राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, स्कूलों में जंक फूड की बिक्री पर रोक, 50 मीटर दायरे में भी सख्ती

Last Updated:August 25, 2026, 09:56 IST
Ban on Junk Food in Schools: राजस्थान हाईकोर्ट ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्कूलों में जंक फूड की बिक्री पर सख्ती कर दी है. कोर्ट ने स्कूल कैंटीन के साथ स्कूल गेट से 50 मीटर के दायरे में HFSS यानी हाई फैट, शुगर और सॉल्ट वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक के निर्देश दिए हैं. कार्बोनेटेड ड्रिंक, चिप्स, ट्रांस फैट वाले बेकरी उत्पाद और अन्य जंक फूड इस दायरे में आएंगे. जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की बेंच ने स्कूलों में बच्चों के बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम पर भी चिंता जताई. अदालत ने चार सप्ताह में सभी स्कूलों में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण समिति बनाने और आठ सप्ताह में कैंटीन में कैलोरी व पोषण संबंधी जानकारी वाला मेन्यू बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मिड-डे मील में संतुलित आहार के मानकों की पालना और स्कूलों के नियमित निरीक्षण पर जोर दिया गया है.
ख़बरें फटाफट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूलों में जंक फूड की बिक्री पर लगाई रोक
जोधपुर. बच्चों के स्वास्थ्य और खान-पान को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने स्कूलों में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने के साथ स्कूल परिसर के बाहर भी सख्ती के निर्देश दिए हैं. स्कूल कैंटीन के साथ स्कूल गेट से 50 मीटर के दायरे में भी हाई फैट, शुगर और सॉल्ट यानी एचएफएसएस वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं की जा सकेगी. कार्बोनेटेड ड्रिंक, चिप्स, ट्रांस फैट वाले बेकरी उत्पाद और दूसरे जंक फूड को लेकर कोर्ट ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं. जस्टिस अनूप कुमार ढंढ की बेंच ने बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर इस मामले में संज्ञान लिया.
अदालत ने केवल जंक फूड की बिक्री रोकने तक ही आदेश सीमित नहीं रखा, बल्कि स्कूलों में खाद्य सुरक्षा, पोषण और बच्चों की जीवनशैली से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं. कोर्ट ने बच्चों में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम पर भी चिंता जताई है. इसके साथ ही स्कूलों में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण समिति बनाने, कैंटीन में कैलोरी और पोषण संबंधी जानकारी वाला मेन्यू बोर्ड लगाने तथा मिड-डे मील और अन्य पोषण योजनाओं में संतुलित आहार के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टरों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करना होगा, जबकि सभी कलेक्टरों को ग्रामीण स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है. आदेश का उद्देश्य बच्चों को अनहेल्दी फूड से बचाने और स्कूलों में स्वस्थ खान-पान का वातावरण तैयार करना है.
स्कूल गेट के 50 मीटर दायरे में भी जंक फूड पर रोक
हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक स्कूल कैंटीन और स्कूल गेट से 50 मीटर के दायरे में एचएफएसएस यानी हाई फैट, शुगर और सॉल्ट वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक रहेगी. कार्बोनेटेड ड्रिंक, चिप्स, ट्रांस फैट वाले बेकरी उत्पाद और अन्य जंक फूड इसके दायरे में आएंगे. सभी स्कूलों में चार सप्ताह के भीतर स्कूल खाद्य सुरक्षा एवं पोषण समिति का गठन करना होगा. यह समिति स्कूल में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पोषण मानकों की निगरानी करेगी.
मिड-डे मील में संतुलित आहार पर जोर
अदालत ने स्कूल कैंटीन में आठ सप्ताह के भीतर मेन्यू बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं. इसमें खाद्य पदार्थों की कैलोरी और पोषण संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज करनी होगी, ताकि बच्चों और अभिभावकों को भोजन की पोषण गुणवत्ता की जानकारी मिल सके. कोर्ट ने मिड-डे मील और अन्य पोषण योजनाओं में निर्धारित संतुलित आहार के मानकों की पालना सुनिश्चित करने को कहा है. स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और पोषण पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.
कलेक्टर करेंगे ग्रामीण स्कूलों का औचक निरीक्षण
सुनवाई के दौरान अदालत ने बच्चों में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम पर भी चिंता जताई. कोर्ट ने बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया. वहीं कलेक्टरों और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी कलेक्टरों को ग्रामीण स्कूलों का औचक निरीक्षण कर आठ सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
और पढ़ेंLocation :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 25, 2026, 09:56 IST



