न बोल सकते, न सुन सकते… फिर भी राजस्थान के टॉप टैटू आर्टिस्ट बन गए कोटा के परमजीत सिंह

Last Updated:August 07, 2026, 09:12 IST
Kota Deaf Tattoo Artist Paramjeet Singh: कोटा के मूक-बधिर टैटू आर्टिस्ट परमजीत सिंह ने अपनी शारीरिक चुनौती को हराते हुए राजस्थान के टॉप टैटू कलाकारों में जगह बनाई है. बचपन में पढ़ाई छूटने के बाद परिवार के सहयोग से उन्होंने ड्राइंग के हुनर को पहचाना और टैटू मेकिंग सीखी. घर के कमरे से शुरुआत कर उन्होंने गुमानपुरा में ‘Aiden’s Tattoo’ नाम से बड़ा स्टूडियो खोला. वे पेन-पेपर और साइन लैंग्वेज से ग्राहकों से बात करते हैं. उनकी पत्नी भी मूक-बधिर हैं और क्रोशिया वर्क से आत्मनिर्भर हैं.
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Kota Deaf Tattoo Artist Paramjeet Singh: “जहाँ चाह, वहाँ राह” इस कहावत को राजस्थान के औद्योगिक और शैक्षणिक शहर कोटा के एक होनहार सिख टैटू आर्टिस्ट ने पूरी तरह से सच कर दिखाया है. जन्म से ही बोलने और सुनने में असमर्थ होने की गंभीर शारीरिक चुनौती भी उनके बड़े सपनों और हौसलों के आगे दीवार नहीं बन सकी. हम बात कर रहे हैं कोटा के मशहूर टैटू आर्टिस्ट परमजीत सिंह की, जिन्होंने अपनी अटूट लगन, दिन-रात की कड़ी मेहनत और परिवार के भरपूर सहयोग से आज राजस्थान के नामचीन और शीर्ष टैटू कलाकारों में अपना नाम दर्ज करा लिया है.
परमजीत सिंह के जीवन की राह कभी आसान नहीं रही. बचपन में जब वे कानों में सुनने की मशीन (हियरिंग एड) लगाकर स्कूल जाते थे, तो साथ पढ़ने वाले बच्चे अक्सर उनका मज़ाक उड़ाया करते थे. सहपाठियों के इस रवैये से उनका दिल ज़रूर दुखता था, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी. बोल-सुन न पाने की वजह से उनकी स्कूली पढ़ाई और बाद में कॉलेज (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई बीच में ही छूट गई. हालांकि, ऐसे कठिन समय में उनके परिवार ने उनका हाथ थामे रखा. उनकी बहन राजप्रीत बताती हैं कि परमजीत की बचपन से ही ड्राइंग, स्केचिंग और पेंटिंग में अद्भुत रुचि और गजब की पकड़ थी. परिवार ने उनके भीतर छिपे इस हुनर को पहचाना और उन्हें एक प्रोफेशनल टैटू आर्टिस्ट बनाने का फैसला किया.
घर के छोटे से कमरे से ‘आइडेन टैटू’ (Aiden’s Tattoo) स्टूडियो तक का शानदार सफरटैटू कला में काफी सटीकता, सफाई और लगातार अभ्यास की जरूरत होती है. परमजीत ने दिन-रात एक करके इस जटिल हुनर को सीखा और निधारा. शुरुआत में उन्होंने अपने घर के ही एक छोटे से कमरे से काम करना शुरू किया था. इसके बाद उन्होंने कोटा के प्रसिद्ध ‘सेंट्रल स्क्वायर मॉल’ में अपना पहला छोटा सा स्टूडियो खोला. ग्राहकों को उनकी टैटू फिनिशिंग, शेडिंग और कला इतनी पसंद आई कि उनका काम बेहद तेजी से आगे बढ़ने लगा. सफलता के इस सफर को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कोटा के गुमानपुरा इलाके में ‘आइडेन टैटू’ (Aiden’s Tattoo) नाम से एक बड़ा और खूबसूरत टैटू स्टूडियो स्थापित किया, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से सजाया है.
साइन लैंग्वेज, पेन-पेपर और बॉडी मार्किंग से दूर करते हैं ग्राहकों की झिझकजो ग्राहक पहली बार परमजीत के स्टूडियो आते हैं, उनके मन में शुरुआत में यह शंका होती है कि जो इंसान बोल या सुन नहीं सकता, उसे अपनी पसंद का जटिल टैटू डिजाइन कैसे समझाएंगे. लेकिन परमजीत अपनी अनोखी कार्यशैली से हर ग्राहक का दिल जीत लेते हैं. वे बातचीत के लिए पेन-पेपर, बॉडी मार्किंग और सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) का इस्तेमाल करते हैं. टैटू बनवाने आए ग्राहक जयंत बताते हैं कि परमजीत बिना एक भी शब्द बोले ग्राहक के मन की बात को हूबहू समझ लेते हैं और त्वचा पर वैसा ही परफेक्ट टैटू उकेर देते हैं जैसा कस्टमर चाहता है.
पति-पत्नी एक-दूसरे की बने ताकत, सोशल मीडिया पर भी छाए परमजीतपरमजीत का पारिवारिक जीवन भी हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है. उनकी पत्नी भी बोल और सुन नहीं सकती हैं, लेकिन वे किसी पर निर्भर रहने के बजाय क्रोशिया (धागे की बुनाई) का सुंदर काम करती हैं और आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आर्थिक मदद करती हैं. दोनों पति-पत्नी एक-दूसरे की सबसे बड़ी ताकत बनकर खुशी-खुशी जीवन बिता रहे हैं. आज परमजीत सिंह के हुनर के चर्चे यूट्यूब, इंस्टाग्राम और गूगल पर छाए हुए हैं. उनकी बहन का कहना है कि ईश्वर जब किसी में कोई कमी देता है, तो उसे कोई न कोई ऐसा खास हुनर ज़रूर बख्शता है जो उसे भीड़ से अलग बनाता है. कोटा के इन परमजीत सिंह की यह संघर्षगाथा साबित करती है कि यदि इंसान में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो हर बाधा को पार किया जा सकता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Kota,Kota,Rajasthan
First Published :
August 07, 2026, 09:12 IST



