Barmer News | Chai Startup

Last Updated:August 12, 2026, 15:34 IST
Indias Best Startups : बाड़मेर के ओमप्रकाश ने विदेश की नौकरी छोड़ ‘OMNA NRI चायवाला’ स्टार्टअप शुरू किया. अब उनका सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपये है और वे 15 लोगों को रोजगार दे रहे हैं. ओमप्रकाश बताते हैं कि सरकारी नौकरी या विदेश में नौकरी को ही सफलता का अंतिम रास्ता नहीं मानना चाहिए. ओमप्रकाश के बाड़मेर शहर में चार आउटलेट चल रहे हैं. इनमें सिटी सेंटर, नेहरू नगर, चामुंडा चौराहा और सेंट पॉल स्कूल के पास स्थित आउटलेट शामिल हैं.
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बाड़मेर. विदेश में नौकरी, अच्छी कमाई और सुरक्षित करियर. आमतौर पर युवा ऐसे मौके को छोड़ना नहीं चाहते हैं. लेकिन सरहदी बाड़मेर के भुरटिया गांव निवासी ओमप्रकाश ने अलग राह चुनी है. विदेश की नौकरी छोड़कर उन्होंने खुद का स्टार्टअप शुरू किया और चाय को ही अपना कारोबार बना लिया. ओमप्रकाश अब चाय के कारोबार से न केवल लोगों को रोजगार दे रहे हैं, बल्कि 2 करोड़ रुपये का टर्नओवर भी पार कर चुके हैं.
विदेश में नौकरी करना आज के युवाओं के लिए बड़े सपने से कम नहीं है. अच्छी सैलरी और बेहतर सुविधाओं के बीच कांगो में नौकरी कर रहे बाड़मेर के ओमप्रकाश भुरटिया ने एक दिन कुछ अलग करने का फैसला किया और बाड़मेर आकर खुद का चाय का कारोबार शुरू किया. शुरुआत भले ही छोटे स्तर से हुई, लेकिन मेहनत, नए प्रयोग और अपनी सोच के दम पर आज ‘OMNA NRI चायवाला’ का सालाना टर्नओवर करीब 2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
बाड़मेर शहर में 4 आउटलेट, 15 लोगों को दे रहे रोजगारखास बात यह है कि यह कारोबार सिर्फ उनकी खुद की कमाई का जरिया नहीं बना है, बल्कि उन्होंने 15 लोगों को रोजगार भी दिया है. ओमप्रकाश के बाड़मेर शहर में चार आउटलेट चल रहे हैं. इनमें सिटी सेंटर, नेहरू नगर, चामुंडा चौराहा और सेंट पॉल स्कूल के पास स्थित आउटलेट शामिल हैं. अलग-अलग इलाकों में आउटलेट खोलकर उन्होंने ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ाई है.
विदेश की नौकरी छोड़ खुद का स्टार्टअप शुरू कियाओमप्रकाश लोकल18 से बातचीत करते हुए बताते हैं कि कांगो में नौकरी करते समय उनके मन में अपना कारोबार शुरू करने का विचार आया. विदेश में नौकरी से आमदनी तो हो रही थी, लेकिन वे किसी और के लिए काम करने के बजाय खुद का व्यवसाय खड़ा करना चाहते थे. इसी सोच के साथ उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने बिजनेस पर फोकस किया.
नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले बनें युवाओमप्रकाश बताते हैं कि सरकारी नौकरी या विदेश में नौकरी को ही सफलता का अंतिम रास्ता नहीं मानना चाहिए. अगर किसी युवा के पास अच्छा आइडिया है और उसे जमीन पर उतारने का साहस है, तो वह खुद का बिजनेस शुरू कर सकता है. वे बताते हैं कि खुद का व्यवसाय शुरू करने से न केवल व्यक्ति आत्मनिर्भर बनता है, बल्कि वह दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार का जरिया बन सकता है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
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First Published :
August 12, 2026, 15:34 IST



