Health tips : बालों को बना देगा काला-घना, लेकिन इनके लिए खतरनाक…जानें गुड़हल के फायदे-नुकसान

Last Updated:August 17, 2026, 19:18 IST
Hibiscus Flower Benefits : घर के आंगन, बगीचे और गमलों में गुड़हल का पौधा आराम से मिल जाता है. लाल, गुलाबी, पीले और सफेद रंग के फूलों के कारण इसे लोग घर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए लगाते हैं, लेकिन गुड़हल केवल सजावटी पौधा नहीं है. आयुर्वेद में गुड़हल के फूल, पत्तियों और दूसरे हिस्सों का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता रहा है. लोकल 18 से गोंडा के वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति बताते हैं कि इसके फूल और पत्तियों को पीसकर कई लोग बालों में लगाते हैं. गुड़हल की कुछ प्रजातियों से तैयार हर्बल चाय का भी इस्तेमाल खूब होता है. हालांकि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं, छोटे बच्चों और किसी बीमारी की दवा लेने वाले लोगों को इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए.
घर के आसपास आसानी से मिल जाने वाले गुड़हल को औषधीय गुणों वाला पौधा माना जाता है. इसके कई फायदे हैं. लोकल 18 ने इस बारे में गोंडा के गोंडा के वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति से बात की. वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति बताते हैं कि गुड़हल के फूल में कई यौगिक पाए जाते हैं, जो हमारे लिए रामबाण हैं. बालों को काला और घना रखने में गुड़हल काम आता है. त्वचा के लिए भी ये अनमोल है.
लोकल 18 से वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति बताते हैं कि गुड़हल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल में किया जाता है. इसके फूल और पत्तियों को पीसकर कई लोग बालों में लगाते हैं. माना जाता है कि इससे बालों को पोषण मिलता है और बाल मुलायम बने रहते हैं. गुड़हल से तैयार हेयर पैक या तेल का इस्तेमाल भी लोग करते हैं. कई घरेलू नुस्खों में गुड़हल की पत्तियों और फूलों को नारियल तेल के साथ मिलाकर बालों में लगाने की बात कही जाती है.
गुड़हल के फूल में कई प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं. इसी कारण पारंपरिक रूप से इसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए भी किया जाता है. फूलों को पीसकर बनाए गए लेप का उपयोग कुछ लोग त्वचा पर करते हैं. गुड़हल में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट यौगिक त्वचा के लिए उपयोगी माने जाते हैं. हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसे सीधे चेहरे या त्वचा पर लगाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. किसी भी तरह की जलन या एलर्जी होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए.
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गुड़हल के फूलों में एंथोसाइनिन जैसे प्राकृतिक पौधों के यौगिक पाए जाते हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाने जाते हैं. एंटीऑक्सीडेंट शरीर में बनने वाले मुक्त कणों से होने वाले नुकसान को कम करने में भूमिका निभाते हैं. गुड़हल की कुछ प्रजातियों से तैयार हर्बल चाय का भी इस्तेमाल खूब किया जाता है.
गुड़हल से बनी चाय और इसके अर्क पर ब्लड प्रेशर को लेकर कुछ इसके सेवन से रक्तचाप में कमी देखने को मिली है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हाई ब्लड प्रेशर की दवा छोड़कर गुड़हल का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाए. जो लोग पहले से ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं, उन्हें गुड़हल की चाय या किसी अर्क का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि कुछ लोगों में इसका असर दवाओं के साथ मिलकर जरूरत से ज्यादा रक्तचाप कम कर सकता है.
गुड़हल के फूलों से बनी चाय का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से पाचन से जुड़ी परेशानियों में भी किया जाता रहा है. कुछ लोग इसे भोजन के बाद लेते हैं. इसके खट्टे स्वाद और पौधों से मिलने वाले प्राकृतिक यौगिकों के कारण इसे हर्बल पेय के रूप में पसंद किया जाता है. हालांकि गैस, पेट दर्द, लगातार कब्ज, दस्त या किसी अन्य समस्या के लंबे समय तक बने रहने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.
गुड़हल की हर्बल चाय को लेकर वजन घटाने में प्रयोग किया जाता है. इसमें कैलोरी बहुत कम हो सकती है, खासकर जब इसमें चीनी न मिलाई जाए. लेकिन केवल गुड़हल की चाय पीने से वजन कम होने की गारंटी नहीं है. वजन नियंत्रित करने के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद ज्यादा जरूरी हैं. इसलिए गुड़हल को वजन घटाने की दवा समझना सही नहीं होगा.
वैद्य विष्णु दत्त प्रजापति बताते हैं कि गुड़हल प्राकृतिक पौधा जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति के लिए इसका सेवन सुरक्षित ही होगा. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं, छोटे बच्चों और किसी बीमारी की दवा लेने वाले लोगों को इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. खासकर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर या दूसरी नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को गुड़हल की चाय, अर्क या किसी घरेलू नुस्खे का नियमित इस्तेमाल शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए.
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August 17, 2026, 19:18 IST



