अलवर-खैरथल में बरसी राहत, बारिश बनी किसानों के लिए अमृत; बाजरा-कपास की फसलें लहलहाईं

Last Updated:July 10, 2026, 06:53 IST
Alwar News: अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों में हुई अच्छी बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है. सूखने की कगार पर खड़ी बाजरा और कपास की फसल को इस बारिश से नया जीवन मिला है. कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे बची हुई बुवाई पूरी करें और कीटों से फसलों की निगरानी रखें. इस बारिश से न केवल फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है, बल्कि उत्पादन बढ़ने के भी प्रबल आसार हैं.
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Alwar News: अलवर और खैरथल-तिजारा जिलों में हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है. लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से आमजन को राहत मिलने के साथ ही, यह बारिश खेती के लिए भी संजीवनी बनकर आई है. पिछले कई दिनों से बरसात न होने के कारण बाजरा और कपास की फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई थीं, जिसे लेकर किसान खासे चिंतित थे.
क्षेत्र के किसान हवा सिंह यादव, शिवचरण और फराज खान ने बताया कि यह बारिश बाजरा और कपास के लिए अमृत के समान है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के चलते बाजरे की फसल मुरझाने लगी थी, लेकिन इस जलवृष्टि ने फसलों को नया जीवनदान दिया है. किसानों का मानना है कि अब फसल की बढ़वार तेजी से होगी और उन्हें अच्छी पैदावार की उम्मीद है.
कृषि विभाग की सलाह और निर्देशकृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह बारिश फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी है. विभाग ने उन किसानों को सलाह दी है जिन्होंने अभी तक बाजरा और ग्वार की बुवाई नहीं की है, कि वे अब बुवाई कर सकते हैं क्योंकि मौसम पूरी तरह अनुकूल है. साथ ही, किसानों से फसलों में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी रखने को कहा गया है. खेतों में जलभराव न होने देने और आवश्यकता अनुसार सिंचाई व उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया है.
बुवाई का लक्ष्य और वर्तमान स्थितिखैरथल-तिजारा जिले में कृषि विभाग ने बाजरे की बुवाई का लक्ष्य 80,000 हेक्टेयर निर्धारित किया था, जिसके मुकाबले अब तक 79,100 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है. वहीं कपास के लिए 10,000 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 3,968 हेक्टेयर में बुवाई की गई है. लगभग दो सप्ताह से बारिश के अभाव में नमी की कमी हो गई थी, जिससे फसलें प्रभावित होने लगी थीं, लेकिन बुधवार की बारिश ने इस संकट को काफी हद तक दूर कर दिया है. यदि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहा, तो इस बार बाजरा, कपास और ज्वार की पैदावार उम्मीद से बेहतर रहने के प्रबल आसार हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Alwar,Alwar,Rajasthan



