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ईशान सेना में 15 साल का ‘डिप्टी कमांडर, 35 साल के मोहम्मद शमी की जिद, 5 खिलाड़ियों के लिए ‘करो या मरो’की जंग

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ईशान सेना में 15 का डिप्टी, 35 के शमी की जिद, 5 के लिए करो या मरो की जंग

Last Updated:August 22, 2026, 20:58 IST

Vaibhav sooryavanshi Duleep Trophy: भारतीय घरेलू सीजन का आगाज 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ हो रहा है. इस बार सबकी निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हैं, जिन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है. टूर्नामेंट में वैभव के अलावा रजत पाटीदार, पृथ्वी शॉ, रविचंद्रन स्मरण और रुतुराज गायकवाड़ के प्रदर्शन पर पैनी नजर रहेगी. वहीं, तीन साल से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की लाल गेंद से वापसी भी इस बार मुख्य आकर्षण होगी.ईशान सेना में 15 का डिप्टी, 35 के शमी की जिद, 5 के लिए करो या मरो की जंगZoomवैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी में दिखाएंगे दम.

नई दिल्ली. वैभव सूर्यवंशी रविववार (23 अगस्त) से दलीप ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आएंगे. भारतीय घरेलू क्रिकेट का नया सत्र दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होने जा रहा है. 9 सितंबर तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित चार दिवसीय लाल गेंद के टूर्नामेंट में छह क्षेत्रीय टीमें आमने-सामने होंगी. टूर्नामेंट के पहले क्वार्टर फाइनल में ईस्ट जोन की भिड़ंत नॉर्थ ईस्ट जोन से होगी, जबकि दूसरे क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ जोन का सामना वेस्ट जोन से होगा. सेंट्रल जोन और साउथ जोन की टीमें सीधे सेमीफाइनल में क्वार्टर फाइनल विजेताओं का इंतजार कर रही हैं. खिताबी मुकाबला 6 सितंबर से चेन्नई में खेला जाएगा. इस बार सबकी निगाहें न सिर्फ टीम इंडिया में वापसी की राह देख रहे दिग्गजों पर टिकी हैं, बल्कि लाल गेंद के प्रारूप में अपनी जगह पक्की करने की जद्दोजहद में जुटे 5 प्रमुख बल्लेबाजों पर भी देश भर के क्रिकेट प्रेमियों का विशेष फोकस रहेगा.

टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सनसनी 15 वर्षीय युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) हैं. ईशान किशन (Ishan Kishan) की अगुआई वाली ईस्ट जोन टीम में अभिमन्यु ईश्वरन, मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी अंतरराष्ट्रीय सितारों की मौजूदगी के बावजूद चयनकर्ताओं ने वैभव को टीम का उपकप्तान बनाया है. वैभव ने आईपीएल, भारत की अंडर-19 टीम और हाल ही में सीनियर भारतीय टी20 टीम में अपने बल्ले की जो चमक दिखाई है, वैसा प्रभाव वह अभी तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नहीं छोड़ सके हैं. उन्होंने अब तक खेले 8 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 17.25 की मामूली औसत से कुल 207 रन बनाए हैं, जिसमें पिछले साल मेघालय के खिलाफ खेली गई 93 रनों की पारी उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है. हालांकि, हाल ही में जिम्बाब्वे के टी20 दौरे पर दो अर्धशतक जड़कर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बनने वाले वैभव के पास अब दलीप ट्रॉफी में लाल गेंद के प्रारूप में बड़ी पारियां खेलकर अपने फर्स्ट क्लास आंकड़ों को दुरुस्त करने और नेतृत्व क्षमता साबित करने का सुनहरा मौका है.

