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Scheme For Farmer : मधुमक्खी पाल बढ़ाइये अपनी इनकम, 85 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है सरकार

Last Updated:August 18, 2026, 07:10 IST

Beekeeping Subsidy Scheme : मधुमक्खी पालन सिर्फ डिब्बों से शहद निकालने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका फायदा फसलों को भी मिलता है. मधुमक्खियां सबसे बेहतरीन परागणकर्ता होती हैं. परागण बेहतर होने से उत्‍पादन ज्‍यादा होता है. मधुमक्‍खी पालन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार किसानों को 85 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है.

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मधुमक्खी पाल बढ़ाइये अपनी इनकम, 85 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है सरकार Zoomसरकार मधुमक्‍खी के व्‍यवसाय में उतरने वाले लोगों की आर्थिक सहायता भी कर रही है. (Photo : AI)

नई दिल्‍ली. क्या आपने कभी सोचा है कि खेतों में लहलहाती फसलों के बीच बिना कोई अतिरिक्त जमीन खरीदे या बिना मोटा पैसा लगाए भी किसान हर महीने तगड़ी कमाई कर सकता है. अक्सर किसान सोचते हैं कि आमदनी बढ़ाने का मतलब सिर्फ नई फसल बोना या महंगे खाद-बीज डालना है. लेकिन आपके खेतों की मेड़ों पर रखे कुछ छोटे बक्से न सिर्फ आपकी फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं, बल्कि अतिरिक्‍त आमदनी भी दे सकते हैं. हम बात कर रहे हैं मधमक्‍खी पालन की. यह वो धंधा है जो बिना बड़ी पूंजी के किसान शुरू कर सकते हैं. अगर आप हरियाणा में रहते हैं तो आपकी जेब से बेहद मामूली रकम लगेगी और बाकी का 85% तक का खर्च सीधे हरियाणा सरकार उठाएगी.

हरियाणा का उद्यान विभाग किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ ‘स्वीट क्रांति’ (Sweet Revolution) से जोड़ने के लिए प्रयास कर रहा है. मधुमक्‍खी पालन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार न सिर्फ प्रशिक्षण की व्‍यवस्‍था कर रही है बल्कि मधुमक्‍खी के व्‍यवसाय में उतरने वाले लोगों की आर्थिक सहायता भी कर रही है. चला रहा है. राज्य सरकार वर्ष 2030 तक प्रदेश में मधुमक्खी पालकों की संख्या 7,750 करने और कुल शहद उत्पादन को 15,500 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. इसके तहत मधुमक्खी के बक्से, कॉलोनी और जरूरी टूल्स की खरीद पर 75% से 85% तक की सीधी सब्सिडी दी जा रही है.

शहद के भाव की गारंटी

किसानों को अक्सर बाजार में भाव गिरने का डर रहता है, लेकिन हरियाणा सरकार ने इसका भी पक्का समाधान कर दिया है. सरकार ने मधुमक्खी पालन को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है. इसके तहत शहद के लिए ₹120 प्रति किलोग्राम तय किया गया है. अगर बाजार में दाम गिरते भी हैं, तो सरकार अंतर की भरपाई करती है. मान लो अगर भाव 100 किलोग्राम हो जाता है, तो सरकार किसान को 20 रुपये प्रति किलो के पैसे अपने पास से देती है.

सब्सिडी का पूरा गणित

सरकार ने इस व्यवसाय को शुरू करने की लागत को बहुत कम कर दिया है-

मधुमक्खी के बक्से (Bee Boxes): एक बक्से की सरकारी लागत ₹2,250 तय की गई है. इस पर सरकार करीब ₹1,700 की सब्सिडी दे रही है. एक किसान अधिकतम 50 बक्‍शे सब्सिडी पर ले सकता है.
मधुमक्खी कॉलोनी (Bee Colony): 8 फ्रेम वाली एक कॉलोनी की कीमत ₹2,000 तय की गई है. इस पर भी ₹1,700 का सरकारी अनुदान मिलता है एक आदमी 50 कॉलोनियों के लिए अनुदान ले सकता है.
उपकरण (Beekeeping Equipment): शहद निकालने की मशीन (Honey Extractor), सेफ्टी किट और ब्रश जैसे उपकरणों की खरीद पर भी सब्सिडी मिलती है.

कैसे करें आवेदन?

इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए किसान अपने जिले के नजदीकी उद्यान विभाग (Horticulture Department) कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र, जमीन से जुड़े दस्तावेज, बैंक पासबुक, और फोटो की जरूरत होती है. आवेदन और भौतिक सत्यापन के बाद सब्सिडी की स्वीकृत राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाती है.

About the Authorरुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी Hindi (hindi..com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

August 18, 2026, 07:10 IST

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