ज्यादा पशु-पक्षियों के बीच गुजरता है हीना बाई किन्नर का पूरा दिन, बच्चों की तरह रखती हैं ख्याल

Last Updated:September 13, 2026, 17:18 IST
Heena Bai Animal Lovers: हिना बाई केवल पशु-पक्षी प्रेम के लिए ही नहीं, बल्कि करौली के किन्नर समाज में भी विशेष स्थान रखती हैं. वह करौली के किन्नर समाज की गुरु मां हैं. गुरु मां की जिम्मेदारियों और सामाजिक दायित्वों के साथ-साथ वह बेजुबानों की सेवा में भी लगातार जुटी रहती हैं.
आमतौर पर घरों में लोग शौक के लिए एक-दो पालतू जानवर या पक्षी रखते हैं, लेकिन करौली में पशु-पक्षियों के प्रति एक किन्नर का ऐसा अनोखा लगाव देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. यहां हिना बाई ने अपने घर के आंगन को ही मानो बेजुबान जीवों की दुनिया बना दिया है. उनके घर में एक-दो नहीं, बल्कि 100 से ज्यादा पशु-पक्षी रहते हैं. हिना बाई इन सभी की देखभाल किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं करवातीं, बल्कि खुद उन्हें दाना-पानी देती हैं और बच्चों की तरह उनका ख्याल रखती हैं.
हिना बाई के घर में प्रवेश करते ही अलग ही नजारा दिखाई देता है. कहीं कुत्ते नजर आते हैं तो कहीं गाय, बकरी और मुर्गे-मुर्गियां. आंगन में बत्तखें घूमती दिखाई देती हैं तो अलग-अलग नस्ल के दूसरे पशु-पक्षी भी यहां मौजूद हैं. इन बेजुबानों के साथ हिना बाई का रिश्ता महज पालने-पोसने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानती हैं.
हिना बाई बताती हैं कि शुरुआत में पशु-पक्षियों को पालना उनके लिए एक शौक था, लेकिन धीरे-धीरे यही शौक कब गहरे लगाव और रिश्ते में बदल गया, उन्हें खुद पता नहीं चला. अब हालात ऐसे हैं कि जब तक वह अपने घर में मौजूद पशु-पक्षियों का हालचाल न जान लें, उन्हें चैन नहीं मिलता. वह कहती हैं कि इन बेजुबानों के साथ समय बिताने से उन्हें मानसिक सुकून मिलता है. उनके लिए ये केवल जानवर या पक्षी नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य हैं.
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हिना बाई की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि जहां आज के दौर में लोग अपने व्यस्त जीवन में अपने एक पालतू जानवरों की देखभाल के लिए भी समय नहीं निकाल पाते, वहीं हिना बाई ने 100 से ज्यादा पशु-पक्षियों को अपने परिवार का हिस्सा बनाकर उनकी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा रखी है. उनके आंगन में रहने वाले ये बेजुबान जीव उनके लिए सिर्फ पशु-पक्षी नहीं, बल्कि उनके जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं.
हिना बाई कहती हैं कि उनका अधिकांश समय इन्हीं पशु-पक्षियों के बीच गुजरता है. सुबह से लेकर रात तक उनकी दिनचर्या में इनकी देखभाल शामिल रहती है. बेजुबानों के बीच रहना उन्हें खुशी और सुकून देता है. उनका यह लगाव अब इतना बढ़ चुका है कि उनके जानकार और जजमान भी इस बात को समझने लगे हैं.यही कारण है कि शुभ अवसरों पर लोग उन्हें दूसरे उपहारों के साथ अब पशु-पक्षी भी भेंट करने लगे हैं.
हिना बाई के घर में कई तरह के पशु-पक्षी मौजूद हैं. इनमें डॉग, गाय, मुर्गा-मुर्गी, बत्तख, चूहे, बकरा-बकरी सहित अलग-अलग नस्लों के जीव शामिल हैं. इनमें कुछ विदेशी नस्ल के पशु-पक्षी भी हैं. हिना बाई के मुताबिक उनके पास विदेशी नस्ल के गिनी फाउल और कश्मीरी नस्ल की खूबसूरत बकरी भी है.
100 से ज्यादा पशु-पक्षियों की देखभाल आसान काम नहीं है. इनके लिए रोजाना दाना-पानी, भोजन और साफ-सफाई से लेकर दूसरी जरूरतों का ध्यान रखना पड़ता है.हिना बाई पिछले करीब पांच साल से खुद यह जिम्मेदारी निभा रही हैं.वह बताती हैं कि कई बार इतने सारे पशु-पक्षियों को संभालने में परेशानी भी होती है, लेकिन उनका लगाव हर मुश्किल को आसान कर देता है.
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September 13, 2026, 17:18 IST



