गेहूं के आटे में मिलाएं ये 5 चीजें, घर पर तैयार होगा पहाड़ों का नौरंगी आटा, स्वाद के साथ मिलेगा पोषण

Last Updated:October 01, 2026, 14:27 IST
How to Make Multigrain Flour: पहाड़ी इलाकों में आज भी कई घरों में अलग-अलग अनाज और दालों को मिलाकर नौरंगी या सतरंगी आटा तैयार किया जाता है. गेहूं, मंडुवा, जौ, ओगल, भट्ट और मक्का से बनने वाले इस आटे से रोटी के साथ पराठे और पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं. जानिए घर पर पहाड़ी स्टाइल मल्टीग्रेन आटा तैयार करने का आसान तरीका.
How to Make Multigrain Flour: पहाड़ों में पहले घर की रसोई का सीधा जुड़ाव खेत से हुआ करता था. घर में उपलब्ध अलग-अलग अनाज और दालों को मिलाकर आटा तैयार कर लिया जाता था. इसी तरह तैयार होने वाला नौरंगी या सतरंगी आटा आज भी पहाड़ी इलाकों में पसंद किया जाता है. इसमें गेहूं के साथ मंडुवा, जौ, ओगल, भट्ट और मक्का जैसे अनाज और दालें मिलाई जाती हैं. इससे रोटी का स्वाद अलग हो जाता है और आटे में कई तरह के पोषक तत्व भी शामिल हो जाते हैं.
स्थानीय जानकार संतोषी देवी बताती हैं कि इस आटे की खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग अनाज और दालें हैं. घर पर करीब 5 किलो पहाड़ी स्टाइल मल्टीग्रेन आटा तैयार करने के लिए 2.5 किलो गेहूं, 1 किलो मंडुवा, 500 ग्राम ओगल या फापर, 500 ग्राम जौ, 250 ग्राम काला भट्ट या सोयाबीन और 250 ग्राम मक्का लिया जा सकता है.
इस मिश्रण में गेहूं आटे को बांधने में मदद करता है, जिससे इसकी रोटी आसानी से बन जाती है. मंडुवा यानी रागी पहाड़ी इलाकों का प्रमुख अनाज है और इसमें फाइबर व कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. जौ को भी फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है. वहीं, ओगल या फापर आटे में अलग स्वाद और विविधता लाता है. काला भट्ट और सोयाबीन से इसमें प्रोटीन बढ़ाने में मदद मिलती है, जबकि मक्का आटे के स्वाद को थोड़ा अलग और हल्का बनाता है.
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मल्टीग्रेन आटा बनाने के लिए सबसे पहले सभी अनाजों और दालों को अच्छी तरह साफ कर लें. इनमें मौजूद कंकड़, मिट्टी या दूसरी गंदगी को निकाल दें. इसके बाद अनाजों को पानी से धोकर अच्छी तरह धूप में सुखाएं. ध्यान रखें कि इनमें नमी न रह जाए, क्योंकि नमी की वजह से आटा जल्दी खराब हो सकता है.
काले भट्ट को हल्का भून सकते हैं. इससे उसका स्वाद और खुशबू बढ़ सकती है, लेकिन इसे ज्यादा न भूनें. इसके बाद सभी अनाजों को अलग-अलग या एक साथ मिलाकर घराट या चक्की में पिसवा सकते हैं. अगर आपको बारीक आटा पसंद है तो इसे दोबारा छान लें. वहीं, मोटा आटा पसंद करने वाले लोग इसे बिना ज्यादा छाने भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
तैयार आटे को साफ और सूखे एयरटाइट डिब्बे में रखें. इसे नमी, सीधी धूप और कीड़ों से बचाकर रखना जरूरी है. सही तरीके से रखने पर आटे की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रह सकती है. इस आटे से सिर्फ रोटी ही नहीं, बल्कि पराठे, हलवा और कई दूसरे पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन भी बनाए जा सकते हैं. हालांकि, खान-पान में किसी भी तरह का बदलाव करते समय अपनी उम्र, स्वास्थ्य और शरीर की जरूरत का ध्यान रखना चाहिए. अगर किसी चीज से एलर्जी या कोई खास स्वास्थ्य समस्या है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है.
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October 01, 2026, 14:27 IST



