Dholpur News: मानसून में पशुओं की सेहत का रखें खास ख्याल, समय पर डीवार्मिंग से बढ़ेगा दूध उत्पादन

Last Updated:August 03, 2026, 18:00 IST
Dholpur News: मानसून में नमी और जलभराव के कारण पशुओं में पेट के कीड़ों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में समय पर डीवार्मिंग (पेट के कीड़ों की दवा) कराने से पशु स्वस्थ रहते हैं, दूध उत्पादन बेहतर होता है और कई बीमारियों से बचाव होता है. हालांकि, गर्भवती पशुओं को दवा देने से पहले पशु चिकित्सक की सलाह लेना बेहद जरूरी है.
राजस्थान में बारिश का मौसम शुरू होते ही किसान खेती की तैयारियों में जुट जाते हैं. लेकिन इस समय पशुपालकों को भी अपने पशुओं की सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए. मानसून में नमी और गंदगी बढ़ने से पशुओं में कई तरह के संक्रमण और पेट के कीड़ों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में समय पर डीवार्मिंग (पेट के कीड़ों की दवा) कराना बहुत जरूरी होता है.
पेट में कीड़े होने पर पशुओं की भूख कम हो जाती है, उनका वजन घटने लगता है, शरीर कमजोर हो जाता है, दस्त की समस्या हो जाती है और दूध देने वाले पशुओं का दूध उत्पादन भी कम होने लगता है. समय पर इलाज नहीं मिलने पर पशु कमजोर होते जाते हैं और उनकी उत्पादन क्षमता भी कम हो जाती है.
इन समस्याओं से बचाव के लिए मानसून शुरू होने से पहले पशुओं की डीवार्मिंग करानी चाहिए. डीवार्मिंग लिए एल्बेंडाजोल दवा का इस्तेमाल किया जाता है, जो टैबलेट और लिक्विड दोनों रूप में बाजार में उपलब्ध होती है लेकिन दवा हमेशा पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार सही मात्रा में ही दें.
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पशु चिकित्सकों ने बताया केवल मानसून से पहले ही नहीं, बल्कि हर चार महीने के अंतराल पर नियमित डीवार्मिंग करानी चाहिए. इससे पेट के कीड़े खत्म होते हैं, पाचन तंत्र मजबूत रहता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और पशु का विकास बेहतर होता है. साथ ही दूध उत्पादन पर भी अच्छा असर पड़ता है.
मानसून में खेतों और खलिहानों में गंदगी तथा जलभराव अधिक होने के कारण कीड़े और परजीवी तेजी से फैलते हैं. यही वजह है कि इस मौसम में डीवार्मिंग की जरूरत और भी बढ़ जाती है, अगर पशु गर्भवती है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के डीवार्मिंग बिल्कुल न करें क्योंकि गलत दवा देने से गर्भपात का खतरा भी हो सकता है. गर्भवती पशुओं को दवा देने से पहले पशु चिकित्सक से सलाह लेना बेहद जरूरी है. समय पर डीवार्मिंग और सही देखभाल से पशु स्वस्थ रहेंगे और बेहतर उत्पादन देंगे.
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August 03, 2026, 18:00 IST



