National

हेरिटेज बिल्डिंग में था तबेला-गोदाम… दिल्‍ली के जमरूदपुर में MCD का एक्‍शन, अतिक्रमण करने वालों की शामत

दिल्ली के जमरूदपुर गांव में बरसों से उपेक्षित और अवैध कब्जों का शिकार हो रहे ऐतिहासिक धरोहर स्थलों को मुक्त कराने के लिए नगर निगम दिल्ली (MCD) ने बड़ा कदम उठाया. गुरुवार को निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इलाके में जबरदस्त बुलडोजर और अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. सुप्रीम कोर्ट में लंबित ‘राजीव सूरी बनाम ASI एवं अन्य’ मामले के निर्देशों के तहत की गई इस कार्रवाई से इलाके के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया.

रेस कोर्स में भी खूब चला एमसीडी का डंडाउधर, दिल्ली के लुटियंस जोन स्थित ऐतिहासिक ‘दिल्ली रेस क्लब’ पर आखिरकार केंद्र सरकार ने अपना कब्जा ले लिया है. पटियाला हाउस कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद 53 एकड़ में फैले इस शताब्दी पुराने रेसकोर्स पर गुरुवार सुबह से ही बुलडोजर चलने लगे. रेस क्लब के स्टेबल, बुकमेकर्स रिंग, विनिंग पोस्ट और फोटो-फिनिश कैमरा जैसी ऐतिहासिक संरचनाओं को ढहा दिया गया. यह जमीन 1926 में लीज पर दी गई थी, जिसकी अवधि 1994 में समाप्त हो चुकी थी. तब से क्लब इसे अनाधिकृत रूप से इस्तेमाल कर रहा था. रेसकोर्स में मौजूद लगभग 250 कीमती रेस घोड़ों में से 200 को उनके मालिकों ने वापस बुला लिया है, जबकि बाकी 50 घोड़ों को 14 सितंबर तक अन्य रेसिंग सेंटरों में शिफ्ट करने की तैयारी है. इस कार्रवाई के साथ ही दिल्ली में घुड़दौड़ के एक लंबे सुनहरे दौर का अंत हो गया.

60 से अधिक कर्मचारियों की टीम ने चलाया अभियानMCD के 60 से अधिक कर्मचारियों की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों के सहयोग से कई घंटों तक लगातार कार्रवाई की. ऐतिहासिक स्मारकों के अस्तित्व पर खतरा बने अवैध निर्माणों को चिन्हित कर ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया गया. हेरिटेज बिल्डिंग के भीतर बनाई गई अवैध पक्की दीवारों को भारी मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया. इसके अलावा, स्मारकों के भीतर अवैध रूप से चलाए जा रहे गोदामों, मवेशियों को पालने के लिए बनाए गए तबेले और अस्थायी ढांचों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया.

10 से अधिक ट्रक मलबा हटायाकार्रवाई के दौरान हेरिटेज साइट के मुख्य प्रवेश द्वार में बाधा बन रहे तीन बड़े लोहे के गेटों को भी उखाड़ फेंका गया, जिससे आम जनता के लिए इन ऐतिहासिक धरोहरों तक पहुंच आसान हो सके. निगम की टीम ने मौके से 10 से अधिक ट्रक मलबा और अवैध निर्माण सामग्री को हटाया. MCD अधिकारियों का कहना है कि साइट पर बचा हुआ बाकी मलबा भी अगले कुछ दिनों के भीतर पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा.

नगर निगम दिल्ली के अनुसार, इस कठोर अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीन को भू-माफियाओं से छुड़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय धरोहरों के मूल स्वरूप और सुरक्षा को बहाल करना है. MCD ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ज़मरूदपुर ही नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली की हेरिटेज साइट्स और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ निगरानी सख्त की जाएगी और ऐसा ही एक्शन लगातार जारी रहेगा.

सवाल-जवाब

1. जमरूदपुर में ऐतिहासिक स्मारकों पर MCD ने किस मामले के तहत अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया?

MCD ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में लंबित ‘राजीव सूरी बनाम ASI एवं अन्य’ मामले के निर्देशों के तहत की.

2. ज़मरूदपुर गांव में हेरिटेज साइट्स से अवैध कब्जा हटाने के लिए MCD के कितने कर्मचारियों ने भाग लिया?

इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में MCD के 60 से अधिक कर्मचारियों की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर कार्रवाई की.

3. ज़मरूदपुर के ऐतिहासिक स्मारकों के भीतर किस तरह के अवैध निर्माण किए गए थे?

स्मारकों के भीतर अवैध दीवारें बनाई गई थीं, गोदाम चलाए जा रहे थे, मवेशी पालने के लिए ढांचे खड़े किए गए थे और प्रवेश द्वार पर तीन लोहे के गेट लगाए गए थे.

4. MCD की कार्रवाई के दौरान मौके से कितना मलबा और निर्माण सामग्री हटाई गई?

निगम की टीम ने मौके से 10 से अधिक ट्रक मलबा और निर्माण सामग्री हटाई, जबकि बाकी मलबा अगले कुछ दिनों में हटाने की बात कही है.

5. ऐतिहासिक स्मारकों पर चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी व हेरिटेज ज़मीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना, ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम जनता की पहुँच इन स्थलों तक आसान बनाना है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj