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‘हनुमान अंश’ ही नहीं, ये फिल्में भी आपकी वॉचलिस्ट में है जरूरी, 1 के लिए तो जूते उतारकर थिएटर में जाते थे लोग

Last Updated:September 13, 2026, 17:12 IST

धार्मिक और आध्यात्मिक कहानियों पर बनी फिल्मों का क्रेज शुरुआत से ही चला आ रहा है. हालिया रिलीज फिल्म ‘हनुमान अंश’ भी लगातार लोगों का दिल जीत रही है. हर तरफ इस फिल्म की ही चर्चा हो रही है. अगर आपको भी ‘हनुमान अंश’ की कहानी भा गई है, तो आपकी वॉचलिस्ट में ये फिल्में भी होनी चाहिए, जिन्होंने अलग-अलग दौर में धार्मिक सिनेमा को नई ऊंचाई दी. इनमें ‘जय संतोषी मां’ से लेकर ‘द प्रिंस ऑफ इजिप्त’, ‘द टेन कमांडमेंट्स’ और ‘लिटिल बुद्ध’ तक फिल्में शामिल हैं.

नई दिल्ली. ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने एक बार फिर धार्मिक और आध्यात्मिक कहानियों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है. नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित इस फिल्म ने छोटे बजट के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई की है. अगर आप भी आस्था, अध्यात्म और धार्मिक कथाओं पर बनी फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो इन फिल्मों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल कर सकते हैं. इन फिल्मों में दर्शकों को आस्था, संघर्ष और अध्यात्म की अलग-अलग कहानियां देखने को मिली थी.

इनमें पहली है, साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म ‘जय संतोषी मां’.इस फिल्म ने उस दौर में शोले जैसी फिल्म को टक्कर दी थी. ‘शोले’ का बजट, स्टार कास्ट और मार्केटिंग इतनी बड़ी थी कि किसी भी दूसरी फिल्म के लिए उससे मुकाबला करना नामुमकिन लग रहा था, लेकिन इस फिल्म ने उस दौर में बंपर कमाई कर लोगों को हैरान कर दिया था.

‘जय संतोषी मां’ 1975 में रिलीज हुई ऐसी धार्मिक फिल्म थी, जिसने बेहद कम बजट में जबरदस्त कमाई की थी. फिल्म की कहानी सत्यवती और संतोषी माता के प्रति उसकी अटूट आस्था के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म में भक्ति, विश्वास और पारिवारिक संघर्ष को धार्मिक कथा के साथ जोड़ा गया था. यह 1975 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों में शामिल रही और उस दौर में दर्शकों के बीच इसका जबरदस्त क्रेज था.

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फिल्म को लेकर लोग इतने दीवाने हो गए थे कि लोग आरती वाला गाने पर सिक्के चढ़ाने लगते थे. शो के कई हिस्सों में, दर्शक सिनेमा हॉल में जाने से पहले अपनी चप्पलें और जूते बाहर उतारने लगे थे. फिल्म में आरती बजती, लोग अपनी सीटों से खड़े हो जाते थे. औरतें स्क्रीन पर फूल, नारियल और पैसे चढ़ाती थीं. फिल्म के सीक्के बीन बीनकर मेकर्स माला माल हो गए थे.

दूसरी है, फिल्म ‘हनुमान’. ‘हनुमान’ 21 अक्टूबर 2005 को रिलीज हुई भारतीय एनिमेशन फिल्म थी, जो भगवान हनुमान की कथा पर आधारित थी. फिल्म में बाल हनुमान के जन्म, उनकी शक्तियों और भगवान राम के प्रति उनकी भक्ति को एनिमेशन के जरिए दिखाया गया. यह उस दौर की भारतीय एनिमेशन फिल्मों में एक चर्चित प्रयास माना गया और खासकर बच्चों के बीच लोकप्रिय हुआ. बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार फिल्म ने करीब 5.38 करोड़ रुपये नेट कमाए और इसे सेमी हिट का वर्डिक्ट मिला.

तीसरी है, द प्रिंस ऑफ इजिप्ट. साल 1998 में आई मूसा के जीवन और मिस्र से यहूदियों के निष्क्रमण की बाइबिल कथा पर आधारित एनिमेटेड फिल्म है. कहानी मूसा और मिस्र के शासक रामेसेस के रिश्ते से शुरू होकर उनके बीच पैदा हुए संघर्ष तक पहुंचती है. फिल्म को इसकी शानदार एनीमेशन, संगीत और भावनात्मक कहानी के लिए खूब सराहा गया. इसने दुनियाभर में करीब 218 मिलियन डॉलर की कमाई की और उस समय की सबसे सफल गैर-डिज्नी एनिमेटेड फिल्मों में शामिल हुई .

चौथी है, मां वैष्णो देवी साल 1994 में यह फिल्म माता वैष्णो देवी की महिमा और उनके प्रति भक्तों की अटूट आस्था को दर्शाती है. फिल्म में माता के व्रत और उनकी भक्ति से जुड़ी कथा को भावनात्मक अंदाज में पेश किया गया है. कहानी में श्रद्धा, विश्वास और माता के चमत्कारों को प्रमुखता दी गई है. धार्मिक दर्शकों के बीच इस फिल्म को काफी पसंद किया गया और यह भक्ति फिल्मों की चर्चित कड़ी बनी. माता वैष्णो देवी के भक्तों के लिए यह फिल्म आज भी धार्मिक आस्था से जुड़ी खास यादों में शामिल है.

पांचवी है, साल 1976 में आई फिल्म ‘बजरंग बली’ यह फिल्म भगवान हनुमान के जीवन, उनकी शक्ति और श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति को दर्शाती है. फिल्म में दारा सिंह ने हनुमान जी का यादगार किरदार निभाया था. फिल्म की कहानी में हनुमान जी के जन्म, उनके पराक्रम और रामभक्ति से जुड़े प्रसंगों को दिखाया गया है. दारा सिंह की दमदार कद-काठी और अभिनय ने हनुमान जी के किरदार को दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाया. धार्मिक फिल्मों में ‘बजरंग बली’ को हनुमान जी पर बनी चर्चित फिल्मों में गिना जाता है.

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September 13, 2026, 17:12 IST

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