‘नेटवर्क नहीं तो वोट नहीं…’ टावर की मांग पर नहीं हुई सुनवाई, माधोगंज में ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान

Last Updated:August 29, 2026, 09:49 IST
Tonk News: टोंक जिले के माधोगंज गांव में मोबाइल नेटवर्क न मिलने से परेशान ग्रामीणों ने आगामी पंचायत चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है. किसान नेता रतन खोखर के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने ‘नेटवर्क नहीं तो वोट नहीं’ का नारा दिया. नेटवर्क न होने से किसानों के OTP, छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई और ई-मित्र से जुड़े सभी काम अटके पड़े हैं. एक महीने पहले ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया है.
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Tonk Madhoganj Village Network Issue: नेटवर्क न मिलने पर ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान
Tonk Madhoganj Village Network Issue: एक तरफ जहां देश ‘डिजिटल इंडिया’ के तहत 5G की रफ्तार से आगे बढ़ने के दावे कर रहा है, वहीं राजस्थान के टोंक जिले से एक ऐसी जमीनी तस्वीर सामने आई है जो इन प्रशासनिक और विकास के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है. टोंक जिले के माधोगंज गांव और इसके आसपास के इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी और नेटवर्क न मिलने से परेशान ग्रामीणों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है. नेटवर्क की समस्या से आजिज आ चुके ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बनाते हुए आगामी पंचायत चुनाव के बहिष्कार का बड़ा ऐलान कर दिया है.
प्रशासन और दूरसंचार विभाग की अनदेखी के खिलाफ टोंक के माधोगंज गांव के लोगों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है. किसान नेता रतन खोखर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और स्थानीय किसानों ने गांव में एकत्र होकर उग्र प्रदर्शन किया और ‘नेटवर्क नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाए. ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने करीब एक महीने पहले ही टोंक जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान के मुख्यमंत्री और केंद्रीय दूरसंचार मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था. ज्ञापन में गांव में तत्काल नया मोबाइल टावर लगाने और कनेक्टिविटी सुधारने की मांग की गई थी, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
विकास ठप, नेटवर्क न होने से हर वर्ग बेहालनेटवर्क विहीन इस जिंदगी के कारण गांव का विकास पूरी तरह थम गया है. गांव के हर तबके को इस डिजिटल विफलता का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है:
किसान परेशान: सरकारी योजनाओं, फसल बीमा और सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय मोबाइल पर आने वाले आवश्यक OTP (वन टाइम पासवर्ड) के लिए किसान तरस रहे हैं. OTP न मिलने से उनके सरकारी काम अटक गए हैं.
छात्रों की पढ़ाई चौपट: नेटवर्क न मिलने के कारण गांव के युवाओं और छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल क्लासेज पूरी तरह ठप पड़ी हैं.
ई-मित्र और बैंकिंग सेवाएं ठप: ई-मित्र केंद्रों पर पेंशन, जाति प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं. बैंकिंग से जुड़े सारे लेन-देन और जरूरी ऑनलाइन काम ठप होने से ग्रामीणों को भारी असुविधा हो रही है.
‘नेटवर्क नहीं तो वोट नहीं’ की सीधी चेतावनीडिजिटल युग में नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित ग्रामीणों ने अब स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक गांव में नेटवर्क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता और नया टावर स्थापित नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी चुनाव में मतदान नहीं करेंगे. अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित दूरसंचार विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब संज्ञान लेता है और ग्रामीणों को इस डिजिटल समस्या से कब राहत मिलती है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Tonk,Tonk,Rajasthan
First Published :
August 29, 2026, 09:49 IST



