच शामिल हो सकती हैं. अगर टीएमटी संभव नहीं है तो सीटी कैल्शियम स्कोरिंग कराई जा सकती है. इससे हार्ट की नसों में कैल्शियम जमा होने की जानकारी मिलती है और भविष्य के खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है.
हाई बीपी, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल तीनों ही हार्ट के बड़े रिस्क फैक्टर
डॉ. आशीष कुमार बताते हैं हाई बीपी, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल तीनों ही हार्ट के बड़े रिस्क फैक्टर हैं. सामान्य तौर पर ब्लड प्रेशर 120/80 के आसपास होना अच्छा माना जाता है. अगर लगातार ज्यादा रहता है तो डॉक्टर की सलाह से दवा लेना जरूरी है. डायबिटीज के मरीजों को शुगर कंट्रोल में रखनी चाहिए और साल में कम से कम एक बार HbA1c टेस्ट जरूर कराना चाहिए, जिससे पिछले तीन महीने की औसत शुगर का पता चलता है.
पेट की चर्बी यानी विसरल फैट हार्ट के लिए काफी नुकसानदायक
डॉ. आशीष कुमार बताते हैं मैं हूं कि पेट की चर्बी यानी विसरल फैट हार्ट के लिए काफी नुकसानदायक होती है. इससे शरीर में सूजन बढ़ती है, फैटी लिवर की समस्या हो सकती है और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है. पुरुषों की कमर 90 सेंटीमीटर से कम और महिलाओं की 80 सेंटीमीटर से कम होनी चाहिए. अगर इससे ज्यादा है तो यह अपने आप में खतरे का संकेत है.
रोज 30 मिनट पैदल चलना जरूरी
डॉ. आशीष कुमार बताते हैं अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की गाइडलाइन के अनुसार हर व्यक्ति को सप्ताह में कम से कम पांच दिन, रोज 30 मिनट पैदल चलना चाहिए यानी पूरे सप्ताह में करीब 150 मिनट की शारीरिक गतिविधि जरूरी है. इसके अलावा 40 साल की उम्र के बाद हर साल ब्लड प्रेशर, शुगर, लिपिड प्रोफाइल, सीबीसी, किडनी और लिवर से जुड़ी जांच के साथ जरूरत पड़ने पर कैल्शियम स्कोरिंग जैसी जांच भी करानी चाहिए.
छोटी-छोटी आदतें भी दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती हैं
डॉ. आशीष कुमार बताते हैं रोज की छोटी-छोटी आदतें भी दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती हैं. अगर लगातार बैठकर काम करते हैं तो हर एक घंटे बाद पांच मिनट का ब्रेक लें. इस दौरान थोड़ा पैदल चलें, पानी पिएं, जरूरत हो तो वॉशरूम जाएं और शरीर को एक्टिव रखें. यह छोटी-सी आदत लंबे समय में हार्ट को स्वस्थ रखने में काफी मदद करती है.



