सूखती झीलों में पहुंचा पानी तो बदल गई केवलादेव की तस्वीर, फिर गूंजने लगा पक्षियों की चहचहाहट

Last Updated:August 14, 2026, 09:34 IST
Bharatpur Ghana Bird Sanctuary: भरतपुर के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में अजान बांध से 30 एमसीएफटी पानी पहुंचने के बाद सूखी झीलों में फिर से रौनक लौट आई है. पार्क का महत्वपूर्ण डी-ब्लॉक 3.5 फीट तक भर गया है और अब बी-ब्लॉक में पानी भरा जा रहा है. पक्षियों के प्रजनन काल के दौरान पानी मिलने से जलीय जीवों और वनस्पतियों को नया जीवन मिला है, जिससे घना पार्क एक बार फिर पक्षियों के कलरव से गूंज उठा है.
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Bharatpur: भरतपुर के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में एक बार फिर पक्षियों के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है. अजान बांध से करीब 30 एमसीएफटी पानी उद्यान की झीलों तक पहुंचने के बाद घना की सूखी पड़ी झीलों में पानी भरने लगा है.पानी की उपलब्धता के साथ ही उद्यान में रहने वाले स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं.इससे घना क्षेत्र एक बार फिर पक्षियों के कलरव से गूंजने लगा है.पक्षियों के प्रजनन काल में पानी की यह उपलब्धता उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
अजान बांध के कैचमेंट क्षेत्र में 8 अगस्त से लगातार बारिश होने के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई है.बांध में अतिरिक्त पानी आने के बाद जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से डाकन मोरी के माध्यम से पानी को केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की झीलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई इसके बाद अब तक करीब 30 एमसीएफटी पानी पार्क में पहुंच चुका है. पानी पहुंचने से उद्यान के अलग-अलग ब्लॉकों में जलस्तर बढ़ने लगा है.
डीएफओ चेतन कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उद्यान के डी-ब्लॉक में अजान बांध से आने वाले पानी को मोड़ा गया है.यह ब्लॉक हेरॉनरी और मछलियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. डी-ब्लॉक की पानी भराव क्षमता करीब चार फीट है. जिसमें वर्तमान में लगभग 3.5 फीट पानी भर चुका है. यानी ब्लॉक करीब 80 प्रतिशत तक भर गया है. इसके बाद अब बी-ब्लॉक में भी पानी भरा जा रहा है.जिससे आने वाले दिनों में उद्यान के अन्य हिस्सों में भी जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है.
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में इस समय पक्षियों के प्रजनन का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है.ऐसे में झीलों में पानी पहुंचने से पक्षियों के लिए प्राकृतिक आवास और भोजन की उपलब्धता बेहतर होगी पानी के साथ जलीय वनस्पतियों का विकास होगा और मछली मेंढक, घोंघे तथा विभिन्न जलीय जीवों की संख्या बढ़ेगी ये जीव कई पक्षियों के लिए प्राकृतिक भोजन का प्रमुख स्रोत हैं.पर्याप्त पानी मिलने से पक्षियों को घोंसले बनाने अंडे देने और बच्चों के पालन-पोषण के लिए भी बेहतर वातावरण मिलेगा
कुछ समय पहले बारिश की कमी के कारण केवलादेव की कई झीलों में पानी का स्तर लगातार घट रहा था इससे जलीय जीवों के साथ पक्षियों के प्राकृतिक आवास और भोजन पर भी असर पड़ने की आशंका थी ऐसे समय में अजान बांध से पानी पहुंचना घना के लिए राहत की खबर माना जा रहा है.पानी मिलने से उद्यान की जैव विविधता को भी नया जीवन मिला है.
वन्यजीव प्रेमियों और पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार केवलादेव जैसे महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि क्षेत्र के लिए समय पर पानी मिलना बेहद जरूरी है.जल उपलब्धता बनी रहने से पक्षियों की गतिविधियां बढ़ेंगी और आगामी पर्यटन सीजन में पर्यटकों को भी घना में पक्षियों की अधिक विविधता और प्राकृतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.अजान बांध से पहुंचा पानी फिलहाल केवलादेव की झीलों के लिए राहत ही नहीं बल्कि यहां रहने वाले हजारों पक्षियों और जलीय जीवों के लिए जीवन का आधार बन गया है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
August 14, 2026, 09:34 IST



