अपराजिता के फूलों की चाय कैसे बनाएं? जानें पीने का तरीका और बताए गए फायदे

फरीदाबाद: क्या आपने कभी अपराजिता के फूलों की चाय पी है. देखने में छोटे और खूबसूरत नीले रंग के ये फूल सिर्फ घर की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि आयुर्वेद में भी इनका खास महत्व बताया गया है. अपराजिता के फूलों से बनने वाली चाय को लेकर लोगों में काफी दिलचस्पी बढ़ रही है. खासकर बुजुर्गों के लिए इसे फायदेमंद बताया जाता है. तो आखिर अपराजिता के फूलों की चाय कैसे बनती है और इसे पीने से क्या फायदा हो सकता है. आइए जानते हैं.
दिमाग के लिए फायदेमंद बताई गई है अपराजिता की चाय
Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि अपराजिता के फूलों की चाय आयुर्वेद में दिमाग की ताकत बढ़ाने वाली मानी जाती है. आज के समय में लोग लगातार तनाव में रहते हैं और दिमाग से ज्यादा काम करते हैं. ऐसे में अपराजिता का इस्तेमाल मन और दिमाग को शांत रखने में मदद कर सकता है. इससे थकान कम महसूस हो सकती है और शरीर में अंदर से ऊर्जा महसूस हो सकती है.
स्ट्रेस और चिंता में भी हो सकती है मददगार
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि जिन लोगों को ज्यादा स्ट्रेस रहता है या अक्सर एंजायटी जैसी परेशानी महसूस होती है, उनके लिए अपराजिता की चाय उपयोगी हो सकती है. यह दिमाग को शांत करने में मदद करती है और मानसिक थकान को कम करने में सहायक मानी जाती है. हालांकि किसी भी गंभीर मानसिक परेशानी में केवल इस चाय पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
ऐसे बनाएं अपराजिता के फूलों की चाय
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि अपराजिता के फूलों की चाय बनाना बेहद आसान है. इसके लिए एक गिलास पानी लें और उसमें दो से तीन ताजे अपराजिता के फूल डाल दें. अब इसे अच्छी तरह उबालें. जब पानी उबलते-उबलते करीब आधा कप रह जाए तो इसे छान लें और चाय की तरह पी सकते हैं. डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि कोशिश यही करनी चाहिए कि इसमें कुछ भी न मिलाया जाए, ताकि फूल के प्राकृतिक गुण मिल सकें. अगर जरूरत लगे तो हल्का सा मीठा भी डाला जा सकता है.
शरीर को ठंडा रखने में भी बताई गई है मददगार
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि अपराजिता के फूलों की चाय शरीर को ठंडक देने वाली मानी जाती है. आयुर्वेद में इसे पित्त को शांत करने वाला भी बताया गया है. इसके साथ ही यह दिमाग को एक्टिव रखने में मदद कर सकती है. खासकर जिन लोगों का काम लगातार दिमाग से जुड़ा हुआ है, उनके लिए इसे उपयोगी माना जाता है.
बरसात के मौसम में भी कर सकते हैं सेवन
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि अपराजिता के फूलों की चाय किसी भी मौसम में पी जा सकती है. बरसात के मौसम में जब कई लोगों को बाल झड़ने की समस्या बढ़ जाती है, उस समय भी इसके सेवन को लेकर लोगों में काफी रुचि रहती है. हालांकि बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए केवल अपराजिता की चाय को इसका इलाज नहीं माना जा सकता है.
बुजुर्ग भी कर सकते हैं सेवन, लेकिन ध्यान रखें
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि बुजुर्गों के लिए भी अपराजिता की चाय उपयोगी हो सकती है, खासकर जब उन्हें मानसिक थकान या स्ट्रेस महसूस होता है. लेकिन किसी भी जड़ी-बूटी या हर्बल चाय का नियमित सेवन शुरू करने से पहले अपनी उम्र, बीमारी और चल रही दवाओं को ध्यान में रखना जरूरी है. इसलिए बुजुर्ग अगर किसी बीमारी की दवा लेते हैं तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका नियमित सेवन करें.
नीले फूल की यह चाय दिखने में भी है खास
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि अपराजिता का फूल देखने में छोटा और बेहद खूबसूरत होता है. इसके नीले रंग की वजह से इससे बनने वाली चाय भी देखने में काफी अलग लगती है. इसे बनाते समय पानी का रंग भी बदल जाता है. यही वजह है कि आजकल लोग इस प्राकृतिक चाय को लेकर काफी उत्सुक नजर आ रहे हैं. हालांकि इसके फायदे व्यक्ति की स्थिति और सेवन के तरीके पर निर्भर कर सकते हैं.



