महाराष्ट्र का ‘iPhone केस’: न तो नया मोड़ और न ही कोई नया सस्पेंस… 3 लोगों की मौत ने पुलिस ने खत्म की जांच, जानें पूरी कहानी

Last Updated:August 27, 2026, 20:39 IST
Maharashtra Iphone Incident News: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में चंदगुडे परिवार के 3 सदस्यों की मौत की पुलिस जांच पूरी हुई हो गई. परिवार में अनबन सामने आई, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की है. एक बहन ने इसे आत्महत्या नहीं, दुर्घटना बताया.महाराष्ट्र के आईफोन केस में पुलिस जांच खत्म हो गई है. (फाइल फोटो)
छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में खावड्या पहाड़ियों पर चंदगुडे परिवार के तीन सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस जांच लगभग पूरी हो गई है. शुरुआत में इस घटना को लेकर कई तरह के सवाल और चर्चाएं सामने आई थीं. हालांकि परिवार के सदस्यों के बयान और पुलिस की जांच के बाद अब इस मामले में किसी बड़े नए मोड़ की संभावना कम नजर आ रही है. पुलिस के मुताबिक, मृतकों के परिवारवालों ने भी किसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है.
वालुज के खावड्या इलाके में चंदगुडे परिवार के बेटे कुणाल और उसके माता-पिता की मौत के बाद मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए. घटना के कारणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुईं, लेकिन पुलिस ने परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की.
परिवार में अनबन की बात आई सामनेएमआईडीसी वालुज पुलिस ने मृतकों के माता-पिता मुरलीधर और संगीता के साथ-साथ दोनों परिवारों की तीन-तीन बहनों के भी विस्तृत बयान दर्ज किए हैं. इन बयानों में परिवार के भीतर अनबन और मतभेद होने की बात सामने आई है. हालांकि, पुलिस के मुताबिक दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ किसी तरह की शिकायत दर्ज कराने से साफ इनकार कर दिया. परिवार के सदस्यों ने कहा कि आत्महत्या या घटना के पीछे का सटीक और मुख्य कारण सिर्फ वही तीनों जानते थे. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रामेश्वर गाडे ने भी मामले की जांच से जुड़ी जानकारी साझा की है.
बहन के बयान ने जरूर बदली कहानीइस पूरे मामले में सबसे अहम बात मृतक संगीता की छोटी बहन कल्याणी के बयान से सामने आई. जहां घटना को अब तक आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा था, वहीं कल्याणी ने दावा किया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक दुर्घटना थी. कल्याणी के मुताबिक, कुणाल अपने माता-पिता के बीच चल रहे मतभेद को खत्म कराने और दोनों को फिर से साथ लाने की कोशिश कर रहा था. उनका दावा है कि कुणाल अपने माता-पिता को भावनात्मक रूप से समझाने के लिए पहाड़ियों पर गया था. इसी दौरान उसके पिता भी उन्हें समझाने के लिए वहां पहुंचे. कल्याणी का कहना है कि अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और उन्हें बचाने की कोशिश में यह घटना हुई. हालांकि, यह कल्याणी का दावा है और पुलिस जांच के आधिकारिक निष्कर्ष के तौर पर इसे नहीं बताया गया है.
कुणाल को लेकर पहले क्या कहा जा रहा था?घटना के बाद ऐसी चर्चाएं भी सामने आई थीं कि कुणाल पहाड़ियों पर आत्महत्या करने के इरादे से गया था. लेकिन कल्याणी ने इस दावे को खारिज किया. दैनिक दिव्य मराठी से बातचीत में उन्होंने पिछले साल की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुणाल उस समय शांति और सुकून की तलाश में घर से निकला था. उसने अपनी मां को मैसेज के जरिए इसकी जानकारी भी दी थी. हालांकि, संगीता को वह मैसेज समय पर नहीं मिला. इससे वह घबरा गईं और चिकल्थाना पुलिस स्टेशन पहुंच गईं. रात करीब 11 बजे पुलिस स्टेशन में ही स्पष्ट हुआ कि मामला एक गलतफहमी का था.
अब क्या बचा है?मामले में पुलिस ने परिवार के करीबी लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं. परिवार की ओर से भी किसी के खिलाफ शिकायत नहीं की गई है. ऐसे में शुरुआती चर्चाओं और अलग-अलग आशंकाओं के बावजूद जांच में फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार सामने नहीं आया है, जिससे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका या किसी नई आपराधिक साजिश की पुष्टि हो. यानी जिस मामले में शुरुआत में कई सवाल उठ रहे थे, वह अब पुलिस जांच के बाद किसी बड़े नए सस्पेंस की तरफ बढ़ता नहीं दिख रहा है. परिवार के बयान और उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामला पारिवारिक मतभेद और घटना के हालात के इर्द-गिर्द ही सिमटता नजर आ रहा है.
About the Authorअरुण बिंजोला
अरुण बिंजोला वर्तमान में हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…
Pune,Maharashtra
First Published :
August 27, 2026, 20:39 IST



