Kanwar Yatra : 101 लीटर गंगाजल की कावड़ में साथ चला सद्दाम, सावन में दिखी दिल जीत लेने वाली मिसाल

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गंगाजल की कावड़ में साथ चला ‘सद्दाम’, सावन में दिखी दिल जीत लेने वाली मिसाल
Last Updated:August 04, 2026, 14:56 IST
Dhaulpur News : धौलपुर में मुस्लिम युवक सद्दाम खान ने कांवड़ यात्रा में शामिल होकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की है. उन्होंने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए. यह लोगों में एक आपसी सद्भाव का मैसेज भेज रहा है. सभी श्रद्धालु मिलकर कांवड़ को सैपऊ स्थित ऐतिहासिक महादेव शिव मंदिर तक लेकर पहुंचे, जहां सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया गया.
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धौलपुर. सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर में कांवड़ यात्रा का उत्साह देखने को मिल रहा है. इसी बीच धौलपुर जिले के सैपऊ उपखंड से हिंदू-मुस्लिम एकता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. कुकरा गांव के युवकों की टोली सोरों गंगाजी से 101 लीटर गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर सैपऊ पहुंची. इस कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि मुस्लिम युवक सद्दाम खान भी पूरी श्रद्धा के साथ कांवड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले. सद्दाम खान आधे रास्ते से कांवड़ यात्रा में शामिल हुए थे.
सद्दाम खान पूरे रास्ते हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए कांवड़ यात्रा में शामिल रहे. उनकी इस भागीदारी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. सैपऊ उपखंड के बाजार से जब कांवड़ यात्रा निकली तो लोगों ने इस अनोखी यात्रा का स्वागत किया. हर कोई इसे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बता रहा है. स्थानीय लोग सद्दाम खान की इस पहल की भी जमकर सराहना कर रहे हैं.
ऐतिहासिक शिव मंदिर में किया गंगाजल अर्पितरामकिशन परमार ने बताया कि गांव के राहुल, सुखवीर और सौरभ सोरों गंगाजी से 101 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर चले थे. रास्ते में कुलदीप, मनीष, गौरव, सोनू, मोनू, पंकज, गीतम और मांकरा गांव निवासी सद्दाम खान भी इस यात्रा से जुड़ गए. सभी श्रद्धालु मिलकर कांवड़ को सैपऊ स्थित ऐतिहासिक महादेव शिव मंदिर तक लेकर पहुंचे, जहां सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया गया. इसके बाद सभी भक्तों ने देश की उन्नति, प्रगति और खुशहाली की कामना की.
यात्रा के दौरान दिखी भाईचारे की मिसालकांवड़ यात्रा के दौरान कई स्थानों पर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने कांवड़ियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया. ऐसे समय में जब कई बार धर्म और जाति के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिशें होती हैं, तब इस तरह की तस्वीरें समाज को एकता, आपसी सम्मान और प्रेम का संदेश देती हैं.
पूरे इलाके में हो रही है सराहनासद्दाम खान की इस पहल की पूरे इलाके में खूब चर्चा हो रही है. लोगों का कहना है कि उन्होंने यह साबित कर दिया कि इंसानियत, आपसी सम्मान और भाईचारा किसी भी धर्म से बड़ा होता है. सैपऊ की यह कांवड़ यात्रा अब केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं रही, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
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Location :
Karauli,Karauli,Rajasthan
First Published :
August 04, 2026, 14:56 IST



