ओटीटी बैन के बाद गुरुद्वारों में ‘सतलज’ की स्क्रीनिंग, दिलजीत की मूवी पर सिख कमेटी बोली- ‘सच को दबाना पाप है’

Last Updated:July 10, 2026, 22:55 IST
फिल्म ‘सतलज’ को ‘जी5’ ने महज 48 घंटे के भीतर हटा दिया, जिससे विवाद गरमा गया. अब इसके विरोध में जम्मू की गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने फिल्म को गुरुद्वारों में दिखाने का ऐलान किया है. पहले इसे जम्मू के चार प्रमुख गुरुद्वारों में स्क्रीन किया जाएगा. डीजीपीसी के ट्रेजरर सरदार जगपाल सिंह ने फिल्म को हटाए जाने को लोकतंत्र पर धब्बा और राजनीति से प्रेरित बताया. उनका कहना है कि फिल्म में पूरी हकीकत दिखाई गई है और सच को जनता तक पहुंचने से रोकना बड़ा पाप है.
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‘सतलज’ को 48 घंटे के अंदर जी5 ने हटा दिया था.
नई दिल्ली: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलज’ पर खूब चर्चा हो रही है. फिल्म एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके काम को दिखाती है, जिसकी वजह से विवाद पैदा हो गया है. ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी5’ पर फिल्म बिना किसी ढिंढोरे के रिलीज हुई थी, मगर इसे महज 48 घंटे के भीतर हटा दिया गया. बैन के विरोध में अब जम्मू की जिला गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (डीजीपीसी) खुलकर सामने आ गई है. डीजीपीसी के ट्रेजरर सरदार जगपाल सिंह ने साफ किया है कि भले ही फिल्म को ओटीटी से गायब कर दिया गया हो, लेकिन वे इसे लोगों तक पहुंचाकर रहेंगे. उन्होंने ऐलान किया है कि फिल्म को जम्मू के अलग-अलग गुरुद्वारों में बकायदा स्क्रीन लगाकर संगतों को दिखाया जाएगा.
कमेटी ने फिल्म दिखाने के लिए पूरा शेड्यूल भी तैयार कर लिया है. पहले फेज में फिल्म जम्मू के चार प्रमुख गुरुद्वारों में दिखाई जा रही है. इसे शुक्रवार को गुरु नानक नगर के गुरुद्वारे में दिखाया गया, जबकि शनिवार को अखनूर के गुरुद्वारा साहब और रविवार को खोर ब्रायस पुरा में इसकी स्क्रीनिंग रखी गई है. इसके बाद 14 जुलाई को तलाब टिल्लो के गुरुद्वारा सदन में लोग यह फिल्म देख सकेंगे. जगपाल सिंह का कहना है कि जैसे-जैसे अन्य कमेटियों का सहयोग मिलेगा, इस फिल्म को आगे जम्मू के दूसरे गुरुद्वारों में भी बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा.
हर विचार की आजादी होनी चाहिएसरदार जगपाल सिंह ने फिल्म को इतनी जल्दी ओटीटी से हटाए जाने पर गहरा गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने इसे लोकतंत्र पर एक बड़ा धब्बा बताते हुए कहा कि फिल्म में जो कुछ भी दिखाया गया है, वह पूरी तरह से कड़वी हकीकत है. उन्होंने उन लोगों और सिस्टम पर निशाना साधा जिनके दबाव में आकर फिल्म को हटाया गया. जगपाल सिंह ने कहा, ‘हमारा देश एक खूबसूरत गुलदस्ते की तरह है, जहां हर विचार की आजादी होनी चाहिए. ऐसे में सच को दबाने के लिए राजनीति करना बेहद शर्मनाक है.’
सच को दुनिया के सामने आने से रोकना भी पाप सरदार जगपाल सिंह ने सवाल उठाया कि अगर फिल्म में दिखाई गई बातें झूठी थीं, तो सीबीआई ने इसकी जांच क्यों नहीं की? जब मामला कोर्ट तक गया, तो किसी को सजा क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि भगवान ही जाने कि इस फिल्म को हटाने के पीछे किसका हाथ है, लेकिन सच को दुनिया के सामने आने से रोकना भी अपने-आप में एक बड़ा पाप है. फिलहाल, ओटीटी से हटने के बाद भी ‘सतलज’ को लेकर मचा यह बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुद्वारों में इसकी स्क्रीनिंग को लेकर सिखों के साथ-साथ आम जनता में भी उत्सुकता है.
About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
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