Health

गर्मी में जरूर खाएं बेल, पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक के लिए है फायदेमंद, जानें सेवन का सही तरीका

Last Updated:August 29, 2026, 11:43 IST

रायबरेली: गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाले पारंपरिक पेय की बात हो तो बेल का शरबत सबसे पहले याद आता है. लेकिन बेल सिर्फ गर्मी से राहत देने वाला फल ही नहीं है, इसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. संतुलित मात्रा में बेल का सेवन पाचन तंत्र और सामान्य स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है.

रायबरेली: गर्मियों और बदलते मौसम में शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखना भी जरूरी है. ऐसे में बेल का फल एक पौष्टिक विकल्प माना जाता है. बेल का शरबत तो आपने जरूर पिया होगा, लेकिन इसका पका हुआ फल भी कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं, जो संतुलित मात्रा में सेवन करने पर पाचन और सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं. आयुर्वेद में भी बेल का पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता रहा है.

रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय की प्रभारी अधिकारी और बीएएमएस डॉ. स्मिता श्रीवास्तव ने Local18 से बातचीत में बताया कि बेल फाइबर का अच्छा स्रोत है. पर्याप्त फाइबर का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर रखने और मल त्याग को नियमित करने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि बेल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से कब्ज और पेट से जुड़ी कुछ समस्याओं में किया जाता रहा है.

गर्मी के मौसम में बेल का शरबत काफी लोकप्रिय है. इसे पारंपरिक तौर पर शरीर को ठंडक देने वाले पेय के रूप में देखा जाता है. बेल से बने पेय का सेवन गर्मी में ताजगी का एहसास करा सकता है. हालांकि, बेल का शरबत पानी का विकल्प नहीं है और गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में सादा पानी पीना भी जरूरी है.

Add as Preferred Source on Google

बेल में विटामिन C समेत कई पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभाते हैं, जबकि विटामिन C सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में योगदान देता है. इसलिए संतुलित आहार के हिस्से के रूप में बेल का सेवन पोषण में योगदान कर सकता है.

बेल में मौजूद फाइबर आंतों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है. पर्याप्त फाइबर लेने से मल त्याग नियमित रखने में मदद मिल सकती है. इसी कारण बेल को पारंपरिक रूप से पेट और आंतों से जुड़ी परेशानियों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. हालांकि, किसी बीमारी के इलाज के तौर पर केवल बेल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए.

बेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं. इसका सामान्य स्वास्थ्य के साथ त्वचा की सेहत पर भी अप्रत्यक्ष लाभ हो सकता है. हालांकि, केवल बेल खाने से त्वचा की किसी बीमारी या समस्या के ठीक होने का दावा नहीं किया जा सकता. डॉ. स्मिता श्रीवास्तव के मुताबिक, पके हुए बेल को सीधे फल के रूप में खाया जा सकता है या इसका शरबत बनाया जा सकता है. शरबत तैयार करते समय बहुत अधिक चीनी डालने से बचना बेहतर है. इसके लिए पके बेल का गूदा निकालकर पानी में अच्छी तरह मिलाएं और छानकर सेवन करें.

बेल पौष्टिक फल जरूर है, लेकिन इसका सेवन जरूरत से ज्यादा नहीं करना चाहिए. अधिक मात्रा में खाने पर कुछ लोगों को कब्ज या पेट संबंधी परेशानी हो सकती है. डायबिटीज से जूझ रहे लोगों को खासतौर पर बेल के शरबत में डाली जाने वाली चीनी का ध्यान रखना चाहिए. अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं या नियमित दवाएं लेते हैं, तो डाइट में बेल को शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर रहेगा.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

August 29, 2026, 11:43 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj