डायबिटीज से इम्यूनिटी तक रामबाण हैं पुष्कर के जामुन, गुजरात-हरियाणा तक पहुंची जबरदस्त डिमांड

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पुष्कर के जामुन: स्वाद और सेहत का खजाना, गुजरात-हरियाणा तक बढ़ी मांग
Last Updated:July 10, 2026, 06:16 IST
Pushkar News: पुष्कर के जामुन अपनी औषधीय गुणवत्ता और स्वाद के कारण राजस्थान ही नहीं बल्कि गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों में भी खूब पसंद किए जा रहे हैं. अनुकूल मौसम के कारण इस बार बंपर उत्पादन हुआ है. 4 से 5 साल में तैयार होने वाले ये पेड़ 30 साल तक फल देते हैं. मधुमेह नियंत्रण और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होने के कारण बाजार में इनकी भारी मांग है. किसान ताराचंद भाटी के अनुसार बेहतर गुणवत्ता ने पुष्कर को जामुन की नई पहचान दी है.
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पुष्कर: धार्मिक नगरी पुष्कर में उगने वाले जामुन अब अपनी विशेष पहचान के कारण केवल स्थानीय बाजारों तक ही सीमित नहीं रहे हैं. अपने बेहतरीन स्वाद, प्राकृतिक मिठास और औषधीय गुणों के चलते यहां के जामुन की मांग देश के कई राज्यों तक पहुंच चुकी है. अनुकूल मौसम और बेहतर उत्पादन के कारण इस बार बागवानों को बंपर पैदावार मिली है, जिससे बाजार में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है.
पुष्कर में जामुन की खेती का आधार बीज से पौधे तैयार करना है. एक बार पौधा तैयार होने के बाद उसे खेत में रोपित किया जाता है और विकसित होने दिया जाता है. एक जामुन के पेड़ को पूर्ण रूप से फल देने योग्य बनने में लगभग चार से पांच वर्ष का समय लगता है. इसके बाद एक स्वस्थ पेड़ लगातार 20 से 30 वर्षों तक अच्छी पैदावार देता रहता है. जामुन के पेड़ काफी ऊंचे और मजबूत होते हैं, जिससे लंबे समय तक इसका उत्पादन बना रहता है. यही कारण है कि इसे दीर्घकालिक और लाभदायक बागवानी फसल की श्रेणी में रखा जाता है.
गुजरात और हरियाणा तक बढ़ रही मांगपुष्कर में जामुन की खेती करने वाले किसान ताराचंद भाटी बताते हैं कि यहां के जामुन अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और अनूठे स्वाद के कारण देशभर में पहचाने जा रहे हैं. यहां से उत्पादित जामुन राजस्थान के अलावा गुजरात, हरियाणा और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के बाजारों तक भेजे जा रहे हैं. स्वाद, बड़े आकार और बेहतर गुणवत्ता के कारण इनकी मांग में लगातार इजाफा हो रहा है. बाजार में अलग पहचान होने के कारण ये व्यापारियों और खरीदारों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं.
अनुकूल मौसम ने बढ़ाया उत्पादनकिसान ताराचंद भाटी ने जानकारी दी कि इस वर्ष समय पर अनुकूल मौसम मिलने से पैदावार काफी अच्छी रही है. सामान्य तौर पर समय से पहले होने वाली बारिश से फल के खराब होने का डर बना रहता है, लेकिन इस वर्ष बारिश अपेक्षाकृत देरी से हुई, जिससे फसल को पूरी तरह तैयार होने का भरपूर समय मिला. इसका सीधा लाभ बागवानों को मिला है और बाजार में जामुन की पर्याप्त आवक बनी हुई है.
स्वाद और सेहत का अनूठा संगमपुष्कर के जामुन केवल अपने स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि अपने औषधीय गुणों के लिए भी प्रसिद्ध हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, कैल्शियम और विभिन्न प्रकार के विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये जामुन मधुमेह (डायबिटीज) को नियंत्रित करने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने में बेहद उपयोगी माने जाते हैं. प्राकृतिक मिठास और पौष्टिक गुणों के कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों में इनकी भारी मांग है, जिससे पुष्कर के जामुन की धाक हर वर्ष और मजबूत होती जा रही है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Pushkar,Ajmer,Rajasthan