टेस्ट कैप की तलाश में दो बार के आईपीएल विजेता कप्तानदो बार के आईपीएल विजेता कप्तान रजत पाटीदार (Rajat Patidar) घरेलू क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद और तकनीकी रूप से सक्षम मध्यक्रम बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के बाद से पाटीदार दोबारा टेस्ट कैप पहनने के करीब नहीं पहुंच सके हैं. मध्यक्रम में स्पिन और तेज गेंदबाजी को सहजता से खेलने की उनकी काबिलियत उन्हें खास बनाती है. टीम इंडिया के मध्यक्रम में बदलाव के दौर को देखते हुए पाटीदार इस दलीप ट्रॉफी में बड़े शतक लगाकर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का दरवाजा दोबारा खटखटाना चाहेंगे.

पृथ्वी शॉ के लिए महाराष्ट्र से फॉर्म में वापसी और टेस्ट पुनर्वास का मिशनहमलावर सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के लिए यह दलीप ट्रॉफी अपने करियर को नई दिशा देने का सबसे बड़ा मंच है. हालिया रणजी ट्रॉफी सीजन में महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए पृथ्वी ने अपने पुराने आक्रामक तेवर और फॉर्म की झलक दिखाई थी. भारतीय टेस्ट टीम में ओपनिंग स्लॉट पर भविष्य की रणनीति तैयार की जा रही है, ऐसे में पृथ्वी शॉ की नजरें लाल गेंद से विस्फोटक और लंबी पारियां खेलकर यह साबित करने पर होंगी कि वह लंबे प्रारूप में भी मैच-विनर बन सकते हैं.

तकनीक, प्रतिभा और भविष्य की उम्मीद रविचंद्रन स्मरणघरेलू सर्किट में तेजी से उभर रहे युवा बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण (Ravichandran Smaran) इस सत्र के सबसे दिलचस्प खिलाड़ियों में से एक हैं. स्मरण न केवल तकनीकी रूप से अनुशासित लंबी पारियां खेलने का माद्दा रखते हैं, बल्कि मैदान पर उनके खेल की समझ और नेतृत्व क्षमता की भी खासी तारीफ हो रही है. चयनकर्ताओं की पैनी नजर उन पर होगी कि वह दबाव भरे नॉकआउट मुकाबलों में शीर्ष स्तरीय गेंदबाजी के खिलाफ खुद को कैसे साबित करते हैं.

भविष्य के टेस्ट ओपनर की रेस में मजबूत दावेदार रुतुराज गायकवाड़महाराष्ट्र और भारतीय ए टीम के नियमित सदस्य रुतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) के लिए यह टूर्नामेंट टेस्ट टीम में अपनी दावेदारी मजबूत करने का बेहतरीन मौका है. टेस्ट क्रिकेट में केएल राहुल के करियर के आगामी पड़ाव और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए भारतीय टीम प्रबंधन को एक ठोस, तकनीकी रूप से दक्ष ओपनर की दरकार है. गायकवाड़ का धैर्य और परिस्थितियों के अनुसार पारी को आगे बढ़ाने का कौशल उन्हें इस रेस में सबसे आगे रखता है. इनके साथ ही हालिया टेस्ट टीम का हिस्सा बने सरफराज खान की वापसी भी मध्यक्रम की चमक बढ़ाएगी.

शमी की जिद और तेज गेंदबाजों की तलाशबल्लेबाजी के रोमांच के बीच अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) की मौजूदगी टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण होगी. तीन साल से अधिक समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से अंतरराष्ट्रीय मैच न खेलने वाले शमी ने हार नहीं मानी है. पिछले रणजी सीजन में 37 विकेट चटकाने वाले शमी लगातार चयनकर्ताओं के फैसलों पर मुखर रहे हैं और इस बार भी वह अपनी स्विंग से जोरदार जवाब देने उतरेंगे. दूसरी ओर, जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट और चोटों के बीच भारत को नए तेज गेंदबाजी विकल्पों की तलाश है. टी20 में प्रभावित करने वाले बाएं हाथ के पेसर अर्शदीप सिंह के पास लाल गेंद में अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका होगा. वहीं श्रीलंका दौरे पर बेंच गर्म कर रहे आकिब नबी और गुरनूर बराड़ जैसे अनकैप्ड तेज गेंदबाजों को भी घरेलू मंच पर खुद को परखना होगा.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

August 22, 2026, 20:58 IST

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