Rajasthan

Cow Buffalo Pregnancy Care | Cow Buffalo Delivery Care Guide | गाय-भैंस प्रसव देखभाल और पोषण

होमफोटोकृषि

गाय-भैंस देने वाली है बच्चा? प्रसव से पहले कर लें ये तैयारी, बाद में नहीं होगी

Last Updated:September 11, 2026, 10:49 IST

Cow Buffalo Delivery Care Tips: पशुओं में प्रसव एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही पशु और बच्चे के लिए भारी पड़ सकती है. गर्भावस्था के आखिरी महीनों में उचित पोषण, जैसे 15-20 किलो हरा चारा और खनिज लवण देना जरूरी है. प्रसव से 45-60 दिन पहले दूध निकालना बंद कर दें और साफ-सुथरे अलग कमरे की व्यवस्था करें. प्रसव के समय और बाद में साफ-सफाई का ध्यान रखें तथा नवजात को पहला कोलोस्ट्रम दूध जरूर पिलाएं.

पशुओं में प्रसव एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान गाय-भैंस की सही देखभाल बेहद जरूरी होती है. प्रसव से पहले, प्रसव के समय और उसके बाद की गई छोटी सी लापरवाही पशु और नवजात बछड़े या कटड़े के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है. ऐसे में पशुपालकों को प्रसव के दौरान पशु की साफ-सफाई, खान-पान और आराम का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि पशु और नवजात दोनों स्वस्थ रहें.

गर्भावस्था के शुरुआती दौर में पशु को दूध उत्पादन के अनुसार पर्याप्त पोषण देना जरूरी होता है. वहीं गर्भावस्था के आखिरी तीन महीनों में पशु के आहार में करीब 1 से 2 किलो अतिरिक्त आहार शामिल करना चाहिए. इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में खनिज लवण और विटामिन देना भी जरूरी है. आहार में कैल्शियम और फॉस्फोरस सही मात्रा और उचित अनुपात में होना चाहिए. गर्भित पशु को रोजाना करीब 15 से 20 किलो हरा चारा, 4 से 5 किलो सूखा चारा, 2 से 3 किलो संयोजित आहार, 100 ग्राम खनिज लवण मिश्रण और 50 ग्राम नमक दिया जा सकता है.

प्रसव से करीब 45 से 60 दिन पहले गाय का दूध निकालना बंद कर देना चाहिए, ताकि शरीर को अगले प्रसव के लिए तैयार होने का पर्याप्त समय मिल सके. प्रसव के लिए अलग स्थान या कमरा साफ-सुथरा और संक्रमण से मुक्त होना चाहिए. कमरे में पर्याप्त हवा और प्राकृतिक रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए. फर्श पर नरम और साफ बिछावन रखें और उसे समय-समय पर बदलते रहें, ताकि पशु और नवजात को संक्रमण से बचाया जा सके.

Add as Preferred Source on Google

प्रसव का समय नजदीक आने पर पशु में बेचैनी, खाना-पीना कम करना या छोड़ देना, थनों का आकार बढ़ना और दूध आना, बार-बार पेशाब करना, वल्वा में सूजन और गाढ़ा म्यूकस निकलने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. जब पशु जोर लगाने लगे और पानी की थैली दिखाई देने लगे, तो प्रसव का समय बेहद करीब माना जाता है. ऐसे समय में पशु पर लगातार नजर रखना और किसी भी असामान्य स्थिति में पशु चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है.

प्रसव का समय नजदीक आने पर पशु में बेचैनी, खाना-पीना कम करना या छोड़ देना, थनों का आकार बढ़ना और दूध आना, बार-बार पेशाब करना, वल्वा में सूजन और गाढ़ा म्यूकस निकलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. जब पशु जोर लगाने लगे और पानी की थैली दिखाई देने लगे, तो समझना चाहिए कि प्रसव का समय बेहद करीब है. इस दौरान पशु पर लगातार नजर रखना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पशु चिकित्सक की मदद ली जा सके.

प्रसव के बाद गाय को साफ गुनगुना पानी और संतुलित आहार देना चाहिए. पशु के पिछले हिस्से को हल्के गुनगुने पानी और एंटीसेप्टिक से अच्छी तरह साफ करें. इसके बाद गाय के थनों को धोकर पहली 4 से 5 धार दूध बाहर निकाल दें और फिर नवजात बछड़े को मां का पहला दूध यानी कोलोस्ट्रम जरूर पिलाएं. कोलोस्ट्रम नवजात की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के साथ उसकी शुरुआती शारीरिक वृद्धि और विकास के लिए भी बेहद जरूरी होता है.

First Published :

September 11, 2026, 10:49 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj