केएल राहुल की चोट कितनी गंभीर… दूसरे दिन बल्लेबाजी के लिए आएंगे या नहीं? कोच सितांशु कोटक ने दी इंजरी अपडेट

नई दिल्ली. श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 288 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. हालांकि, दिन के खेल के दौरान भारतीय फैंस और टीम प्रबंधन के लिए एक चिंताजनक पल तब आया, जब उपकप्तान और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल 77 रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए. बेंगलुरु के इस अनुभवी बल्लेबाज को बल्लेबाजी के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होने लगा था, जिसके बाद ऐहतियातन उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. मैच के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केएल राहुल की फिटनेस पर बड़ा अपडेट दिया और फैंस को राहत की सांस लेने का मौका दिया.
सितांशु कोटक (Sitanshu Kotak) ने केएल राहुल (KL Rahul) के मैदान छोड़ने की वजह साफ करते हुए बताया,’राहुल के लिए यह सिर्फ अत्यधिक खिंचाव का मामला था. केएल ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की. मुझे लगता है कि उन्हें सिर्फ मांसपेशियों में खिंचाव हो रहा था. दिन का खेल खत्म होने तक वह बिल्कुल ठीक महसूस कर रहे थे. जब आपको मैच के दौरान डिहाइड्रेशन या थकान की वजह से खिंचाव होने लगता है, तो यह हैमस्ट्रिंग, ग्रोइन या हाथ में भी हो सकता है.’
राहुल के दूसरे दिन बल्लेबाजी के लिए वापस उतरने की संभावनाओं पर बात करते हुए कोटक ने आगे कहा, ‘इस समय वह पूरी तरह ठीक दिख रहे हैं. मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है, और हमें उम्मीद है कि वह कल दोबारा बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह तैयार होंगे.’
राहुल बने टीम के संकटमोचककेएल राहुल की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए बल्लेबाजी कोच ने उनके लचीलेपन की जमकर सराहना की. राहुल सीमित ओवरों के क्रिकेट (वनडे और टी20) में मध्यक्रम और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं, वहीं टेस्ट क्रिकेट में वह पारी का आगाज करते हुए नजर आ रहे हैं. सितांशु कोटक के अनुसार, किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने की मानसिक तैयारी ही एक महान खिलाड़ी की पहचान होती है.
कोटक ने कहा,’वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो वनडे खेलते समय नंबर 5 या नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हैं, जैसा कि आपने हाल के मैचों में देखा है. जब आप एक अनुभवी बल्लेबाज होते हैं और टीम की जरूरत के मुताबिक किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने को तैयार रहते हैं, तो यह आपके एक शानदार और टीम-फर्स्ट खिलाड़ी होने का सबसे बड़ा सबूत है. वह टीम के लिए बेहद उपयोगी खिलाड़ी हैं. लाल गेंद के क्रिकेट में वह पारी की शुरुआत करते हैं और सफेद गेंद के क्रिकेट में जहां भी टीम को जरूरत होती है, वहां जिम्मेदारी संभालते हैं. जिस तरह से वह अभी बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह क्रीज पर काफी जिम्मेदारी ले रहे हैं, साझेदारियां बना रहे हैं और पारी को संभाल रहे हैं. यह भारतीय टीम के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है.’
288/2 का स्कोर अच्छा, पर गॉल की पिच पर आगे चुनौती बड़ीगॉल की पिच के मिजाज पर चर्चा करते हुए कोटक ने माना कि पहले दिन बल्लेबाजों को परिस्थितियां काफी अनुकूल मिलीं. भारतीय बल्लेबाजों ने इसका पूरा फायदा उठाया और दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट पर 288 रन का मजबूत स्कोर खड़ा कर दिया. हालांकि, कोटक का मानना है कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, यह पिच स्पिनरों के लिए मददगार साबित होगी.
पिच के बर्ताव का विश्लेषण करते हुए कोटक ने कहा, ‘पिच अभी थोड़ी सूखी तरफ है और फिलहाल यह बल्लेबाजी के लिए बहुत अच्छी विकेट दिख रही है. यहां गेंद बल्ले पर सीधी आ रही है और अभी बहुत ज्यादा स्पिन देखने को नहीं मिली है. हमारे लिए पहले दिन 288 रन बनाना एक बेहतरीन संकेत है, लेकिन यह सिर्फ पहला दिन है. हमारे सामने अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है.’ उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को दूसरे दिन भी अपनी बल्लेबाजी की लय बनाए रखनी होगी. बकौल कोटक, ‘मुझे नहीं लगता कि पिच में बड़ी दरारें पड़ेंगी, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, दूसरे, तीसरे और चौथे दिन पिच अधिक टर्न लेना शुरू करेगी.’
गॉल के ऐतिहासिक आंकड़े और गिरता हुआ औसतअपनी बात को आंकड़ों के जरिए समझाते हुए सितांशु कोटक ने गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स का हवाला दिया. उन्होंने बताया कि गॉल में मैच के दिन बीतने के साथ-साथ बल्लेबाजी कितनी कठिन होती जाती है. पहले दिन बल्लेबाजों का औसत स्कोर लगभग 53 रन रहता है. दूसरे दिन यह औसत घटकर 38 रन पर आ जाता है. तीसरे दिन बल्लेबाजों का औसत गिरकर महज 28 रन रह जाता है.



